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भारत-बांग्लादेश संबंध सुधरने शुरू: बिजनेस, सेना से लेकर शीर्ष राजनीतिक स्तर पर चल रहा संवाद

यूनुस काल से भारत-बांग्लादेश संबंध आगे निकल गए हैं. अब धीरे-धीरे लेकिन संबंधों की मजबूत जमीन तैयार हो रही है. फोटो ऑप्टिक्स की जगह संबंधों को मजबूत आधार दिया जा रहा है. मकसद रिश्तों पर जमी बर्फ को नीचे से ऊपर तक एक साथ पिघलाया जा सके.

भारत-बांग्लादेश संबंध सुधरने शुरू: बिजनेस, सेना से लेकर शीर्ष राजनीतिक स्तर पर चल रहा संवाद
बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त प्रणय वर्मा ने सोमवार को बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान से मुलाकात की.
  • भारत के उच्चायुक्त प्रणय वर्मा ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान से द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा की
  • भारत में बांग्लादेश के उच्चायुक्त ने सेना प्रमुख से मिलकर रक्षा सहयोग को बढ़ावा देने पर विचार किया
  • बांग्लादेश के विदेश मंत्री अप्रैल में भारत की आधिकारिक यात्रा पर नई दिल्ली में महत्वपूर्ण वार्ता करेंगे
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बांग्लादेश और भारत के संबंध एक बार फिर सकारात्मक होते दिख रहे हैं. बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त प्रणय वर्मा ने सोमवार को बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान से शिष्टाचार मुलाकात की. उन्होंने नई दिल्ली और ढाका के बीच संबंधों पर चर्चा की, जिसमें दोनों देशों की राष्ट्रीय विकास प्राथमिकताओं के अनुरूप विभिन्न क्षेत्रों में जन-केंद्रित सहयोग पर विशेष बल दिया गया.

मुलाकात का मकसद

भारतीय उच्चायोग ने X पर एक पोस्ट में बैठक का विवरण साझा करते हुए कहा, "उच्चायुक्त ने बांग्लादेश सरकार और जनता के साथ सकारात्मक, रचनात्मक और दूरदर्शी दृष्टिकोण अपनाते हुए तथा पारस्परिक हित और लाभ के आधार पर मिलकर काम करने की भारत की मंशा व्यक्त की."

उच्चायुक्त ने आगे बताया कि चर्चा में सार्वजनिक स्वास्थ्य, वित्तीय समावेशन, महिला सशक्तिकरण, ग्रामीण विकास, द्विपक्षीय व्यापार और निवेश, व्यापार करने में सुगमता, प्रौद्योगिकी साझेदारी और बिजली एवं ऊर्जा सहयोग सहित कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया गया. उच्चायुक्त ने इस बात पर जोर दिया कि भारत-बांग्लादेश सहयोग को भौगोलिक निकटता का लाभ उठाकर आर्थिक और संपर्क संबंधों को मजबूत करते हुए तथा सांस्कृतिक और जन-जन आदान-प्रदान को बढ़ाकर नए अवसरों में परिवर्तित करना चाहिए.उच्चायुक्त ने आपसी हित और पारस्परिक लाभ के आधार पर बांग्लादेश सरकार और जनता के साथ सकारात्मक, रचनात्मक और भविष्योन्मुखी तरीके से मिलकर काम करने के भारत के इरादे को व्यक्त किया.

सेना से भी संपर्क बढ़ा

3 अप्रैल को, भारत में बांग्लादेश के उच्चायुक्त रियाज हामिदुल्लाह ने सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी के साथ रक्षा सहयोग पर वार्ता की. हामिदुल्लाह और जनरल द्विवेदी ने संयुक्त प्रशिक्षण पहलों सहित द्विपक्षीय रक्षा सहयोग बढ़ाने पर विचार-विमर्श किया. X पर एक पोस्ट में, भारतीय सेना के अतिरिक्त लोक सूचना महानिदेशालय (ADGPI) ने कहा, "भारत में बांग्लादेश के उच्चायुक्त महामहिम एम. हामिदुल्लाह ने सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी से मुलाकात की. इस मुलाकात के दौरान, उन्होंने संयुक्त प्रशिक्षण पहलों सहित द्विपक्षीय रक्षा सहयोग बढ़ाने पर विचार-विमर्श किया. उन्होंने क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गहन सहयोग के अवसरों का भी पता लगाया."

