- कांग्रेस के राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने बीजेपी और चुनाव आयोग पर चुनाव में धांधली के आरोप लगाए हैं
- प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस के दो कर्मियों को चोटें आईं, उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है
- बीजेपी नेताओं ने प्रदर्शन को विफल बताते हुए राहुल गांधी पर देश विरोधी गतिविधियों का आरोप लगाया है
जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के सामने दिल्ली पुलिस दीवार बनकर खड़ी हो गई है. यही कारण है कि अब तक कोई भी प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर तक नहीं पहुंच पाया है. जंतर-मंतर पहुंचने की कोशिश कर रहे सीजेपी के अभिजित दीपके, सौरभ दास, आशुतोष रांका, आईसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा के अलावा पूर्व मुख्यमंत्रियों अरविंद केजरीवाल, ममता बनर्जी, केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन को दिल्ली पुलिस अब तक हिरासत में ले चुकी है. इस प्रदर्शन में सीजेपी, आम आदमी पार्टी वामपंथी दलों और तृणमूल कांग्रेस के नेता दिखाई दिए और हिरासत में भी लिए गए. कांग्रेस नेता अब तक इस प्रदर्शन में शामिल नहीं हुए हैं. मगर, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने बयान जारी कर बीजेपी पर हमला बोला है. खास बात ये है कि राहुल गांधी ने अजीत डोभाल को भी अब लपेट लिया है.
प्रियंका गांधी के आरोप
प्रियंका गांधी ने कहा, "पहले वे 254 सांसदों के साथ बदसलूकी करते हैं और उन्हें पूरी तरह से गैर-कानूनी तरीके से हिरासत में लेते हैं. फिर वे राष्ट्रीय राजधानी की घेराबंदी करते हैं, बैरिकेड्स लगाकर और चारों तरफ से सील करके, ट्रेनों और मेट्रो को रोककर, इंटरनेट बंद करके और हर जगह चेक पोस्ट लगाकर उसे बंद कर देते हैं. वे विरोध करने के अपने संवैधानिक अधिकार का इस्तेमाल कर रहे युवा पुरुषों और महिलाओं के साथ मारपीट करते हैं और उन्हें हिरासत में लेते हैं. अगर यह इस बात का सबूत नहीं है कि उन्होंने चुनाव आयोग के साथ मिलीभगत करके चुनावों में धांधली की है, और वे इस बात से डरे हुए हैं कि उनकी सरकार की गैर-कानूनी काम उजागर हो रहे हैं और जवाबदेही की मांग की जा रही है, तो फिर सबूत क्या है?"

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राहुल गांधी का ऐलान
राहुल गांधी ने कहा, 'मैं नरेंद्र मोदी, RSS और इनसे जुड़े लोगों के खिलाफ एक दशक से भी ज्यादा समय से लड़ रहा हूं. मैं अपने विरोधियों को उतनी अच्छी तरह समझता हूं, जितना कोई भी अपने प्रतिद्वंद्वी को समझता है. मैं इन्हें अंदर तक जानता हूं, इनकी हर चाल से वाकिफ हूं. इन लोगों की सबसे बड़ी पहचान है - कायरता. नरेंद्र मोदी, अमित शाह, मोहन भागवत, ज्ञानेश कुमार, अजित डोभाल - इस कहानी के खलनायक - अब धीरे-धीरे घिरते जा रहे हैं. इनके चारों तरफ से दायरा सिमट रहा है. जो करना है, कर लीजिए. जितनी पुलिस बुलानी है, बुला लीजिए - 10 हजार, 20 हजार, 50 हजार, जितनी चाहें बुला लीजिए. सारे नेताओं को गिरफ्तार कर लीजिए. सारे युवाओं को गिरफ्तार कर लीजिए. हम सबको गिरफ्तार कर लीजिए. घबराइये मत, हम आपको चारों तरफ से घेर रहे हैं, और हम पीछे हटने वाले नहीं हैं. मेरी बात याद रखिए - हमें जो जानकारी चाहिए, वह हमारे पास पहले से है. हम अपने संविधान की रक्षा करेंगे. हम हिंदुस्तान की जनता की आवाज की हिफाजत करेंगे और हम यह सुनिश्चित करेंगे कि पिछले 10-15 सालों में हिंदुस्तान के साथ जो हुआ है, वह दोबारा कभी, किसी भी सूरत में न हो. हिंदुस्तान के युवाओं, मुझे आप पर गर्व है. अपना विरोध जारी रखिए. हम आपके साथ खड़े हैं. हम यह सुनिश्चित करेंगे कि इस सरकार और हमारे संविधान पर हमला करने वालों को शिकस्त मिले.'

दो पुलिसकर्मियों को आईं चोटें
वहीं एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रीय राजधानी में जंतर-मंतर से लगे इलाकों में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने के दौरान दिल्ली पुलिस के कम से कम दो कर्मचारियों को चोटें आईं, जिनमें 'पिंक फोर्स' की एक महिला सदस्य भी शामिल है. अधिकारी ने बताया कि घायल पुलिस कर्मियों (सुमन और धीरज यादव) को इलाज के लिए पास के अस्पताल ले जाया गया और उनके घायल होने की परिस्थितियों का पता लगाया जा रहा है. कर्तव्य पथ पुलिस थाने के पास सुरक्षाकर्मियों को चोटें आईं. पुलिस के एक सूत्र ने बताया कि कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा), आम आदमी पार्टी (आप) नेताओं और अलग-अलग संगठनों के प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया. कॉजपा द्वारा निर्वाचन आयोग के खिलाफ जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन की घोषणा के बाद, राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा कड़ी कर दी गई थी और इसी दौरान ये गिरफ्तारियां हुईं.
बीजेपी का जवाब
भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने शनिवार को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात के बाद दिए गए बयानों को लेकर तीखा हमला बोला. उन्होंने राहुल गांधी पर झूठे दावे करने का आरोप लगाया और लोकसभा में विपक्ष के नेता के तौर पर उनके व्यवहार पर सवाल उठाए. पटना में पत्रकारों से बात करते हुए रविशंकर प्रसाद ने कहा, "राहुल गांधी झूठ बोलते हैं. वह झूठ बोलने में माहिर हैं. कृपया राष्ट्रपति को इसमें न घसीटें. यह अनुचित है और पार्टी ने साफ तौर पर इसका खंडन किया है। ऐसी कोई बात नहीं थी. वे 'वोट चोरी' का शोर मचाते रहते हैं, फिर भी देखिए वे कितनी बुरी तरह हारे. ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल के उपचुनावों में बुरी तरह हारीं, यहां तक कि मुर्शिदाबाद में भी, जहां 70 प्रतिशत आबादी मुस्लिम है, और वे असम में भी एक लोकसभा सीट हार गए. लोग उन्हें वोट नहीं देंगे, फिर भी वे शोर मचाते रहते हैं. मेरे पास उनके लिए एक सुझाव है, दिल्ली की सड़कों पर बैठकर आप जैसा व्यवहार करते हैं, वह विपक्ष के नेता को शोभा नहीं देता."

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दीपके के पिता का बयान
इस बीच कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के संयोजक अभिजीत दीपके के माता-पिता ने सरकार पर लोकतंत्र का सम्मान नहीं करने का शनिवार को आरोप लगाया और अपने बेटे को हिरासत में लिए जाने एवं बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या छात्र ‘‘चंबल के डकैत'' हैं. जब उनसे कहा गया कि प्रदर्शन बिना अनुमति के किया जा रहा था, तो उन्होंने कहा, ‘‘जब हर भारतीय को विरोध प्रदर्शन करने का कानूनी अधिकार है, तो अनुमति की जरूरत क्यों है? इसका मतलब है कि वे (सरकार) लोकतंत्र का पालन नहीं करते. जब यह प्रदर्शन सरकार को बेनकाब करने के लिए है, तो वह अपने खिलाफ प्रदर्शन की अनुमति कैसे देगी? यहां अनुमति का कोई सवाल ही नहीं है.'' भगवान दीपके ने कहा कि वह अपने बेटे के साथ मजबूती से खड़े हैं. उन्होंने कहा, ‘‘मेरे लिए वह चंद्रशेखर आजाद और भगत सिंह है.''
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