- ईरान ने दो सप्ताह के युद्धविराम के दौरान होर्मुज जलमार्ग खोलने और टोल सिस्टम लागू करने पर सहमति जताई है
- अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने सुझाव दिया है कि अमेरिका और ईरान मिलकर इस टोल सिस्टम का प्रबंधन कर सकते हैं
- ईरान ने युद्ध के दौरान जलमार्ग में समुद्र में माइन्स बिछाने की जानकारी अर्धसरकारी एजेंसियों द्वारा दी गई है
ईरान दो सप्ताह के युद्धविराम के दौरान होर्मुज जलमार्ग को फिर से खोलने पर सहमत हो गया है, लेकिन उसने टोल सिस्टम स्थापित करने की बात भी कही है, जिससे उसे युद्ध के बाद ईरान को फिर से बनाने के लिए धन जुटाने में मदद मिलेगी. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सुझाव दिया है कि संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान "पार्टनरशिप" के तहत इस टोल सिस्टम का मैनेजमेंट कर सकते हैं, हालांकि व्हाइट हाउस ने कहा है कि जलडमरूमध्य को बिना किसी प्रतिबंध के तुरंत फिर से खोल दिया जाना चाहिए. युद्धविराम के बावजूद होर्मुज से होकर गुजरने वाला यातायात बेहद सीमित रहा है.
यूरोपीय संघ ने बताया गैरकानूनी
यूरोपीय संघ ने गुरुवार को कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित की जानी चाहिए और इस पर कोई शुल्क या टोल नहीं लिया जाना चाहिए. यह बात ईरान द्वारा जहाजों को गुजरने देने के लिए शुल्क लेने के सुझाव के बाद कही गई. एक महीने से अधिक समय से चल रहे युद्ध के बाद ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा दो सप्ताह के युद्धविराम की घोषणा के बाद वार्ता शुरू होने वाली है, ऐसे में खाड़ी के इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को पूरी तरह से खोलना विवाद का एक प्रमुख मुद्दा बना हुआ है.
ब्रसेल्स में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यूरोपीय आयोग के प्रवक्ता अनवर अल अनौनी ने कहा, "अंतर्राष्ट्रीय कानून नौवहन की स्वतंत्रता का प्रावधान करता है, जिसका अर्थ है... मूल रूप से कोई शुल्क या टोल नहीं लिया जाना चाहिए. नौवहन की स्वतंत्रता एक सार्वजनिक हित है और इसे सुनिश्चित किया जाना चाहिए."
ट्रंप चाहते हैं अमेरिका-ईरान मिलकर वसूलें
समुद्र में माइन्स से कितना खतरा
ईरान की अर्धसरकारी समाचार एजेंसियों ने गुरुवार को एक चार्ट प्रकाशित किया जिसमें यह संकेत दिया गया कि देश के अर्धसैनिक रिवोल्यूशनरी गार्ड ने युद्ध के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्र में माइन्स बिछाई थीं. दो सप्ताह के युद्धविराम पर अनिश्चितता बनी हुई है और पाकिस्तान में आगे की बातचीत होने की उम्मीद है. अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच अस्थिर युद्धविराम काफी हद तक कायम है. मगर सवाल ये है कि क्या माइन्स बिछे होने से जहाजों के आवागमन पर क्या खतरा नहीं है?
इटली की पीएम को अब भी समझौते पर शक
वहीं इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने गुरुवार को कहा कि अगर ईरान युद्ध जारी रहता है और ऊर्जा संकट और भी गंभीर हो जाता है, तो यूरोपीय संघ को अपने सख्त खर्च नियमों को अस्थायी रूप से निलंबित करने पर विचार करना चाहिए. मेलोनी ने इतालवी संसद को संबोधित करते हुए कहा, "अगर मध्य पूर्व संकट में फिर से तेजी आती है, तो हमें कोविड महामारी के दौरान अपनाए गए दृष्टिकोण और उपायों के समान यूरोपीय प्रतिक्रिया पर गंभीरता से विचार करना चाहिए."
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