- रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल टैंकर के बारूदी सुरंग से टकराने की घटना की जानकारी दी
- फरवरी के अंत में ईरान ने होर्मुज जलमार्ग पर नियंत्रण स्थापित कर इसे बंद कर दिया था
- होर्मुज जलडमरूमध्य से विश्व की कुल तेल खपत का लगभग पांचवां हिस्सा गुजरता है
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने शनिवार को बताया कि मध्य-पूर्व में चल रहे युद्ध के बीच, होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) में एक तेल टैंकर बारूदी सुरंग से टकराने के बाद आग की लपटों में घिर गया. फरवरी के आखिर में युद्ध शुरू होने के बाद तेहरान ने होर्मुज पर अपना नियंत्रण कर लिया था, जिससे यह जलमार्ग बंद हो गया. सामान्य तौर पर, दुनिया भर में खपत होने वाले तेल का लगभग पांचवां हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता है.
रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने कहा, "नियमों का उल्लंघन करते हुए, दो मिलियन बैरल से ज्यादा कच्चा तेल ले जा रहा एक सुपरटैंकर होर्मुज जलडमरूमध्य से अवैध रूप से गुजरने की कोशिश कर रहा था. तभी वह एक बारूदी सुरंग से टकरा गया, जिससे जोरदार धमाका हुआ और भीषण आग लग गई."
क्या ये ईरान की चेतावनी
इस बयान में घटना की सटीक जगह के बारे में नहीं बताया गया है. उत्तर में ईरान और दक्षिण में ओमान से घिरा होर्मुज जलडमरूमध्य अपने सबसे संकरे हिस्से में लगभग 30 किलोमीटर (20 मील) चौड़ा है. इस जलमार्ग पर नियंत्रण करने के बाद से, ईरान ने मांग की है कि यहां से गुजरने वाले सभी जहाजों को पहले उससे अनुमति लेनी होगी. गार्ड्स ने आगे कहा, "टैंकर ने अमेरिकी समर्थन से... अपने सभी ट्रैकिंग सिस्टम बंद करके इस जलमार्ग को पार करने की कोशिश की." उन्होंने रात के समय आग की लपटों में घिरे एक जहाज का वीडियो भी जारी किया.
होर्मुज जलडमरूमध्य में तेहरान द्वारा लगाए गए अवरोध के जवाब में, वाशिंगटन ने ईरानी तेल निर्यात पर अपनी नौसैनिक नाकेबंदी लागू कर दी है. इस हफ्ते, गार्ड्स के नौसैनिक कमांडर एडमिरल अली ओजमाई ने चेतावनी दी कि जो भी जहाज अपना नेविगेशन सिस्टम बंद करेगा, उसे "दुश्मन" माना जाएगा.
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