नई दिल्ली:
मुम्बई पर 26/11 आतंकवादी हमले के तीन साल बाद भारत अमेरिका और पाकिस्तान से नौ आरोपियों के प्रत्यर्पण की मांग करेगा। इन आरोपियों में डेविड हेडली भी शामिल है, जिसने अमेरिका के साथ एक समझौता कर लिया है, जिसके तहत अब उसका किसी भी देश को प्रत्यर्पण नहीं किया जा सकता है।
एक सरकारी अधिकारी ने सोमवार को कहा कि समझौते के बाद भी भारत अमेरिका को हेडली और उनके साथ उसके सहयोगी पाकिस्तानी-कनाडाई नागरिक तहव्वुर हुसैन राणा के प्रत्यर्पण के लिए अनुरोध करेगा।
अधिकारी ने कहा कि पाकिस्तान से भी सात अन्य आरोपियों के प्रत्यर्पण के लिए अनुरोध किया जाएगा। इनमें से दो आरोपियों के बारे में माना जाता है कि वे इंटर-सर्विसेज इंटेलीजेंस (आईएसआई) के लिए काम करते हैं।
इनमें सईद, जकी-उर-रहमान लखवी और अलकायदा के सदस्य इलियास कश्मीरी भी शामिल हैं। सरकार के मुताबिक इनका सम्बंध मुम्बई हमले के साथ देश में दूसरे आतंकवादी हमलों से भी है।
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने पिछले महीने मुम्बई हमले में नौ लोगों के खिलाफ आरोप दाखिल किया था। एनआईए के आरोप पत्र में पूर्व पाकिस्तानी सैन्य अधिकारी रहमान हासमी, मेजर इकबाल और मेजर समीर का नाम भी शामिल किया है। इनके बारे में माना जाता है कि ये पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए काम करते हैं।
इन पर भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने का आरोप लगाया गया है।
भारत और पाकिस्तान ने प्रत्यर्पण संधि पर हस्ताक्षर नहीं किया है और कम ही उम्मीद है कि पाकिस्तान आरोपियों का प्रत्यर्पण करेगा।
सरकार का मानना है कि पाकिस्तान की अदालत इस मामले को एक विशेष मामले के तौर पर देखेगी।
एक सरकारी अधिकारी ने सोमवार को कहा कि समझौते के बाद भी भारत अमेरिका को हेडली और उनके साथ उसके सहयोगी पाकिस्तानी-कनाडाई नागरिक तहव्वुर हुसैन राणा के प्रत्यर्पण के लिए अनुरोध करेगा।
अधिकारी ने कहा कि पाकिस्तान से भी सात अन्य आरोपियों के प्रत्यर्पण के लिए अनुरोध किया जाएगा। इनमें से दो आरोपियों के बारे में माना जाता है कि वे इंटर-सर्विसेज इंटेलीजेंस (आईएसआई) के लिए काम करते हैं।
इनमें सईद, जकी-उर-रहमान लखवी और अलकायदा के सदस्य इलियास कश्मीरी भी शामिल हैं। सरकार के मुताबिक इनका सम्बंध मुम्बई हमले के साथ देश में दूसरे आतंकवादी हमलों से भी है।
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने पिछले महीने मुम्बई हमले में नौ लोगों के खिलाफ आरोप दाखिल किया था। एनआईए के आरोप पत्र में पूर्व पाकिस्तानी सैन्य अधिकारी रहमान हासमी, मेजर इकबाल और मेजर समीर का नाम भी शामिल किया है। इनके बारे में माना जाता है कि ये पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए काम करते हैं।
इन पर भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने का आरोप लगाया गया है।
भारत और पाकिस्तान ने प्रत्यर्पण संधि पर हस्ताक्षर नहीं किया है और कम ही उम्मीद है कि पाकिस्तान आरोपियों का प्रत्यर्पण करेगा।
सरकार का मानना है कि पाकिस्तान की अदालत इस मामले को एक विशेष मामले के तौर पर देखेगी।