टीका नहीं लगा, तो झेलना होगा लॉकडाउन : इस देश ने कोरोना को काबू में करने के लिए उठाया सख्‍त कदम

पिछले सप्‍ताह यूरोप में कोराना केस करीब दो मिलियन पहुंच गए है, कोरोना महामारी की शुरुआत के बाद से क्षेत्र में एक सप्‍ताह में यह संख्‍या सर्वाधिक है.  जहां नीदरलैंड्स और लातविया ने नए उपायों को लागू किया है, जर्मनी भी केसों के रिकॉर्ड स्‍तर पर पहुंचने के बाद नए प्रतिबंधों को लागू कारने पर विचार कर रहा है. 

टीका नहीं लगा, तो झेलना होगा लॉकडाउन : इस देश ने कोरोना को काबू में करने के लिए उठाया सख्‍त कदम

प्रतीकात्‍मक फोटो

कोरोना संक्रमण के नियंत्रण की दिशा में सख्‍त कदम उठाते हुए ऑस्ट्रिया (Austria)ने टीकाकरण न कराने वाले लोगों (Unvaccinated people) को सोमवार यानी आज से लॉकडाउन  (lockdown)में रखने का निर्णय लिया है. ब्‍लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार,  कोरोनावायरस के प्रकोप को कम करने के लिए पश्चिमी यूरोप के इस देश ने यह कदम उठाया है.  गौरतलब है कि पिछले सप्‍ताह यूरोप में कोराना केस करीब दो मिलियन पहुंच गए है, कोरोना महामारी की शुरुआत के बाद से क्षेत्र में एक सप्‍ताह में यह संख्‍या सर्वाधिक है.  जहां नीदरलैंड्स और लातविया ने नए उपायों को लागू किया है, जर्मनी भी केसों के रिकॉर्ड स्‍तर पर पहुंचने के बाद नए प्रतिबंधों को लागू करने पर विचार कर रहा है. 

वैश्विक स्‍तर परजिंदगी को सामान्‍य बनाने के लिए सरकारें अधिक से अधिक लोगों के टीकाकरण के उपाय की कोशिशों में जुटी हैं, इन्‍ही प्रयासों के तहत अनवैक्‍सीनेटेड (टीकाकरण न कराने वाले लोगों) को जबरिया छुट्टी (forced leave) पर भेजने से लेकर मेडिकलकेयर के भुगतान से इनकार करने के जैसे तरीके आजमाए जा रहे हैं. चांसलर अलेक्‍जेंडर शेलेनबर्ग (Alexander Schallenberg) ने विएना में एक प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में कहा, 'ऑस्ट्रिया को अपने शर्मनाक वैक्‍सीनेशन रेट को बढ़ाने की जरूरत है हम इसे हल्‍के में नहीं ले रहे हैं]इस समय इसकी सबसे ज्‍यादा जरूरत है.  '

ऑस्ट्रिया के टीकाकरण नहीं कराने वाले लोगों के लिए लॉकडाउन के मायने 
-जिन लोगों का टीकाकरण नहीं हुआ है, वे केवल काम, पढ़ाई, मेडिकल जरूरतों को पूरा करने, जरूरी सामान खरीदने और ताजी हवा लेने के लिए ही घर को छोड़ सकेंगे. 


-टीकाकरण नहीं कराने वाले लोगों को नियम को तोड़कर रिटेल शॉप, सिनेमा जैसे स्‍थानों में प्रवेश की कोशिश करते पकड़े जाने पर करीब 500 यूरो ($572) से प्रारंभ होने वाला जुर्माना लगाया जा सकता है. नए नियमों का उल्‍लंघन करने वाले बिजनेसस को 3,000 यूरो से शुरू होने वाले  जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है. इसी तरह सक्रिय रूप से इन नियमों को उल्‍लंघन करने की साजिश रचने वाले ग्रुप्‍स को 30,000 यूरो का फाइन लग सकेगा.
- ऑस्ट्रिया के गृह मंत्री ने कहा है कि पुलिस हर कहीं जांच करेगी इसके मायने यह है कि टीकाकरण कराए लोगों को भी वैक्‍सीनेशन का सबूत लिए बिना घर से नहीं निकलना चाहिए.   
-जिन लोगों ने वैक्‍सीनेशन कराया है, वे खरीदारी, बाहर भोजन करने औरकल्‍चरल इवेंट्स में भाग ले सकेंगे. 
-नए नियम कम से 24 नवंबर तक लागू रहेंगे. 

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गौरतलब है कि ऑस्ट्रिया में इस समय केवल 65% फीसदी लोग की पूरी तरह वैक्‍सीनेटेड हैं, यह दर पश्चिमी यूरोप में सबसे कम में से एक है. ऑस्ट्रिया की टीकाकरण दर इसके फ्रांस और इटली जैसे पड़ोसियों से कम जबकि पूर्वी यूरोप के देशों से काफी ऊपर है. स्‍लोवाविकया की राजधानी ब्रातिसलावा, जो कि विएना से महज 50 मील दूर है, में तो केवल 43 फीसदी लोग ही वैक्‍सीनेटेड हैं.  उधर, जर्मनी में भी कोरोनावायरस पर काबू रखने के लिए विभिन्‍न उपायों पर विचार किया जा रहा हैं, इसमें कम्‍पनियों को कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम की इजाजत देना शामिल है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यहां की सेना ने मेडिकल क्‍लीनिक की मदद के लिए हजारों सैनिकों को स्‍टेंडबाय के रूप में रखा है. जर्मनी ने हाल ही में ऑस्ट्रिया को हाई रिस्‍क जोन में रखा है और वहां से  लौटने वाले 'अनवैक्‍सीनेटेड' लोगों को क्‍वारंटाइन होना जरूरी होगा.