बीजिंग:
भारत और पाकिस्तान के बीच विदेश सचिव स्तर की वार्ता नई दिल्ली में 29 जून को होगी। इस वार्ता से विदेश मंत्री एसएम कृष्णा के जुलाई के मध्य में होने वाले महत्वपूर्ण दौरे की पृष्ठभूमि तैयार होगी।
पाकिस्तान के विदेश सचिव जलील अब्बास जिलानी ने कहा, "मैं 29 जून को होने वाली विदेश सचिव स्तर की वार्ता के लिए नई दिल्ली आ रहा हूं।"
विदेश सचिव स्तर की वार्ता से पहले भारत और पाकिस्तान 11 व 12 जून को विवादित शियाचिन ग्लेशियर तथा 17 व 18 जून को जलभराव वाले क्षेत्र कच्छ के रण स्थित सर क्रीक जल निकाय के मुद्दे पर पिछले वर्ष शुरू की गई वार्ता प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
वार्ता प्रक्रिया फिर से शुरू करने की पहल पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए जिलानी ने पिछले महीने हुए वीजा समझौते पर हस्ताक्षर हो रही देरी को दरकिनार करते हुए कहा कि मसौदा तैयार हो गया है और सिर्फ राजनीतिक स्तर पर हस्ताक्षर होने का इंतजार है।
यह पूछे जाने पर कि बहुप्रतीक्षित वीजा समझौते को लागू किए जाने में क्या कोई अड़चन है, जिलानी ने कहा, "वीजा समझौता लागू होने में कोई अड़चन नहीं है। हम समझते हैं कि राजनीतिक स्तर पर हस्ताक्षर हो जाने चाहिए।"
ज्ञात हो कि वीजा समझौता लागू होने से दोनों देशों के बीच यात्रा आसान हो जाएगी और लोगों का आपसी सम्पर्क बढ़ेगा।
जिलानी शंघाई सहयोग संगठन के सम्मेलन में भाग लेने के लिए राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के साथ बीजिंग आए पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल में शामिल हैं।
पाकिस्तान के विदेश सचिव जलील अब्बास जिलानी ने कहा, "मैं 29 जून को होने वाली विदेश सचिव स्तर की वार्ता के लिए नई दिल्ली आ रहा हूं।"
विदेश सचिव स्तर की वार्ता से पहले भारत और पाकिस्तान 11 व 12 जून को विवादित शियाचिन ग्लेशियर तथा 17 व 18 जून को जलभराव वाले क्षेत्र कच्छ के रण स्थित सर क्रीक जल निकाय के मुद्दे पर पिछले वर्ष शुरू की गई वार्ता प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
वार्ता प्रक्रिया फिर से शुरू करने की पहल पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए जिलानी ने पिछले महीने हुए वीजा समझौते पर हस्ताक्षर हो रही देरी को दरकिनार करते हुए कहा कि मसौदा तैयार हो गया है और सिर्फ राजनीतिक स्तर पर हस्ताक्षर होने का इंतजार है।
यह पूछे जाने पर कि बहुप्रतीक्षित वीजा समझौते को लागू किए जाने में क्या कोई अड़चन है, जिलानी ने कहा, "वीजा समझौता लागू होने में कोई अड़चन नहीं है। हम समझते हैं कि राजनीतिक स्तर पर हस्ताक्षर हो जाने चाहिए।"
ज्ञात हो कि वीजा समझौता लागू होने से दोनों देशों के बीच यात्रा आसान हो जाएगी और लोगों का आपसी सम्पर्क बढ़ेगा।
जिलानी शंघाई सहयोग संगठन के सम्मेलन में भाग लेने के लिए राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के साथ बीजिंग आए पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल में शामिल हैं।