- नेतन्याहू ने लेबनान के प्रधानमंत्री की बेरूत को सैन्य-मुक्त करने की अपील का स्वागत किया है
- नेतन्याहू की घोषणा के बाद नाहरिया और आसपास के इलाकों में सायरन बजने की घटनाएं दर्ज की गईं
- ट्रंप ने नेतन्याहू से लेबनान में हमलों को कम करने का आग्रह किया था ताकि ईरान से वार्ता संभव हो सके
इजरायल के पीएम बेंजमिन नेतन्याहू ने लेबनान से बातचीत को लेकर बड़ा बयान दिया है. नेतन्याहू ने अपनी कैबिनेट से कहा है कि वो बगैर किसी देरी के लेबनान से बातचीत शुरू करे. नेतन्याहू ने कहा कि उन्होंने लेबनान के अनुरोधों के जवाब में यह आदेश दिया है और बातचीत का मुख्य मुद्दा हिज़्बुल्लाह को निशस्त्र करना और पड़ोसी देशों के बीच शांतिपूर्ण संबंध स्थापित करना होगा.उन्होंने लेबनान के प्रधानमंत्री द्वारा बेरूत को सैन्य-मुक्त (demilitarise) करने की अपील का स्वागत किया.नेतन्याहू के इस बयान को लेकर लेबनान की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई. नेतन्याहू के इस फैसले से मिडिल ईस्ट में हालात के तेजी से बेहतर होने की उम्मीद जताई जा रही है.
नेतन्याहू के अनुसार बातचीत का मुख्य केंद्र हिज़्बुल्लाह को निशस्त्र करना और इज़रायल व लेबनान के बीच शांतिपूर्ण संबंधों की व्यवस्था करना होगा. नेतन्याहू ने लिखा कि इज़रायल, लेबनान के प्रधानमंत्री द्वारा आज बेरूत को खाली करने के आह्वान की सराहना करता है. हालांकि, नेतन्याहू की घोषणा के कुछ ही समय बाद - नाहरिया और उसके आसपास के इलाकों में सायरन बजने की आवाज सुनाई दी है. चैनल 14 न्यूज़ के साथ बातचीत में एक इज़रायली सूत्र ने स्पष्ट किया कि लेबनान पर होने वाली ये वार्ताएँ 'गोलाबारी के बीच' (यानी तनावपूर्ण माहौल में) होंगी. नेतन्याहू की घोषणा के कुछ ही समय बाद, नाहरिया और उसके आसपास के इलाकों में सायरन बजने लगे.
कुछ समय पहले, NBC ने रिपोर्ट दी कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कल अपनी टेलीफ़ोन बातचीत के दौरान नेतन्याहू से लेबनान में हमलों को कम करने का आग्रह किया था, ताकि ईरान के साथ बातचीत की संभावनाओं को बेहतर बनाया जा सके. रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री नेतन्याहू के बीच हुई बातचीत के दौरान, इज़रायल ने एक "उपयोगी भागीदार" बनने पर सहमति व्यक्त की.
इससे पहले दिन में, रक्षा मंत्री यिसराएल काट्ज़ ने उत्तरी क्षेत्र में चल रहे अभियान की प्रगति पर बात की और हिज़्बुल्लाह आतंकवादी संगठन को हुए नुकसान की सीमा के संबंध में चौंकाने वाले आंकड़े पेश किए. मंत्री के अनुसार, कल चलाया गया 'ऑपरेशन इटरनल डार्कनेस' (Operation Eternal Darkness) "संगठन के मुँह पर एक बहुत ज़ोरदार तमाचा" था, और इज़रायल की खुफिया व ऑपरेशनल पहुँच की गहराई को देखते हुए, इस कार्रवाई ने संगठन को गहरे असमंजस की स्थिति में डाल दिया है.
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