भारत ने एक बार फिर पाकिस्तान को साफ कर दिया है कि जब तक इस्लामाबाद में बैठी 'नापाक' सरकार सीमा-पार आतंकवाद को अपनी नेशनल पॉलिसी के तौर पर बढ़ावा देती रहेगा, तब तक सिंधु जल संधि रुकी रहेगी. खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते. भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश ने बुधवार, 22 जुलाई को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में पाकिस्तान से कहा कि सिंधु जल संधि पर हमारा रुख साफ और एक जैसा रहा है. जब सीमा-पार आतंकवाद का इस्तेमाल सरकारी नीति के तौर पर लगातार किया जा रहा हो, तो आपसी भरोसे और अच्छी भावना के आधार पर सहयोग की उम्मीद नहीं की जा सकती. साथ ही उन्होंने दोहराया कि पूरा जम्मू- कश्मीर भारत का हिस्सा था, है और रहेगा.
पाकिस्तान ने उठाया मुद्दा, भारत ने दिया तगड़ा जवाब
भारत के प्रतिनिधि पी. हरीश ने इस्लामाबाद को यह कड़ी बात तब याद दिलाई जब पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि आसिम इफ्तिखार अहमद ने 'प्राकृतिक संसाधन प्रशासन: शांति, सुरक्षा और समृद्धि की नींव' पर हुई उच्च-स्तरीय खुली बहस में सिंधु जल संधि और कश्मीर का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान का पूर्वी पड़ोसी एकतरफा और गैर-कानूनी तरीके से सिंधु जल संधि को स्थगित कर रहा है और यह सब जम्मू-कश्मीर विवाद की पृष्ठभूमि में हो रहा है.
-
EU-इंडिया ट्रेड डील ट्रैक पर, साल के अंत तक मुहर मुमकिन-NDTV WORLD Summit में बोले EU राजदूत -
NDTV WORLD SUMMIT : जर्मनी, इटली और यूरोपीय यूनियन के राजदूत ने क्या कुछ कहा -
AI से नहीं खत्म होंगी नौकरियां! टेक दिग्गज Andrew Ng ने बताया क्यों बेवजह है ‘Job Apocalypse’ का डर -
राज्यों के CM के बीच हो CEO जैसी रेस... निखिल कामत ने देश की तरक्की के लिए बताया नया फॉर्मूला -
NDTV वर्ल्ड समिट 2026: अप्रेजल और शादी के जिक्र पर क्या बोले निखिल कामत? -
AI नहीं खा सकता आपकी नौकरी, बस करना होगा ये काम, टेक दिग्गज Andrew Ng ने किया दावा -
NDTV World Summit 2026: भारत की Growth Story पर निखिल कामत का नजरिया, AI को लेकर क्या दी चेतावनी? -
NDTV World Summit 2026:निखिल कामत ने देश की तरक्की के लिए बताया फॉर्मूला, राज्यों के CM के बीच हो CEO जैसी रेस -
कार की सर्विस समय पर कराते हैं, शरीर की क्यों नहीं? लीलावती अस्पताल के ट्रस्टी की काम की सलाह -
क्या AI इस जमाने का असुर है? न्यू यॉर्क वेदांत सोसाइटी के रेजिडेंट मिनिस्टर स्वामी सर्वप्रियानंद ने दिया जवाब
पी. हरीश ने दोहराया कि जम्मू-कश्मीर केंद्र-शासित प्रदेश हमेशा से भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा रहा है, है और रहेगा. उन्होंने कहा, "यह वह संवैधानिक और कानूनी सच्चाई है जिसे पाकिस्तान जान-बूझकर नजरअंदाज करता है... जम्मू-कश्मीर से जुड़ा एकमात्र लंबित मुद्दा पाकिस्तान द्वारा भारत के संप्रभु क्षेत्र पर खुला आक्रमण और गैर-कानूनी कब्जा है."
सुरक्षा परिषद ने 21 अप्रैल 1948 को पारित अपने प्रस्ताव में मांग की थी कि पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर से अपनी सेना और नागरिकों को हटाए, वहां घुसपैठ रोके और राज्य में लड़ रहे लोगों की मदद न करे. पाकिस्तान अपने अंदर नहीं देखता. वह खुद अपने कब्ज़े वाले इलाके में कश्मीरियों के विरोध-प्रदर्शनों को बेरहमी से दबा रहा है और जून के बाद से उसके सुरक्षा बलों ने 30 से ज़्यादा लोगों की जान ली है. सबसे हाल की घटना में, 14 जुलाई को तरारखाल में सुरक्षा बलों ने छह कश्मीरियों को मार डाला.
हरीश ने कहा, "भारत पर उंगली उठाने के बजाय, पाकिस्तान के लिए बेहतर यही होगा कि वह अपने घर को ठीक करे."
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं