- दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन को अमेरिका और यूरोप के तीन देशों ने व्यापक रूप से कवर किया है
- अमेरिका के सीएनएन ने अभिजित दीपके की हिरासत को बड़ी घटना मानते हुए दिन भर फ्रंट पेज पर रखा है
- जर्मनी के DW ने इस प्रदर्शन को प्रमुखता से लाइव अपडेट देते हुए पुलिस की सख्त कार्रवाई को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया है
दिल्ली में आज कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का प्रदर्शन हुआ. अमेरिका से लेकर यूरोप के तीन देशों में इसे बहुत प्रमुखता से दिखाया गया. बांग्लादेश में तो लाइव अपडेट दिए जा रहे थे. पाकिस्तान और नेपाल में भी इस पर पूरी नजर रखी गई. हैरानी की बात ये है कि इतनी कवरेज राहुल गांधी की अगुवाई में विपक्ष के प्रदर्शन को भी नहीं दिया गया था. सीजेपी के प्रदर्शन को सीधे मोदी सरकार के लिए अग्निपरीक्षा के तौर पर दिखाया गया. वहीं इटली, चीन और रूस में इस प्रदर्शन को तवज्जो नहीं दिया गया.
अमेरिका में दिन भर रखी गई नजर
शुरू अमेरिका से ही करते हैं. अमेरिका के सीएनएन ने अभिजित दीपके को हिरासत में लेने को बहुत बड़ी घटना मानते हुए दिन भर इसे अपने फ्रंट पेज पर रखते हुए हेडिंग लगाई, "भारत के ‘कॉकरोच' आंदोलन के संस्थापक और सैकड़ों अन्य लोगों को बड़े विरोध-प्रदर्शन से पहले हिरासत में लिया गया". यूरोप में फ्रांस जो खुद स्कूली छात्रों के आंदोलनों को झेल रहा है उसने भी इस प्रदर्शन को प्रमुखता से लिया है. फ्रांस 24 ने दीपके की हिरासत को अपनी हेडिंग में रखा है.
जर्मनी ने तो सारी सीमा पार कर दी
सीएनएन की तरह फ्रांस 24 के लिए भी अरविंद केजरीवाल, ममता बनर्जी, पी विजयन की हिरासत मायने नहीं रखी. जबकि ये तीनों पूर्व मुख्यमंत्री रहे हैं. जर्मनी के DW ने तो बकायदा इस खबर को लाइव लेते हुए लीड लगाया हुआ है. वो पल-पल की खबरें दे रहा है. ऐसा लग रहा है जैसे पूरी दुनिया की सबसे बड़ी घटना ये प्रदर्शन हो. इसने हेडिंग लगाई, "दिल्ली में 'कॉकरोच' विरोध-प्रदर्शन पर भारतीय पुलिस की सख्त कार्रवाई". इसने जमकर पुलिस की सख्ती को अपनी खबर में बढ़ाचढ़ाकर पेश किया है. ब्रिटेन के द गार्जियन ने इस खबर को सेकेंड लीड बनाते हुए पुलिस की सख्ती और दीपके की हिरासत को लेकर हेडिंग बनाई है. हेडिंग है, "पुलिस ने दिल्ली में हो रहे विरोध-प्रदर्शन पर सख्ती की और ‘कॉकरोच' आंदोलन के नेता को हिरासत में लिया."
बांग्लादेश भी काफी उत्साहित रहा
बांग्लादेश में भी इस खबर पर लाइव प्रसारण होता दिखा. ढाका ट्रिब्यून और द डेली स्टार वेबसाइट ने लाइव के साथ-साथ कई खबरें इस प्रदर्शन को लेकर अपने फ्रंट पेज पर रखा. साथ ही दीपके की हिरासत और उनसे जुड़ी बातों को बहुत प्रमुखता से छापा. नेपाल में भी इस प्रदर्शन को प्रमुखता से दिखाया गया. वहीं पाकिस्तान के वेबसाइटों पर तो पिछले कई दिनों से सीजेपी प्रदर्शन की एक खबर रोज लगाए रखता था. ऐसा लगता था कि उसे ही सबसे ज्यादा प्रदर्शन का इंतजार है. आज भी प्रदर्शन से संबंधित एक-एक बात प्रमुखता से पाकिस्तान के चैनलों, वेबसाइटों पर दिखाई गई. सवाल ये है कि एक ऐसे संगठन का प्रदर्शन जिसका एक भी विधायक या सांसद तक नहीं है, उसके प्रदर्शन को दुनिया के ये कुछ देश इतना महत्व क्यों दे रहे हैं? कई तो इसे मोदी सरकार के लिए अग्निपरीक्षा और सबसे बड़े खतरे के रूप में भी पेश कर रहे हैं. इतनी कवरेज तो सत्य निकेतन हादसे के दौरान भी नहीं दिखी थी. जबकि उसमें कई बच्चों की जान चली गई थी.
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