- ढाका यूनिवर्सिटी ने शेख मुजीबुर रहमान हॉल का नाम बदलकर उस्मान हादी के नाम पर रखने का फैसला किया है
- पूर्व राष्ट्रपति मुजीबुर रहमान की पत्नी के नाम पर बने हॉल का नाम बदलकर कैप्टन सितारा परवीन हॉल किया जाएगा
- बांग्लादेश में 1971 के मुक्ति संग्राम से जुड़ी यादों और धरोहरों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है
बांग्लादेश में शेख हसीना सरकार के तख्तापलट के बाद ऐतिहासिक और शैक्षिक संस्थानों की पहचान बदलने का सिलसिला तेज हो गया है. अब ढाका यूनिवर्सिटी ने एक बड़ा फैसला लेते हुए देश के संस्थापक शेख मुजीबुर रहमान हॉल का नाम बदलकर कट्टरपंथी नेता उस्मान हादी के नाम पर रखने का फैसला किया है. इंकलाब मंच के छात्र नेता हादी की पिछले महीने ढाका में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.
मुजीबुर रहमान की बीवी का नाम भी हटाया जाएगा
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बदलाव की जद में मुजीबुर रहमान की बेगम के नाम पर बना शेख फाजिलतुन्नेसा हॉल भी आ गया है, जिसका नाम बदलकर अब कैप्टन सितारा परवीन हॉल करने की तैयारी है. खबर है कि यह फैसला यूनिवर्सिटी की सबसे बड़ी पॉलिसी बनाने वाले फोरम सिंडिकेट की बैठक में लिया गया. इस बैठक की अध्यक्षता यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर नियाज अहमद खान ने की थी.
यूनिवर्सिटी सिंडिकेट ने प्रस्ताव को दी मंजूरी
यूनिवर्सिटी के प्रॉक्टर सैफुद्दीन अहमद ने बांग्लादेशी अखबार ढाका ट्रिब्यून से पुष्टि की है कि सिंडिकेट ने इस प्रस्ताव को मंजूरी देकर अंतिम फैसले के लिए सीनेट के पास भेज दिया है. इस तरह नाम बदलने की प्रक्रिया अब अगले चरण में पहुंच गई है.
1971 की यादों को मिटाने का सिलसिला तेज
यह घटनाक्रम ऐसे समय हो रहा है, जब बांग्लादेश में 1971 के मुक्ति संग्राम से जुड़ी यादों और धरोहरों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है. इससे मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार के कार्यकाल में ऐतिहासिक विरासत खत्म होने को लेकर लगातार चिंता बढ़ रही है.
हादी की मौत के बाद छात्रों ने हटा दी थी नेमप्लेट
शुरुआत 18 दिसंबर को हादी की मौत के ठीक बाद हुई थी, जब यूनिवर्सिटी के एक गुट ने जबरन मुजीबुर रहमान हॉल की मूल नेम प्लेट हटाकर वहां उस्मान हादी के नाम की प्लेट लगा दी थी. इतना ही नहीं, प्रदर्शनकारियों ने दीवार पर बने मुजीबुर रहमान की तस्वीर को भी नुकसान पहुंचाया था.
हादी की मौत के बाद उसके समर्थकों ने देश के विभिन्न हिस्सों में जमकर हंगामा किया था. पूरे बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, भारतीय उच्चायुक्त कार्यालय, सांस्कृतिक संस्थानों और मीडिया संस्थानों को भी निशाना बनाया गया था.
अवामी लीग समर्थित यूनिवर्सिटी टीचर निशाने पर
ढाका यूनिवर्सिटी में प्रशासनिक स्तर पर भी राजनीतिक टकराव हावी होने लगा है. ढाका यूनिवर्सिटी सिंडिकेट ने अवामी लीग के समर्थक टीचर्स ब्लू पैनल के चार शिक्षकों के खिलाफ कथित तौर पर गलत मामले दर्ज कर एक हफ्ते के भीतर कारण बताने का नोटिस दिया गया है. जांच प्रक्रिया पूरी होने तक उन्हें निलंबित जैसी स्थिति में रखा गया है.
पिछले कुछ महीनों में ढाका यूनिवर्सिटी के अंदर शिक्षकों पर हमले और उन्हें परेशान करने की कई घटनाएं सामने आई हैं. दिसंबर में अवामी लीग समर्थित पैनल से जुड़े यूनिवर्सिटी के तीन शिक्षकों पर स्टूडेंट्स के एक ग्रुप ने हमला किया था.
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