Us War Expense
-
{
- सब
- ख़बरें
-
अमेरिका ने ईरान जंग में झोंक दिए खरबों रुपये, पेंटागन के नए आंकड़े क्यों डराते हैं?
- Wednesday May 13, 2026
- Written by: चंदन सिंह राजपूत
हार्वर्ड केनेडी स्कूल की सार्वजनिक नीति विशेषज्ञ लिंडा बिल्म्स ने इस युद्ध को लेकर एक चेतावनी जारी की है. उनका कहना है कि अमेरिकी टैक्सपेयर्स को इस युद्ध के लिए कम से कम 1 ट्रिलियन डॉलर (लगभग 84 लाख करोड़ रुपये) चुकाने होंगे.
-
ndtv.in
-
ट्रंप के 125 लाख करोड़ रुपये के डिफेंस बजट पर उठे सवाल, तो हेगसेथ ने कहा- फिर से धाक जमाना है
- Friday May 1, 2026
- Edited by: चंदन सिंह राजपूत
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने 1.5 ट्रिलियन डॉलर के सैन्य बजट का बचाव करते हुए इसे सुरक्षा की बदलती जरूरतों के अनुसार बताया है.
-
ndtv.in
-
काल की तरह बरसता है अमेरिका का B-2 बॉम्बर, जहां गया वहां मचाई तबाही, लीबिया-सीरिया नहीं इन देशों ने भी खाई चोट
- Monday March 2, 2026
- Written by: अभिषेक पारीक
बी-2 बॉम्बर ने पहली उड़ान 1989 में भरी और 1993 में पहली बार इसे सेवा में शामिल किया गया. इन बॉम्बर की सबसे खास बात है कि यह कई किमी दूर तक जाकर ज्यादा वजनी बम गिरा सकते हैं. इसलिए कई बड़े अभियानों में अमेरिका ने इनका इस्तेमाल किया है.
-
ndtv.in
-
अमेरिका ने ईरान जंग में झोंक दिए खरबों रुपये, पेंटागन के नए आंकड़े क्यों डराते हैं?
- Wednesday May 13, 2026
- Written by: चंदन सिंह राजपूत
हार्वर्ड केनेडी स्कूल की सार्वजनिक नीति विशेषज्ञ लिंडा बिल्म्स ने इस युद्ध को लेकर एक चेतावनी जारी की है. उनका कहना है कि अमेरिकी टैक्सपेयर्स को इस युद्ध के लिए कम से कम 1 ट्रिलियन डॉलर (लगभग 84 लाख करोड़ रुपये) चुकाने होंगे.
-
ndtv.in
-
ट्रंप के 125 लाख करोड़ रुपये के डिफेंस बजट पर उठे सवाल, तो हेगसेथ ने कहा- फिर से धाक जमाना है
- Friday May 1, 2026
- Edited by: चंदन सिंह राजपूत
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने 1.5 ट्रिलियन डॉलर के सैन्य बजट का बचाव करते हुए इसे सुरक्षा की बदलती जरूरतों के अनुसार बताया है.
-
ndtv.in
-
काल की तरह बरसता है अमेरिका का B-2 बॉम्बर, जहां गया वहां मचाई तबाही, लीबिया-सीरिया नहीं इन देशों ने भी खाई चोट
- Monday March 2, 2026
- Written by: अभिषेक पारीक
बी-2 बॉम्बर ने पहली उड़ान 1989 में भरी और 1993 में पहली बार इसे सेवा में शामिल किया गया. इन बॉम्बर की सबसे खास बात है कि यह कई किमी दूर तक जाकर ज्यादा वजनी बम गिरा सकते हैं. इसलिए कई बड़े अभियानों में अमेरिका ने इनका इस्तेमाल किया है.
-
ndtv.in