- डोनाल्ड ट्रंप ने UN महासभा में आठ युद्ध खत्म करने का झूठा दावा किया जबकि कई संघर्ष जारी हैं या थे ही नहीं
- ट्रंप ने जलवायु परिवर्तन की गंभीर चेतावनियों का मजाक उड़ाया और ग्लोबल वार्मिंग को लेकर झूठ बोले
- विशेषज्ञ ट्रंप के अमेरिकी हथियार भंडार बढ़ने के दावे को खारिज करते हैं और बताते हैं कि हथियारों की कमी हो रही
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को जब संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के पोडियम पर पहुंचे तो उसे अपनी शेखी बघारने का मंच बना लिया. डोनाल्ड ट्रंप ने अपने 37 मिनट के भाषण में दुनिया भर के नेताओं के सामने अपनी सरकार की तारिफ के पुल बांधे, ईरान को धरती से हमेशा हमेशा के लिए खत्म करने की धमकी दी, AI की चुनौतियों को धता बताया और पाकिस्तान के पीएम पर दिल छिड़का. कमाल की बात है कि भले ट्रंप ज्यादातर पर्ची से पढ़कर भाषण दे रहे थे लेकिन उसमें कई झूठे दावे थे. चलिए आपको भी बताते हैं कि फैक्ट चेक में क्या सामने आया है.
शांतिदूत दिखाने के चक्कर में पुराना झूठ फिर दोहराया
ट्रंप ने खुद को शांति का मसीहा दिखाने के लिए फिर से वही झूठ बोला, जिसका पर्दाफाश दुनिया के सामने कई बार हो चुका है. ट्रंप ने कहा कि जब से मैंने पद संभाला है, आठ युद्धों को खत्म करना मेरे लिए बहुत सम्मान की बात रही है. उन्होंने फिर नाम लेकर कहा कि वे कंबोडिया और थाईलैंड, कोसोवो और सर्बिया, रवांडा और डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो, भारत और पाकिस्तान, आर्मेनिया और अजरबैजान के साथ साथ गाजा युद्ध. इसके अलावा उन्होंने पिछले साल इजरायल और ईरान के बीच हुई छोटी सी लड़ाई और मिस्र और इथियोपिया के बीच कथित युद्ध को खत्म करने का दावा पहले ही किया था.
AI को प्यार दिखाने के लिए जलवायु पर बोला झूठ
हाल में ट्रंप का AI के लिए प्यार दुनिया के सामने आया है. यहां ट्रंप ने उसे एक कदम और आगे बढ़ाया. महासभा में ट्रंप ने उन गंभीर चेतावनियों का मजाक उड़ाया जिनमें कहा गया था कि AI आगे चलकर लोगों को मार सकता है. उन्होंने कहा कि ये बातें "उन्हीं लोगों की तरफ से आ रही हैं जिन्होंने कहा था कि ग्लोबल वार्मिंग की वजह से 12 साल में हम सब मर जाएंगे. लेकिन यह एक ऐसा नाम है जिसे बाद में क्लाइमेट चेंज कर दिया गया क्योंकि धरती गर्म नहीं, बल्कि ठंडी हो रही थी और कोई मरा भी नहीं."
लेकिन सच्चाई क्या है? CNN की रिपोर्ट के अनुसार ट्रंप के दावे से इतर ‘ग्लोबल वार्मिंग' शब्द खत्म नहीं हुआ है. वैज्ञानिक आज भी इसका इस्तेमाल करते हैं. धरती ठंडी नहीं हो रही, पिछले 11 साल रिकॉर्ड के सबसे गर्म 11 साल रहे हैं. मौजूदा वक्त में जलवायु परिवर्तन जानलेवा है, इसके कारण लाखों मौतों का अनुमान है. सच्चाई यह है कि वैज्ञानिकों ने यह नहीं कहा था कि 12 साल में सब मर जाएंगे. 2018 में आई यह चेतावनी उत्सर्जन घटाने की समयसीमा को लेकर थी. आज भी 1.5°C की सीमा खतरे में है. UN के मुताबिक यह सीमा अगले कुछ वर्षों में पार हो सकती है.
ईरान जंग का किया बचाव और हथियारों पर बोल दिया झूठ
ट्रंप ने यहां कहा कि अमेरिका के पास जरूरत से कहीं ज्यादा गोला-बारूद है, और हम इसे इतनी बड़ी मात्रा में बना रहे हैं, जितना पहले कभी नहीं किया. लेकिन अमेरिकी मीडिया में छपी रिपोर्ट और एक्सपर्ट इस दावे का खंडन करते हैं. अमेरिकी सेना, नाटो और मध्य पूर्व के अधिकारियों के अनुसार हथियारों का भंडार कम हो रहा है, और डिफेंस एक्सपर्ट्स का कहना है कि अमेरिका के लिए हथियार बनाने वाले कॉन्ट्रैक्टर्स को टॉमहॉक क्रूज मिसाइलों के साथ-साथ पैट्रियट और THAAD मिसाइल इंटरसेप्टर की सप्लाई फिर से पूरी करने में कई साल लगेंगे.
तेल पर भी झूठ
ट्रंप ने कहा कि जब हम अमेरिका और वेनेजुएला को मिलाते हैं, तो दुनिया का 60% से ज्यादा तेल हमारे पास होता है. लेकिन ट्रंप के आंकड़े सच्चाई से मेल नहीं खाते. अगस्त के आखिर में हुई एक डील के तहत, अमेरिका ने एक जॉइंट वेंचर किया है. इससे उसे वेनेजुएला के 17 ऑयल फील्ड्स के लिए 100 साल के अधिकार मिल गए हैं, जिनमें 65 अरब बैरल तेल का पक्का रिजर्व है. अनुमान है कि वेनेजुएला में कुल मिलाकर 303 अरब बैरल से ज्यादा कच्चा तेल मौजूद है. इस डील से अमेरिका के तेल भंडार में 46 अरब बैरल की भारी बढ़ोतरी हुई. लेकिन अमेरिका और वेनेजुएला का कुल तेल दुनिया के लगभग 1.6 ट्रिलियन बैरल तेल भंडार का सिर्फ 22% ही होता है.
यह भी पढ़ें: ईरान पर बोल रहे थे ट्रंप, तभी UN महासभा से ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने कर दिया वॉकआउट
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं