पंजाबी सुपरस्टार दिलजीत दोसांझ के बारे में यह कहना गलत नहीं होगा कि दोसांझ से पंगा ठीक नहीं, जिसने उनको छोड़ा उसको उन्होंने छोड़ा नहीं. कभी उनके गाने दुनियाभर में धूम मचाते हैं तो कभी उनके कॉन्सर्ट की टिकटों के लिए मारामारी होती है. लेकिन दिलजीत की कहानी का दूसरा पहलू भी है. वह है विवादों के बीच अपनी बात रखने का उनका खास अंदाज. सोशल मीडिया पर कोई सवाल उठाए या उनके काम पर टिप्पणी करे, दिलजीत अक्सर अपनी बात कहने का मौका नहीं छोड़ते.
हाल ही में दिल्ली के कॉन्सर्ट में अभिजीत दीपके को लेकर दिए गए उनके बयान ने एक बार फिर इसी अंदाज की याद दिला दी. कंगना रनौत के साथ सोशल मीडिया पर हुई बहस से लेकर किसान आंदोलन और सतलुज फिल्म को लेकर उठे सवालों तक, दिलजीत कई बार सुर्खियों में रहे हैं.
दिल्ली के मंच से क्यों बोले दिलजीत दोसांझ?
30 अक्टूबर 2026 को दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में दिलजीत दोसांझ ने अपने Aura India Tour 2026 की शुरुआत की. यह शाम उनके फैन्स के लिए संगीत का जश्न थी, लेकिन कॉन्सर्ट के दौरान उनके एक बयान ने इसे खबरों में भी ला दिया. मामला इस साल जून में दिल्ली में हुए छात्र प्रदर्शन से जुड़ा था. NEET परीक्षा और कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहे प्रदर्शन के दौरान दिलजीत से समर्थन को लेकर सवाल पूछा गया था. उस समय उन्होंने कहा था कि वह कलाकार हैं, नेता नहीं और उन्हें राजनीति से दूर रखा जाए. इस जवाब से कुछ प्रदर्शनकारी और उनके समर्थक निराश हुए थे. CJP नेता अभिजीत दीपके भी उनमें शामिल थे.
दिल्ली में मंच से दिलजीत ने इस आलोचना का जवाब देते हुए कहा कि वह कलाकार हैं और सभी से प्यार करते हैं. उन्होंने कहा, 'मैं चुप हूं तो मुझे चुप रहने दो. मैं आप सभी का समर्थन करता हूं, लेकिन पंजाबियों को लड़ना मत सिखाओ.' दिलजीत ने अपनी फिल्म 'सतलुज' का जिक्र करते हुए यह भी कहा कि जिस फिल्म का मजाक बनाया जा रहा है, उसे बनाने के लिए काफी संघर्ष किया गया है. उनका इशारा मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा की कहानी पर आधारित फिल्म की ओर था.
अभिजीत दीपके ने भी रखी अपनी बात
दिलजीत के बयान के बाद अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर एक खुला संदेश साझा किया. उन्होंने बताया कि जून में दिलजीत की टिप्पणी से उन्हें दुख पहुंचा था, क्योंकि वह सिंगर को ऐसे कलाकार के रूप में देखते थे जो सामाजिक मुद्दों पर अपनी आवाज उठाता है. हालांकि, दीपके ने यह भी साफ किया कि उनके मन में दिलजीत के लिए सम्मान कम नहीं हुआ है.
उन्होंने बताया कि वह मई में शिकागो में हुए दिलजीत के कॉन्सर्ट में भी शामिल हुए थे. अपने संदेश के आखिर में उन्होंने दिलजीत से छोटे भाई की तरह इस मामले को खत्म करने की अपील की. इस तरह दोनों के बीच शुरू हुआ विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया. दिलचस्प बात यह रही कि इस पूरे मामले में संगीत, कलाकार की सामाजिक जिम्मेदारी और किसी मुद्दे पर सार्वजनिक रूप से बोलने या चुप रहने के अधिकार पर भी बहस हुई.
जब कंगना रनौत को दिलजीत ने दिया था जवाब
दिलजीत दोसांझ के बेबाक अंदाज की बात हो और कंगना रनौत के साथ उनकी पुरानी सोशल मीडिया बहस का जिक्र न हो, ऐसा कैसे हो सकता है. साल 2020 में किसान आंदोलन के दौरान दोनों के बीच ट्विटर पर तीखी बहस हुई थी. दरअसल, कंगना रनौत ने किसान आंदोलन में शामिल बुजुर्ग महिला महिंदर कौर को लेकर एक टिप्पणी की थी. उन्होंने उन्हें शाहीन बाग की बिलकिस बानो समझ लिया था और उनके प्रदर्शन में शामिल होने पर सवाल उठाए थे. बाद में महिला की पहचान को लेकर तथ्य सामने आए तो दिलजीत ने कंगना की पोस्ट पर आपत्ति जताई.
