- ट्रंप ने बताया कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो और उनकी पत्नी को ऐसे घर से पकड़ा गया जो किले से कम नहीं था
- रिपोर्टों के मुताबिक, वेनेजुएला सरकार में CIA का एक उच्च पदस्थ एजेंट था, जिसने पल-पल की जानकारी मुहैया कराई
- अगस्त से ही CIA के एजेंट वेनेजुएला में एक्टिव हो गए थे, जिन्होंने मादुरो के हर मूवमेंट की डिटेल जुटाई
अमेरिका में वेनेजुएला में 'सर्जिकल स्ट्राइक' करके राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया और अब उन्हें युद्धपोत के जरिए न्यूयॉर्क लाया जा रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे द्वितीय विश्व युद्ध के बाद सबसे शानदार हमला करार दिया. खास बात ये है कि ऑपरेशन मिड नाइट हैमर के जरिए अंजाम दिए गए इस मिशन में अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA के एक जासूस ने अहम भूमिका निभाई थी.
किले जैसे घर से पकड़े गए राष्ट्रपति मादुरो
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ऑपरेशन मिड नाइट हैमर की जानकारी देते हुए कहा कि मादुरो और उनकी पत्नी को ऐसे घर से पकड़ा गया जो किसी किले से कम नहीं था और राजधानी कराकास के बीचोंबीच स्थित था. अमेरिकी सैनिक भारी-भरकम 'ब्लोटॉर्च' के साथ तैयार थे ताकि स्टील के मोटे दरवाजों को काटा जा सके, लेकिन मदुरो को सुरक्षित घेरे तक पहुंचने से पहले ही दबोच लिया गया. यह ऑपरेशन इतना गोपनीय और सटीक था कि खुद मादुरो को संभलने तक का मौका तक नहीं मिला.
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मादुरो सरकार में मौजूद CIA एजेंट ने की जासूसी
बताया जा रहा है कि अमेरिकी सरकार के इस महत्वपूर्ण मिशन को सबसे घातक डेल्टा फोर्स यूनिट ने अंजाम दिया. बीबीसी और न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इस मिशन की कामयाबी के पीछे टेक्निकल सर्विलांस से कहीं ज्यादा मानवीय इंटेलिजेंस का हाथ था. रिपोर्टों के मुताबिक, वेनेजुएला सरकार के अंदर अमेरिकी सीआईए का एक उच्च पदस्थ सूत्र मौजूद था, जिसने अमेरिका को पल-पल की जानकारी मुहैया कराई.
CIA के जासूस ने दी पल-पल की खबर
खबरों के मुताबिक, अगस्त के महीने से ही CIA के अधिकारी वेनेजुएला में खुफिया तरीके से एक्टिव हो गए थे. उन्होंने मादुरो के हर मूवमेंट यहां तक कि रोजाना की दिनचर्या, उनके उठने-बैठने के वक्त तक का डेटा तैयार किया. इसमें अमेरिका के स्टील्थ ड्रोन्स (जासूस ड्रोन) ने भी बड़ी भूमिका निभाई, जो आसमान से लगातार नजर बनाए हुए थे.
मादुरो पर रखा था 400 करोड़ का इनाम
अमेरिका ने मादुरो पर 50 मिलियन डॉलर (करीब 400 करोड़ रुपये से अधिक) का इनाम घोषित कर रखा था. माना जा रहा है कि इसी इनाम ने सीक्रेट एजेंट को जानकारी देने के लिए प्रेरित किया होगा. इंटेलिजेंस अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने मादुरो को 'वायर' कर रखा था यानी उनके सुरक्षा कवच में सेंध लगा रखी थी. इसने राष्ट्रपति मादुरो को पकड़वाने में अहम भूमिका निभाई.
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