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पूर्व तालिबान कमांडर को 42 साल की जेल, अमेरिकी सैनिकों की हत्या और पत्रकार के अपहरण का था आरोप

तालिबान कमांडर हाजी नजीबुल्लाह लंबे वक्त तक छिपता रहा. इसके बाद उसे यूक्रेन से गिरफ्तार किया गया था. इसके बाद साल 2020 में उसे कानूनी कार्रवाई के लिए अमेरिका प्रत्यर्पित किया गया.

पूर्व तालिबान कमांडर को 42 साल की जेल, अमेरिकी सैनिकों की हत्या और पत्रकार के अपहरण का था आरोप
नजीबुल्लाह ने नवंबर 2008 में 'न्यूयॉर्क टाइम्स' के जाने-माने पत्रकार डेविड रोड का अफगानिस्तान से अपहरण कर लिया था.
AFP

अमेरिकी सैनिकों की हत्या और एक अमेरिकी पत्रकार के अपहरण के मामले में अमेरिका की एक अदालत ने पूर्व अफगान तालिबान कमांडर को 42 साल जेल की सख्त सजा सुनाई है. इस खूंखार कमांडर पर साल 2008 में अमेरिकी सैनिकों पर घातक हमला करने और 'न्यूयॉर्क टाइम्स' के पत्रकार का अपहरण करने का गंभीर आरोप था. न्याय विभाग ने साफ कर दिया है कि अमेरिकी नागरिकों को नुकसान पहुंचाने वाले आतंकवादियों को दुनिया के किसी भी कोने से ढूंढकर सजा दी जाएगी.

दोषी पाए गए इस तालिबान कमांडर का नाम हाजी नजीबुल्लाह (उम्र 50 वर्ष) है. नजीबुल्लाह पर आरोप था कि उसके नेतृत्व वाले लड़ाकों ने जून 2008 में घात लगाकर एक बड़ा हमला किया था. इसमें तीन अमेरिकी सैनिक और एक अफगानी इंटरप्रेटर मारे गए थे. इसके अलावा, उसी साल नवंबर में उसने अपने साथियों के साथ मिलकर एक अमेरिकी पत्रकार और दो अफगान नागरिकों का अपहरण भी किया था.

यूक्रेन में हुआ था गिरफ्तार

तालिबान कमांडर हाजी नजीबुल्लाह सालों तक कानून की नजरों से बचता रहा, लेकिन आखिरकार वह पकड़ा गया. उसे यूक्रेन में गिरफ्तार किया गया था. इसके बाद साल 2020 में उसे कानूनी कार्रवाई के लिए अमेरिका प्रत्यर्पित किया गया. अमेरिकी अदालत में चले लंबे मुकदमे के बाद पिछले साल नजीबुल्लाह ने अपना गुनाह कबूल कर लिया था.

उसने अदालत के सामने कबूला था कि वह बंधक बनाने और आतंकवाद के लिए वित्तीय और अन्य सहायता देने की गतिविधियों में शामिल था. अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, उसके कबूलनामे के बाद ही अब उसे यह लंबी सजा सुनाई गई है.

'न्यूयॉर्क टाइम्स' के पत्रकार का किया था अपहरण

नजीबुल्लाह ने नवंबर 2008 में 'न्यूयॉर्क टाइम्स' के जाने-माने पत्रकार डेविड रोड का अफगानिस्तान से अपहरण कर लिया था. उस वक्त डेविड रोड के साथ उनका एक स्थानीय अनुवादक और एक ड्राइवर भी मौजूद था.

अखबार ने पत्रकार की जान को खतरे में पड़ने से बचाने के लिए इस अपहरण की खबर को पूरी तरह से गुप्त रखा था और मीडिया में आने नहीं दिया. लगभग सात महीने तक बंधक रहने के बाद, जून 2009 में डेविड रोड किसी तरह नजीबुल्लाह और उसके आतंकियों के चंगुल से जिंदा भागने में सफल रहे थे.

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