इस्लामाबाद:
लाहौर उच्च न्यायालय ने सीआईए के ठेकेदार रेमंड डेविस की उन्मुक्ति से सम्बंधित याचिका खारिज कर दी। समाचार चैनल जियो न्यूज के मुताबिक पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि उसके पास डेविस की कूटनीतिक स्थिति का कोई इतिहास नहीं है। उप महान्यायवादी नवीद इनायत मलिक ने विदेश मंत्रालय का लिखित जवाब सौंपा, जिसमें कहा गया था कि रेमंड डेविस का सही नाम है रेमंड एलन डेविस। उसे अमेरिकी सरकार के अनुरोध पर कारोबारी वीसा दिया गया था। रेमंड डेविस को लाहौर में दो लोगों की गोली मार कर हत्या कर देने के बाद गिरफ्तार किया गया था। उसके तुरंत बाद अमेरिकी दूतावास ने डेविस की तत्काल रिहाई की मांग की थी। उप महान्यायवादी ने कहा कि विदेश मंत्रालय कानून से पूरी तरह अवगत है और अपनी जवाबदेही समझता है। वह डेविस सम्बंधी उपलब्ध कागजात अदालत में प्रस्तुत करेगा। याचिकाकर्ता अजहर सिद्दकी ने सवाल उठाया था कि सरकार डेविस की उन्मुक्ति के बारे में स्पष्ट रूप से कुछ क्यों नहीं बोल रही है। मुख्य न्यायाधीश ने डेविस की उन्मुक्ति से सम्बंधित याचिका खारिज कर दी और कहा कि निचली अदालत इससे सम्बंधित फैसला लेगा।