दिलजीत ने महिंदर कौर का वीडियो साझा कर कंगना को जवाब दिया. इसके बाद दोनों के बीच सोशल मीडिया पर लगातार टिप्पणियां हुईं. कंगना ने दिलजीत पर करण जौहर का करीबी होने को लेकर निशाना साधा तो दिलजीत ने भी पंजाबी अंदाज में पलटकर जवाब दिया. इस बहस ने उस समय खूब सुर्खियां बटोरी थीं.
Aa JAA... Kam Mai Hun Da Ni Karda ..Tuney Kitno ki Chaati Hai Kaam Ke Lie? Mai Bollywood Mai Strugle ni karta madam.. Bollywood wale aa ke kehnde aa film kar Lao SIR 😊 Mai tainu das riha eH BOLLYWOOD WALE NI PUNJAB WALE AA 2 Dian 4 Ni 36 Sune gi..
— DILJIT DOSANJH (@diljitdosanjh) December 3, 2020
दोनों की सोशल मीडिया पर खूब कहा-सुनी हुई थी. कंगना रनौत ने दिलजीत को लेकर एक्स पर लिखा था, 'ओ चमचे चल, तू जिनकी चाट चाट के काम लेता है, मैं उनकी रोज बजाती हूं. ज्यादा मत उछल. मैं कंगना रनौत हूं, तेरे जैसी चमची नहीं हूं. मैंने सिर् और सिर्फ शाहीन बाग वाली प्रोटेस्टर पे कमेंट किया था, अगर कोई साबित कर दे तो मैं माफी मांग लूंगा.'
इस पर दिलजीत ने कंगना को जबाव दिया था, 'ऐ जा...काम मैं कोई आज का नहीं करता. तूने कितने की चाटी है काम के लिए? मैं बॉलीवुड में स्ट्रगल नहीं करता मैडम. बॉलीवुड वाले आके कहते हैं ये फिल्म कर सर. मैं तुझे बता रहा हूं हम बॉलीवुड नहीं पंजाब वाले हैं. दो बात की चार नहीं 36 सुनेगी.'
किसान आंदोलन में भी खुलकर आए थे सामने
दिलजीत का किसान आंदोलन से जुड़ाव भी काफी चर्चा में रहा. दिसंबर 2020 में वह दिल्ली के सिंघु बॉर्डर पहुंचे थे, जहां उन्होंने प्रदर्शन कर रहे किसानों को संबोधित किया. उन्होंने सरकार से किसानों की मांगों पर ध्यान देने और मीडिया से आंदोलन की शांतिपूर्ण तस्वीर दिखाने की अपील की थी. उनकी इस मौजूदगी को लेकर सोशल मीडिया पर समर्थन और आलोचना दोनों देखने को मिले. लेकिन दिलजीत ने उस समय किसानों के पक्ष में सार्वजनिक रूप से अपनी बात रखी थी. यही वजह है कि 2026 में छात्र आंदोलन को लेकर उनके ‘मैं कलाकार हूं' वाले जवाब की तुलना उनके पुराने किसान आंदोलन वाले रुख से की गई.
तेलंगाना सरकार ने जारी किया था नोटिस
दिलजीत के कॉन्सर्ट और उनके गानों को लेकर भी विवाद हो चुका है. नवंबर 2024 में हैदराबाद में उनके Dil-Luminati Tour के कॉन्सर्ट से पहले तेलंगाना सरकार ने आयोजकों को नोटिस जारी किया था. इसमें शराब, ड्रग्स और हिंसा को बढ़ावा देने वाले गाने नहीं गाने की हिदायत दी गई थी. बच्चों को मंच पर शामिल करने को लेकर भी निर्देश दिए गए थे.
दिलजीत ने इस मामले को अपने कॉन्सर्ट में उठाया और गानों के बोल में बदलाव करके शो किया. ‘लेमोनेड' और ‘5 तारा' जैसे गानों के कुछ बोल बदले गए. मंच से उन्होंने यह सवाल भी उठाया, 'कोई बाहर से कलाकार आएगा वो जो मर्जी गा करे जाए, जो मर्जी करे कोई टेंशन नहीं है. लेकिन अपना कलाकार घर आ रहा है, उसमें तुम्हें परेशानी, टांग अड़ानी है. पर मैं एक बात बता दूं, मैं भी दोसांझवाला हूं. इतनी जल्दी हार नहीं मानने वाला. कई लोगों को तो डाइजेस्ट नहीं हो रहा इतने बड़े शो हो क्यों रहे हैं.'
दिलजीत दोसांझ के इन मामलों को देखें तो एक बात समझ आती है कि उनकी सार्वजनिक छवि सिर्फ एक गायक या अभिनेता की नहीं है. वह अपनी पंजाबी पहचान, संगीत और फिल्मों को लेकर भी मुखर रहते हैं. हर विवाद की परिस्थितियां अलग हैं और हर बार उनके जवाब से सभी लोग सहमत हों, यह जरूरी नहीं. लेकिन जब भी कोई उनसे सवाल करता है, उनके जवाब का इंतजार भी उतनी ही बेसब्री से किया जाता है जितना उनके नए गाने का.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं