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सऊदी अरब पर फिर हूती विद्रोहियों का हमला! आभा से ताइफ तक दागीं मिसाइलें और ड्रोन

सऊदी अरब की एक अहम तेल पाइपलाइन पर पिछले हफ्ते हमला हुआ था. उसकी मरम्मत में तीन से पांच हफ्ते लग सकते हैं, जिससे वह ज्यादातर समय बंद रहेगी. तेल के दाम पहले ही 2 प्रतिशत बढ़ गए हैं और जैसे-जैसे सऊदी पर संकट बढ़ेगा, तेल बाजार में संकट गहराता जाएगा.

सऊदी अरब पर फिर हूती विद्रोहियों का हमला! आभा से ताइफ तक दागीं मिसाइलें और ड्रोन
सऊदी अरब पर फिर हूती विद्रोहियों का हमला (फाइल फोटो)
  • ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के दक्षिणी हिस्सों में बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से कई हमले किए
  • इन हमलों में 13 आम नागरिक घायल हुए और सात घरों तथा दो गाड़ियों को नुकसान पहुंचा है
  • हूती विद्रोहियों ने लाल सागर के रणनीतिक द्वीपों पर कब्जा कर समुद्री शिपिंग मार्ग पर नियंत्रण मजबूत किया है

ईरान के समर्थन वाले और यमन में बसे हूती विद्रोही सुपर एक्टिव हो गए हैं और सऊदी अरब को निशाने पर ले रहे हैं. हूतियों ने एक बार फिर सऊदी अरब पर धावा बोला है. मंगलवार को सऊदी के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने बताया कि हूती विद्रोहियों ने बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल करके दक्षिणी सऊदी अरब में कई हमले किए, जिनमें 13 आम नागरिक घायल हो गए.

 इस गठबंधन के एक प्रवक्ता ने X पर लिखा कि सोमवार, 14 सितंबर 2026 को मिलिशिया ने सऊदी अरब के खमीस मुशेत, आभा और ताइफ शहरों में आम नागरिकों के ठिकानों पर कई बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से हमले कि.। इन हमलों में 13 आम नागरिकों को मामूली से लेकर मध्यम स्तर की चोटें आईं और सात घरों व दो गाड़ियों को नुकसान पहुंचा.

कंट्रोल के साथ पांव पसार रहे हूती, सऊदी का तेल पाइपलाइन बंद 

हूती विद्रोहियों ने दक्षिणी लाल सागर (रेड सी) में रणनीतिक रूप से अहम ग्रेटर और लेसर हनिश द्वीपों पर कब्जा कर लिया है. इससे इन विद्रोहियों की समुद्री शिपिंग के एक अहम रास्ते पर नियंत्रण करने की क्षमता और मजबूत हो गई है. यमन में ईरान समर्थित इन विद्रोहियों और सरकारी बलों के बीच हालिया लड़ाई में सैकड़ों लोग मारे गए हैं और हजारों लोग विस्थापित हुए हैं.

इस बीच, दो क्षेत्रीय अधिकारियों ने बताया कि सऊदी अरब की एक अहम तेल पाइपलाइन, जिस पर पिछले हफ्ते हमला हुआ था, उसकी मरम्मत में तीन से पांच हफ्ते लग सकते हैं, जिससे वह ज्यादातर समय बंद रहेगी. इससे  दुनिया के सबसे बड़े एक्सपोर्टर की कच्चा तेल बाजार तक पहुंचाने की क्षमता पर बहुत बड़ा असर पड़ा है.

दुनिया भर में पेट्रोलियम सप्लाई को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच तेल की कीमतों में 2% से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है. ईरान के साथ चल रहे तनाव की वजह से सऊदी अरब को अपना एक्सपोर्ट पर्शियन गल्फ से हटाकर दूसरी तरफ करना पड़ा है, क्योंकि ईरानी हमलों ने गल्फ से बाहर निकलने के एकमात्र रास्ते, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होने वाली शिपिंग को रोक दिया है.

इसलिए, सऊदी अरब ने अपने कच्चे तेल के प्रोडक्शन को गल्फ के बंदरगाहों से रेड सी पर स्थित यानबू बंदरगाह तक पहुंचाने के लिए ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन पर भरोसा किया है. यह सऊदी में 1,200 किलोमीटर (745 मील) तक फैली हुई है. वहां से इसे एक्सपोर्ट के लिए टैंकरों में भरा जा सकता है. लेकिन गुरुवार को हुए एक हमले के बाद अधिकारियों को पाइपलाइन बंद करनी पड़ी. सऊदी अरब ने इस हमले के लिए इराक में ईरान समर्थित मिलिशिया के ड्रोन को जिम्मेदार ठहराया है.

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