विज्ञापन

क्या भारत पर लगा 18% टैरिफ खत्म होगा, वसूला टैक्स लौटाएगा अमेरिका? US सुप्रीम कोर्ट का फैसला समझिए

US Supreme Court order's impact on Trump's Tariff: अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को तगड़ा झटका देते हुए इमरजेंसी आधार पर देशों पर लगाए गए भारी-भरकम टैरिफ को खारिज कर दिया है.

क्या भारत पर लगा 18% टैरिफ खत्म होगा, वसूला टैक्स लौटाएगा अमेरिका? US सुप्रीम कोर्ट का फैसला समझिए
  • ट्रंप ने जिस इमरजेंसी आधार पर दुनिया के देशों पर टैरिफ लगाए थे, सुप्रीम कोर्ट ने उसे खारिज कर दिया है
  • सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अमेरिकी कंपनियां वसूला गया एक्स्ट्रा टैरिफ लौटाने की मांग कर सकती हैं
  • ट्रंप एग्जिक्यूटिव ऑर्डर से सुप्रीम कोर्ट का फैसला नहीं पलट सकते, ऐसे में वो संसद का रुख कर सकते हैं
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को तगड़ा झटका दिया है. ट्रंप ने जिस इमरजेंसी आधार पर दुनिया भर के देशों पर भारी-भरकम टैरिफ लगाए थे, सुप्रीम कोर्ट ने उसे खारिज कर दिया है. इस फैसले के बाद सवाल उठ रहा है कि ट्रंप ने जिन देशों पर टैरिफ लगाए थे, क्या वो खत्म हो जाएंगे. ट्रंप ने टैरिफ के तौर पर जो रकम वसूली है, क्या वो उन्हें लौटानी होगी? आइए समझते हैं.

इमरजेंसी टैक्स लगाने का सिर्फ संसद को अधिकार

अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से ट्रंप टैरिफ पर अपना फैसला सुनाया है. कोर्ट ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने 1977 के जिन इमरजेंसी अधिकारों (IEEPA - इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनोमिक पावर्स एक्ट) का इस्तेमाल करके ये टैरिफ लगाए थे, उसका उन्हें अधिकार ही नहीं था. ये अधिकार उन्हें सिर्फ राष्ट्रीय इमरजेंसी के दौरान मिलते हैं. कोर्ट ने कहा कि टैरिफ या टैक्स लगाने या हटाने का अधिकार सिर्फ अमेरिकी संसद यानी कांग्रेस को है. 

भारत पर पहले 50%, अब 18% टैरिफ

ट्रंप ने दुनिया के लगभग हर देश पर टैरिफ लगाए हैं. इनमें से भारत और ब्राजील पर सबसे ज्यादा 50 पर्सेंट टैरिफ थोपा था. इसमें से आधा टैरिफ उन्होंने रूस से तेल खरीदने पर भारत के ऊपर लगाया था. हालांकि भारत द्वारा रूस से कम तेल खरीदने और भारत-अमेरिका ट्रेड डील के मद्देनजर कुछ दिन पहले ही ट्रंप ने ये टैरिफ घटाकर 18 पर्सेंट करने की घोषणा की है. 

देखें- ट्रंप टैरिफ को यूएस सुप्रीम कोर्ट का रेड सिग्नल, जानें - अमेरिकी राष्ट्रपति के पास क्या हैं विकल्प?

175 अरब डॉलर से ज्यादा टैरिफ वसूला!

दुनिया के देशों पर ट्रंप द्वारा टैरिफ थोपे जाने के बाद अमेरिका ने कितना टैरिफ वसूला, इसके आंकड़े अमेरिकी सरकार ने 14 दिसंबर के बाद से देना बंद कर दिया है. हालांकि पेन व्हार्टन बजट मॉडल के अर्थशास्त्रियो का अनुमान है कि इमरजेंसी अधिकारों के तहत लगाए गए टैरिफ की बदौलत ट्रंप ने 175 बिलियन डॉलर (करीब 15 लाख करोड़ रुपये) जुटा लिए हैं. अब जबकि सुप्रीम कोर्ट ने ये टैरिफ खारिज कर दिए हैं तो ये रकम लौटानी पड़ सकती है. हालांकि इसमें भी पेच है. 

एक्सपर्ट्स का कहना है कि ये टैरिफ अमेरिका में आयात होने वाली वस्तुओं पर लगाए गए हैं. ऐसे में इन बढ़े हुए टैरिफ का ज्यादातर बोझ विदेशी एक्सपोर्टर्स पर नहीं बल्कि अमेरिकी कंपनियों पर ही पड़ा है, जो विदेशों से माल आयात करती हैं. ऐसे में वो अपना एक्स्ट्रा टैरिफ लौटाने की मांग कर सकते हैं. हालांकि ये इतना आसान नहीं होगा, ये लंबी कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया में उलझ सकते हैं. हालांकि जो टैरिफ सेक्शन 232 और सेक्शन 301 के तहत लगाए गए, वो कायम रहेंगे. 

ये रास्ता भी अपना सकते हैं ट्रंप

अमेरिका में सुप्रीम कोर्ट के आदेश को राष्ट्रपति ट्रंप एग्जिक्यूटिव ऑर्डर से जरिए पलट नहीं सकते. ऐसे में वो दूसरे रास्ते अपना सकते हैं, जिसमें संसद में जाकर टैरिफ को वैध बनाने वाला बिल पास करवाने का प्रयास कर सकते हैं. हालांकि वो इसमें कामयाब हो पाते हैं या नहीं, ये देखने की बात होगी क्योंकि ट्रंप की पार्टी के कई रिपब्लिकन सांसद भी इन टैरिफ के विरोध में हैं. 

टैरिफ वापसी में ट्रेड डील का पेच 

भारत समेत दुनिया भर के देशों पर ट्रंप सरकार द्वारा लगाए टैरिफ खत्म होंगे या नहीं, भारत से वसूले गए एक्स्ट्रा टैरिफ और इस वक्त लगे 18 फीसदी अमेरिकी टैरिफ का क्या होगा, इसे लेकर फिलहाल स्थिति साफ नहीं है. जानकारों का मानना है कि इसके लिए भारत और अमेरिका के बीच हुई डील की शर्तों को समझना होगा. अगर दो देशों की सहमति से टैरिफ लगे होंगे तो उनमें कटौती का रास्ता मुश्किल हो सकता है. 

ये भी देखें- ट्रंप का टैरिफ गैर-कानूनी, US सुप्रीम कोर्ट ने दिया अमेरिकी राष्ट्रपति को बड़ा झटका

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com