इससे पहले 27 मार्च को, केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने भारत-बांग्लादेश संबंधों की अटूट मजबूती पर जोर देते हुए, इस साझेदारी को रणनीतिक और जन-केंद्रित तथा लचीला एवं भविष्योन्मुखी बताया. उन्होंने बांग्लादेश के 56वें ​​स्वतंत्रता दिवस और राष्ट्रीय दिवस के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय राजधानी स्थित बांग्लादेश उच्चायोग में आयोजित राष्ट्रीय दिवस स्वागत समारोह में अपने संबोधन में यह बात कही. 

बांग्लादेश के विदेश मंत्री भी आ रहे

यही नहीं बांग्लादेश के नए विदेश मंत्री खलीलुर रहमान 7 और 8 अप्रैल 2026 को अपनी पहली आधिकारिक भारत यात्रा पर नई दिल्ली पहुंच रहे हैं. बांग्लादेश के सूत्रों ने एनडीटीवी को बताया कि इस यात्रा को ऐसे समय में एक स्थायी राजनीतिक संबंध और दोनों देशों के लिए फायदेमंद द्विपक्षीय संबंध की नींव रखने के रूप में देखा जा रहा है. खालिलुर रहमान ने बांग्लादेश के अखबार डेली प्रोथम आलो से कहा, “मैं इंडियन ओशन कॉन्फ्रेंस में जाने से पहले भारत जा रहा हूं. दिल्ली की यात्रा के दौरान मैं भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर और कई अन्य महत्वपूर्ण सरकारी प्रतिनिधियों से मिलूंगा. बातचीत का मुख्य विषय दोनों देशों के रिश्तों का भविष्य होगा. हम भारत के साथ आपसी सम्मान, गरिमा और हितों के आधार पर सामान्य संबंध चाहते हैं.”

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तारिक रहमान ने दिया था संकेत

पाकिस्तान की छाया से निकलने का संकेत बांग्लादेश नरसंहार दिवस पर ही मिल गया था. यह दिवस 1971 से हर साल 25 मार्च को मनाया जाता है. बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने इस अवसर पर याद किया कि कैसे पाकिस्तान ने “ऑपरेशन सर्चलाइट” के नाम पर बांग्लादेशियों की हत्या की थी. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा, “25 मार्च 1971 को नरसंहार दिवस के रूप में मनाया जाता है. नरसंहार दिवस के अवसर पर मैं सभी शहीदों को अपनी गहरी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं. स्वतंत्रता-प्रेमी बांग्लादेश के इतिहास में 25 मार्च 1971 सबसे शर्मनाक और क्रूर दिनों में से एक है. उस काली रात में पाकिस्तानी कब्जा करने वाली सेना ने ‘ऑपरेशन सर्चलाइट' के नाम पर निहत्थे बांग्लादेशी लोगों के खिलाफ इतिहास के सबसे भयानक नरसंहारों में से एक को अंजाम दिया.”

संकट में भारत आया बांग्लादेश के काम

अब तो दोनों देशों के बीच ईरान युद्ध के दौरान सबसे महत्वपूर्ण हो चले पेट्रोल-डीजल कारोबार को लेकर भी सहमति बन गई. बांग्लादेश अप्रैल तक भारत से अतिरिक्त 45,000 टन डीजल आयात करेगा. इस बात की जानकारी बांग्लादेश पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (बीपीसी) के महाप्रबंधक (वाणिज्यिक एवं संचालन) मोहम्मद मुर्शीद हुसैन आजाद ने दी थी. उन्होंने एएनआई को फोन पर बताया था, “हाल ही में भारत से 5,000 टन डीजल बांग्लादेश पहुंचा है, और हमें 18 या 19 मार्च के आसपास भारत से 5,000 टन डीजल और प्राप्त होगा. हमें भारत से अतिरिक्त 40,000 टन डीजल आयात करने का प्रस्ताव मिला है. प्रक्रियात्मक कार्य पूरा होने के बाद - यानी एलसी खोलने और अन्य औपचारिकताओं के बाद - यह 40,000 टन डीजल भी अप्रैल तक बांग्लादेश पहुंच जाएगा.”
 

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