कोरोनावायरस गंभीर है, लेकिन इससे कहीं ज़्यादा खतरनाक महामारी फैल सकती है : WHO

पिछले एक साल में इस नोवेल कोरोनावायरस और इससे होने वाले रोग COVID-19 की चपेट में लगभग आठ करोड़ लोग आ चुके हैं, और दुनियाभर में 18 लाख से ज़्यादा लोग जान भी गंवा चुके हैं.

कोरोनावायरस गंभीर है, लेकिन इससे कहीं ज़्यादा खतरनाक महामारी फैल सकती है : WHO

प्रतिकात्मक तस्वीर.

नई दिल्ली:

पिछले एक साल से सारी दुनिया में जानलेवा साबित हो रहे नोवेल कोरोनावायरस (Coronavirus) के बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन (वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइज़ेशन या WHO) ने सोमवार को चेतावनी दी है कि इससे भी ज़्यादा खतरनाक महामारी आ सकती है, और दुनिया को उससे निपटन की तैयारियों को लेकर 'गंभीर' हो जाना चाहिए.

चीन में नए वायरस के सामने आने का एक साल पूरा हो चुका है, और इस वायरस के बारे में संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी द्वारा दुनियाभर को जानकारी दी गई थी. अब WHO के एमरजेंसी प्रमुख माइकल रयान ने सोमवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा, "यह वेक-अप कॉल है..."

पिछले एक साल में इस नोवेल कोरोनावायरस और इससे होने वाले रोग COVID-19 की चपेट में लगभग आठ करोड़ लोग आ चुके हैं, और दुनियाभर में 18 लाख से ज़्यादा लोग जान भी गंवा चुके हैं. रयान ने कहा, "यह महामारी बेहद गंभीर रही है..."

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इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, "यह बेहद तेज़ी से सारी दुनिया में फैला है, और इस ग्रह के हर कोने पर इसका असर हुआ है... लेकिन ज़रूरी नहीं कि यही सबसे बड़ी महामारी हो..." माइकल रयान ने ज़ोर देकर पत्रकारों से कहा, "यह वायरस बहुत संक्रामक है, और लोगों को मार भी रहा है, लेकिन इसकी मौजूदा मृत्यु दर काफी कम है, अगर इसकी तुलना अन्य रोगों से की जाए, जो सामने आ रही हैं..."

उन्होंने कहा, "हमें भविष्य में ऐसे रोगों के लिए तैयार रहना होगा, जो इससे कहीं ज़्यादा गंभीर हो सकते हैं..."

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WHO के वरिष्ठ सलाहकार ब्रूस ऐलवार्ड ने भी चेताया कि सारी दुनिया ने कोरोनावायरस से निपटने के लिए वैज्ञानिक स्तर पर काफी प्रगति कर ली है, जिसमें रिकॉर्ड गति से वैक्सीन बना लेना शामिल है, लेकिन वे तैयारियां भविष्य में सामने आने वाली महामारियों से निपटने के लिए बेहद कम हैं.

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उन्होंने पत्रकारों से कहा, "हम इस वायरस (कोरोनावायरस) की दूसरी और तीसरी लहर का सामना कर रहे हैं और हम अब भी उससे निपटने और उससे पार पाने के लिए तैयार नहीं हैं... सो, भले ही हम अच्छी तैयारी कर लें, हम इससे निपटने के लिए पूरी तरह तैयार नहीं हैं, और अगली महामारी के लिए तो बिल्कुल नहीं..."

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