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This Article is From Aug 16, 2025

4 साल की बच्ची का किडनैप, बेटी बनाकर पाला फिर कर ली शादी, 15 साल बाद जो हुआ...कहानी ऐसी कई दिनों तक नहीं आएगी नींद

जुर्म और अपराध वाली कहानी सबसे भयानक होती है. इसमें इंसान कब और कितना वहशी बन जाए, कुछ नहीं कहा जा सकता है. हमारे आस-पास भी कई ऐसी घटनाएं घटती रहती हैं, जो रोंगटे खड़े कर देती है.

4 साल की बच्ची का किडनैप, बेटी बनाकर पाला फिर कर ली शादी, 15 साल बाद जो हुआ...कहानी ऐसी कई दिनों तक नहीं आएगी नींद
kidnapped at 4 raised like daughter: रोंगटे खड़े कर देगी ये सच्ची कहानी
नई दिल्ली:

जुर्म और अपराध वाली कहानी सबसे भयानक होती है. इसमें इंसान कब और कितना वहशी बन जाए, कुछ नहीं कहा जा सकता है. हमारे आस-पास भी कई ऐसी घटनाएं घटती रहती हैं, जो रोंगटे खड़े कर देती है. असली जुर्म और अपराध पर बेस्ड कई फिल्में भी देखने को मिल जाती है, जिसकी कहानी लोगों के पसीने छुड़ा देती है. ऐसी ही एक कहानी है, उस चार साल की बच्ची की, जिसकी जिंदगी और मौत में कोई फर्क नहीं था. जब आप इस कहानी को पढ़कर समाप्त करेंगे तो कई दिनों तक यह कहानी आपके दिलो-दिमाग पर छाए रहेगी.

सच्ची घटना पर आधारित

दरअसल, यहां हम बात कर रहे हैं साल 2022 में आई सच्ची घटना पर आधारित डॉक्यूमेंट्री 'गर्ल इन द पिक्चर' की, जिसे आप नेटफ्लिक्स पर देख सकते हैं. यह प्लेटफॉर्म की ओरिजिनल डॉक्यूमेंट्री फिल्म है. इस फिल्म का निर्देशन स्काई बोर्गमैन ने किया है, जिसे मैट बिर्कबेक की दो बुक ए ब्यूटीफुल चाइल्ड और फाइडिंग शरॉन पर बेस्ड बताया जाता है. यह डॉक्यूमेंट्री एक रहस्यमयी तस्वीर के इर्द-गिर्द घूमती है. इस मिस्टीरियस तस्वीर में एक बच्ची को एक आदमी संग देखा जा रहा है.

क्या है ये दिल दहला देने वाली कहानी?

इस डॉक्यूमेंट्री की कहानी मैरी सेवकिस की खौफनाक कहानी पर बेस्ड है, जिसका बचपन में अपहरण हो जाता है. इस बच्ची का अपहरण फ्रैंकलिन डेलानो फ्लॉयड नामक अपराधी करता है. बच्ची का अपहरण उस वक्त होता है, जब वह महज 4 साल की होती है. यह अपहरणकर्ता पहले तो बच्ची को अपनी बेटी की तरह पालता है, लेकिन जब वह बड़ी हो जाती है तो उससे शादी रचा लेता है. फिर उससे जबरन स्ट्रिपर का काम कराया जाता है और उसका लगातार शोषण होता है, फिर वह डर के साए में जीने लगती है.

कब हुई थी बच्ची की मौत ?

सुजैन (बच्ची) की मौत साल 1990 में हिट एंड रन सड़क हादसे में हुई थी. उस वक्त सुजैन 20 साल की थी. उसकी असल पहचान साल 2014 में होती है, जब एफबीआई और पत्रकारों ने सालों की जांच के बाद यह साबित कर दिया कि उसका साल 1975 में अपहरण हुआ था और वह सुजैन सेवकिस है. इस डॉक्यूमेंट्री रनटाइम 1 घंटे 41 मिनट का है और इसमें सुजैन की अपहरण के बाद से पूरी कहानी को दर्शाया गया है. आईएमडीबी ने इसे 10 में से 7 रेटिंग दी है. अगर आप इस तरह की क्राइम सीरीज और फिल्में देखने के शौकीन हैं, तो आपको इस डॉक्यूमेंट्री को एक बार जरूर देखनी चाहिए.

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