अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 'बोर्ड ऑफ पीस' के पहले ग्रुप की औपचारिक घोषणा कर दी है. अंतरराष्ट्रीय संघर्षों के समाधान की दिशा में इसे एक बड़ा कदम बताया जा रहा है. ट्रंप ने इस मौके पर दावा किया कि हर कोई इसका हिस्सा बनना चाहता है. उन्होंने उन आशंकाओं पर भी बात की, जिनमें कहा जा रहा है कि ये नया निकाय संयुक्त राष्ट्र की जगह ले सकता है. ट्रंप ने कहा कि हम संयुक्त राष्ट्र समेत तमाम अन्य संगठनों के साथ मिलकर काम करेंगे.
भारत-पाक संघर्ष से रूस-यूक्रेन युद्ध तक का जिक्र
ट्रंप ने एक बार फिर से भारत और पाकिस्तान के संघर्ष का जिक्र किया और कहा कि पिछले कुछ समय में हमने 8 युद्ध रोके हैं. एक युद्ध तो बहुत जल्द होने की आशंका है. उन्होंने रूस-यूक्रेन का जिक्र करते हुए कहा कि हम इसे सबसे आसान समझ रहे थे, लेकिन ये संभवतः सबसे मुश्किल जंग साबित होने वाली है. पिछले महीने 29 हजार लोग मारे गए थे, जिनमें ज्यादातर सैनिक थे. उससे पहले के महीनों में भी हजारों सैनिक इस जंग की भेंट चढ़ गए. ये बहुत खौफनाक है.

ट्रंप ने कहा कि युद्ध रोकने के लिए कई बैठकें हुई हैं. इसमें शामिल लोगों ने अच्छा काम किया है. वो शांति कायम करने के लिए प्रयास कर रहे हैं. मैं उन्हें धन्यवाद देता हूं. उन्होंने बोर्ड ऑफ पीस के पहले ग्रुप की घोषणा करते हुए कहा कि इसमें शामिल कई देशों के नेता बहुत लोकप्रिय हैं तो कुछ ज्यादा चर्चित नहीं हैं.
ट्रंप की बोर्ड ऑफ पीस की 'टीम 20' में कौन-कौन
बहरीन, मोरक्को, अर्जेंटीना, आर्मेनिया, अजरबैजान, बुल्गारिया, हंगरी, इंडोनेशिया, जॉर्डन, कजाकिस्तान, कोसोवो, पाकिस्तान, पराग्वे, कतर, सऊदी अरब, तुर्की, संयुक्त अरब अमीरात, उज्बेकिस्तान, मंगोलिया. बोर्ड ऑफ पीस की घोषणा के दौरान उपस्थित राष्ट्र प्रमुखों में अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर माइली, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबिआंतो, पराग्वे के रूढ़िवादी राष्ट्रपति सैंटियागो पेना, उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, आर्मेनियाई प्रधानमंत्री निकोल पशिनयान और अजरबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव शामिल थे.
गाजा युद्ध पर ट्रंप क्या बोले?
ट्रंप ने गाजा युद्ध के बारे में कहा कि युद्ध अब खत्म हो रहा है लेकिन कुछ छोटी छोटी चिंगारियां उठ रही हैं, जिन्हें बुझाया जाना बाकी है. उन्होंने चेतावनी दी कि हमास को अपने हथियार डाल देने चाहिए वरना यह उसका अंत होगा. अमेरिकी राष्ट्रपति ने आखिरी बंधक का शव भी इजरायल को लौटाने के लिए कहा. उन्होंने कहा कि इजरायल और हमास के बीच संघर्षविराम के अच्छे नतीजे सामने आए हैं. अब लोगों के भूखे मरने की खबरें आप नहीं सुन रहे होंगे. अब जब बोर्ड ऑफ पीस बन गया है, तो हम और भी ज्यादा काम करेंगे. हम यूएन के साथ मिलकर काम करने जा रहे हैं.
यूएन के बारे में कही बड़ी बात
उन्होंने संयुक्त राष्ट्र की तारीफ की और कहा कि उसमें असीम संभावनाएं हैं, साथ ही ये भी कहा कि वह उम्मीदों पर पूरी तरह खरा नहीं उतरा है. बोर्ड दुनिया के सुरक्षित भविष्य प्रदान करने के लिए यूएन के साथ मिलकर काम करेंगे. आप सभी अपनी नजरों के सामने ऐसा होता हुआ देखेंगे. इससे दशकों की परेशानियां खत्म हो सकेंगी.
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