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साकेत बिल्डिंग हादसे में दो मेडिकल स्टूडेंट की मौत, अब भी जमा है भारी मलबा, रेस्क्यू जारी

दिल्ली के साकेत मेट्रो स्टेशन के पास शनिवार शाम गिरी तीन मंजिला इमारत में दो मेडिकल स्टूडेंट की मौत हो गई है. कई अन्य इस हादसे में जख्मी है. घटनास्थल पर भारी मलबा जमा है. जिसे हटाने का काम जारी है.

साकेत बिल्डिंग हादसे में दो मेडिकल स्टूडेंट की मौत, अब भी जमा है भारी मलबा, रेस्क्यू जारी
घटनास्थल से घायल लोगों को लेकर निकलती एंबुलेंस.
  • साकेत मेट्रो स्टेशन के पास शनिवार शाम तीन मंजिला बिल्डिंग गिर गई. इस हादसे में 2 मेडिकल स्टूडेंट की मौत हो गई.
  • पुलिस ने बताया कि अब तक नौ लोगों को बचाया जा चुका है, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है.
  • इस इमारत में एक कोचिंग संस्थान, कैफे और कार्यालय थे तथा तीसरी मंजिल पर निर्माण कार्य जारी था.
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नई दिल्ली:

Saket Building Collapse: दक्षिण दिल्ली के साकेत मेट्रो स्टेशन के पास शनिवार शाम तीन मंजिला बिल्डिंग गिर गई. इस हादसे में दो मेडिकल स्टूडेंट की मौत हो गई. वहां अब भी भारी मलबा जमा है. जिसे हटाने की कोशिश जारी है. एनडीआरएफ के साथ-साथ स्थानीय प्रशासन की टीम रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही है. इस हादसे में पूरी इमारत मलबे के विशाल ढेर में तब्दील हो गई. पुलिस ने बताया कि अब तक नौ लोगों को बचाया जा चुका है जबकि मलबे के नीचे दबे लोगों की तलाश के लिए कई एजेंसियों द्वारा अभियान चलाया जा रहा है.

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9 से 10 लोगों को बचाया गया, दो की मौत

फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट्स (FMG) के प्रेसिडेंट डॉ. जसवंत ने कहा, 'अब तक नौ से दस लोगों को बचाया जा चुका है. इनमें से हमारे मेडिकल डॉक्टर, जो FMG या PG की तैयारी कर रहे थे, यहीं मेस में थे. अब तक उनमें से दो की मौत हो चुकी है, और बाकी दो को डिस्चार्ज कर दिया गया है.'

उन्होंने आगे कहा कि किसी को भी अंदर जाने की इजाज़त नहीं है. सभी के माता-पिता परेशान हैं. अगर सेंटर में क्रेन उपलब्ध नहीं हैं, सेंटर में सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं, तो बाकी लोगों का क्या होगा?... मौजूदा हालात बहुत खराब हैं, और बहुत ज़्यादा अफरा-तफरी मची हुई है..."

घटनास्थल पर रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहे NDRF कमांडेंट सुनील कुमार सिंह ने कहा, "NDRF की दो टीमें यहां काम कर रही हैं. अब तक किसी भी जीवित या बेहोश मृत पीड़ित का कोई सुराग नहीं मिला है."

बिल्डिंग में थे कोचिंग, कैफे और कई ऑफिस

साकेत मेट्रो स्टेशन के पास सैदुलजाब इलाके में वेस्टर्न मार्ग पर स्थित इस इमारत में एक कोचिंग संस्थान, कैफे और कार्यालय थे तथा तीसरी मंजिल पर निर्माण कार्य जारी था. दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस) के अनुसार, दमकलकर्मियों के पहुंचने से पहले ही स्थानीय और पीसीआर कर्मियों ने तीन लोगों को बचा लिया था जबकि अन्य लोगों को दमकल कर्मियों ने राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की सहायता से बाहर निकाला.

मेस में थे कई छात्र, तभी गिरी बिल्डिंग

दमकल अधिकारियों ने बताया कि तीन मंजिला इमारत पूरी तरह से ढह गई और बगल में अस्थायी टिन की छत वाली कैंटीन पर गिर पड़ी, जहां छात्र भोजन कर रहे थे. हादसे में घायल एक छात्रा के पिता बलवंत यादव ने बताया कि उनकी 25 वर्षीय बेटी नीलम इमारत के बगल वाली कैंटीन में थी, जब इमारत गिरी.

घटना के समय बिल्डिंग में 30-35 लोगों के होने की सूचना

नीलम हाल ही में विदेश से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी कर लौटी थी और साकेत स्थित अराइज मेडिकल अकादमी में स्नातकोत्तर प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रही थी. बलवंत ने बताया, “घटना के समय कैंटीन में लगभग 30 से 35 छात्र मौजूद थे. इनमें से अधिकतर संस्थान में विभिन्न मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र थे. मेरी बेटी का पैर टूट गया है और उसका इलाज जारी है.”

4-5 साल पहले बनी थी बिल्डिंग

स्थानीय निवासी रविंद्र सिंह ने बताया, “इमारत संभवतः चार-पांच साल पहले बनी थी.” घटनास्थल पर मौजूद जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय के अधिकारी धर्मवीर सिंह ने बताया कि बचावकर्मी अब भी मलबे में फंसे लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने बताया, “ढह चुकी इमारत के नीचे अब भी लगभग छह से सात लोगों के फंसे होने की आशंका है. उनके चेहरे बाहर से दिखाई दे रहे हैं और एनडीआरएफ के जवान उन्हें बचाने के लिए प्रयास कर रहे हैं.”

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