दूसरे देशों में मौजूद ईरानी दूतावासों ने सोशल मीडिया पर अमेरिका के खिलाफ अलग तरह का मीम्स वॉर झेड़ रखा है. एक बार फिर इन्हें अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का मजाक उड़ाने का मौका मिल गया है. वजह यह है कि ट्रंप ने हाल ही में AI से बनी एक तस्वीर पोस्ट की थी, जिसमें वह खुद को ईसा मसीह जैसा दिखा रहे थे. अब ईरान ने उस वायरल तस्वीर का एक बदला हुआ वर्जन शेयर किया है.
पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक तस्वीर शेयर की, जिसमें वह ढीले कपड़ों में एक बीमार आदमी पर चमकता हुआ हाथ रखे हुए दिख रहे थे, जैसे बाइबल की कहानी हो. इसके बाद 15 अप्रैल को ताजिकिस्तान में मौजूद ईरान के दूतावास ने उसी वायरल फोटो को वीडियो में बदलकर अपना वर्जन शेयर किया. इस नए वीडियो में गुस्से में ईसा मसीह को डोनाल्ड ट्रंप पर हमला करते हुए दिखाया गया, जो पहले वाली तस्वीर का ठीक उल्टा था.
ट्रंप की AI वाली वाली तस्वीर पर खूब मचा विवाद
ट्रंप की इस AI तस्वीर, जिसमें वह खुद को ईसा मसीह की तरह एक बीमार आदमी को ठीक करते हुए दिखा रहे थे, पर काफी विरोध हुआ. ईसाई एक्टिविस्ट्स, रूढ़िवादी लोगों और ट्रंप के कुछ साथियों ने भी इसकी आलोचना की. कई लोगों ने इसे गलत और धर्म के खिलाफ बताया और कहा कि इससे उनके समर्थक नाराज हो सकते हैं. कुछ आलोचकों, जैसे ईसाई पत्रकारों और कैथोलिक धर्मगुरुओं ने कहा कि “भगवान का मजाक नहीं उड़ाना चाहिए.” लोगों ने यहां तक कहा कि ट्रंप ने ईशनिंदा की है.
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इससे पहले, दक्षिण अफ्रीका में ईरान के दूतावास ने भी इसी तस्वीर को शेयर किया था और उसमें जेफ्री एपस्टीन का जिक्र किया था, ताकि ट्रंप का मजाक उड़ाया जा सके. दूतावास ने X (पहले ट्विटर) पर पूछा कि क्या जिसे ट्रंप ठीक कर रहे हैं, वह असल में जेफ्री एपस्टीन है.
खास बात यह है कि ट्रंप ने यह तस्वीर पोस्ट करने से कुछ घंटे पहले एक और मैसेज डाला था, जिसमें उन्होंने पोप लियो चौदहवें की आलोचना की थी. पोप लियो चौदहवें अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए जा रहे एकतरफा युद्ध की लगातार आलोचना करते रहे हैं.
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