अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 1.5 ट्रिलियन डॉलर (करीब 125 लाख करोड़ रुपये) के भारी-भरकम सैन्य बजट का जोरदार बचाव किया है. सीनेट की सशस्त्र सेवा समिति के सामने गवाही देते हुए हेगसेथ ने साफ कर दिया कि यह बजट कोई सामान्य खर्च नहीं, बल्कि दुनिया के बदलते सुरक्षा हालातों के बीच समय की जरूरत है. उन्होंने तर्क दिया कि सालों की कम निवेश वाली नीति और कुप्रबंधन को खत्म कर अमेरिकी सेना को भविष्य की जंगों के लिए तैयार करना ही उनका इकलौता लक्ष्य है.
अमेरिकी सैन्य शक्ति का 'जेनरेशनल रिसेट': पीट हेगसेथ
हेगसेथ ने इस प्रस्ताव को अमेरिकी सैन्य शक्ति का 'जेनरेशनल रिसेट' बताया है. रक्षा मंत्री ने बजट के मानवीय और तकनीकी पहलुओं को को लेकर बताया कि इसमें जूनियर सैनिकों के वेतन में 'सात प्रतिशत' की बढ़ोतरी का प्रावधान है. हेगसेथ ने कहा कि इस बजट के जरिए सेना के सभी पुराने और जर्जर बैरकों को खत्म कर दिया जाएगा.
भविष्य की चुनौतियों के लिए 'वॉरफाइटिंग बजट'
हेगसेथ ने कहा कि 1.5 ट्रिलियन डॉलर का यह प्रावधान पूरी तरह से एक वॉरफाइटिंग बजट है. इसका मुख्य उद्देश्य ड्रोन, मिसाइल डिफेंस और परमाणु बलों जैसे क्षेत्रों में अमेरिका की धाक फिर से जमाना है.
उन्होंने कहा कि विभाग की हर नीति केवल दुश्मन को खत्म करने की क्षमता (लेथैलिटी) और अपने सैनिकों के बचने की संभावना (सर्वाइवेबिलिटी) पर केंद्रित है. गौरतलब है कि यह बजट वित्त वर्ष 2026 के 1 ट्रिलियन डॉलर के खर्च से कहीं ज्यादा है.
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