- आरोप है कि अमेरिका में एआई डेटा सेंटर के विरोध के लिए चीन से जुड़े तत्व सोशल मीडिया का उपयोग कर रहे हैं
- US एआई कंपनियां मानती हैं कि विदेशी तत्व डेटा केंद्र विरोध को भड़काने के लिए बॉट संचालित संदेश फैला रहे हैं
- गैलप के सर्वे में सात में से लगभग सात अमेरिकियों ने अपने इलाके में डेटा सेंटर निर्माण का विरोध जताया है
अमेरिका और चीन के बीच शीत युद्ध जैसा माहौल बन गया है. इसका असर हर स्तर पर देखने को मिल रहा है. अब Axios की एक रिपोर्ट है कि अमेरिका में एआई डेटा सेंटर का विरोध चीन करवा है. रोजगार और ऊर्जा लागत को लेकर चिंताओं से जूझ रही अमेरिकी एआई इंडस्ट्री का आरोप है कि चीन से जुड़े तत्व अमेरिका में एआई डेटा सेंटर के विरोध को भड़काने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर रही हैं. हालांकि, कई लोगों का कहना है कि अमेरिकी लोग खुद नहीं चाहते कि उनके घर के आसपास एआई डेटा सेंटर बनें.
ये आरोप महत्वपूर्ण क्यों
अमेरिका और चीन के बीच एआई क्षेत्र में वर्चस्व की होड़ के बीच, डेटा केंद्रों का विरोध अमेरिकी इंडस्ट्री की विस्तार योजनाओं के लिए खतरा बन रहा है. एआई क्षेत्र की कंपनियों का मानना है कि विदेशी तत्व इस विरोध को हवा दे रहे हैं. एआई समर्थक समूहों का कहना है कि वे सोशल मीडिया पर ऐसे संदेशों की बाढ़ पर नजर रख रहे हैं, जिन्हें वे बॉट द्वारा संचालित मानते हैं. उनका तर्क है कि ये संदेश चीन, उसके सहयोगियों और उसके प्रभाव क्षेत्र में आने वाले अन्य देशों द्वारा संचालित किए जा रहे हैं.
उत्तरी वर्जीनिया की डेटा केंद्र विरोधी कार्यकर्ता एलेना श्लॉसबर्ग ने एक्सियोस को बताया, "मुझे पक्का पता है कि डेटा केंद्र का विरोध स्वाभाविक है. क्योंकि मैं पूरे देश में ऐसे लोगों से बात करती हूं, जो अपने समुदायों के औद्योगीकरण को रोकने के लिए मदद मांग रहे हैं." एआई समूह मानते हैं कि वे सटीक रूप से यह नहीं बता सकते कि चीन और उसके प्रतिनिधियों द्वारा कितने डेटा केंद्र विरोधी पोस्ट किए जा रहे हैं. हालांकि, उनका कहना है कि उन्होंने हाल ही में विदेशों से आए कई पोस्टों को सूचीबद्ध किया है.
आरोपों को सिद्ध करते कुछ उदाहरण
- दक्षिण एशिया स्थित एक X अकाउंट ने 22 मई को पोस्ट किया: "क्या अरबपति सचमुच पागल हैं? वे AI में अरबों डॉलर लगा रहे हैं, हर जगह डेटा सेंटर बना रहे हैं, हजारों कर्मचारियों को नौकरी से निकाल रहे हैं, और ऐसे व्यवहार कर रहे हैं जैसे इन सबका कोई परिणाम नहीं होगा."
- अफ्रीका स्थित एक अकाउंट ने 25 मई को कहा: "मार्क जकरबर्ग ने जॉर्जिया में लोगों के घरों से कुछ सौ गज की दूरी पर एक विशाल डेटा सेंटर बनाया है. इससे घरों में आने वाले पानी का दबाव कम हो गया है. सिंक से पानी नहीं आ रहा है. शौचालय में पानी नहीं भर रहा है. घर लगातार हिल रहे हैं. बिजली कटौती आम बात हो गई है." (यह संदेश न्यूयॉर्क टाइम्स में छपी इस तरह की खबरों पर आधारित था.)
- पोलैंड के एक यूजर ने 26 मई को पोस्ट किया: "ब्रेकिंग: ब्लैकरॉक के सीईओ लैरी फिंक का कहना है कि एआई डेटा सेंटर और बिजली ग्रिड के लिए खरबों डॉलर अमेरिकियों की बचत और पेंशन फंड से आएंगे." (यह फिंक की भविष्यवाणी पर आधारित था.)
- बांग्लादेश स्थित "इंडियाना लाइफ" नामक एक फेसबुक अकाउंट के 44,000 फॉलोअर्स हैं और यह बार-बार पोस्ट करता है कि डेटा सेंटर राज्य पर नकारात्मक प्रभाव डालेंगे. बांग्लादेश का ही एक अन्य पेज, "कैनसस लाइफ", भी इसी तरह की सामग्री पर केंद्रित है.
- अन्य सोशल मीडिया पोस्ट - जिनमें से कुछ दक्षिण एशिया और उत्तरी अफ्रीका से हैं - उत्तर-पश्चिमी यूटा में प्रस्तावित 40,000 एकड़ के डेटा सेंटर परिसर, स्ट्रैटोस प्रोजेक्ट की आलोचना और बढ़ते विरोध प्रदर्शनों को हाईलाइट कर रहे हैं.
मई में गैलप द्वारा किए गए एक सर्वे में 71% अमेरिकियों ने अपने समुदायों में डेटा सेंटर के निर्माण का विरोध किया. डेटा सेंटर के आलोचकों ने बिजली के बिलों में वृद्धि, पानी की अत्यधिक खपत और कूलिंग सिस्टम से होने वाले शोर जैसी कई चिंताओं का हवाला दिया है. अन्य लोगों ने पर्यावरणीय चिंताओं को भी उजागर किया है.
अब आगे क्या होगा
एआई समर्थक समूहों का कहना है कि वे डेटा सेंटरों के प्रति प्रतिरोध भड़काने के चीन-प्रेरित प्रयास के खिलाफ चेतावनी देने के लिए कांग्रेस (अमेरिकी संसद) का रुख कर रहे हैं. डेटा सेंटर रेगुलेशन का विरोध करने वाले समूह 'कोएलिशन फॉर अफोर्डेबिलिटी एंड प्रॉस्पेरिटी' के कार्यकारी निदेशक चक फ्लिंट ने कांग्रेस की खुफिया समिति के अध्यक्षों से डेटा सेंटरों के निर्माण को धीमा करने के उद्देश्य से किए जा रहे विदेशी हस्तक्षेप की जांच करने का अनुरोध भी किया है व्हाइट हाउस में ट्रंप के पूर्व अधिकारी रहे और एआई समर्थक इनोवेशन काउंसिल एक्शन इंक. के संस्थापक टेलर बुडोविच ने कहा, "सोशल मीडिया पर विदेशी अकाउंट की तरफ से फैलाई जा रही तथ्यात्मक रूप से संदिग्ध डेटा सेंटर विरोधी और एआई विरोधी कहानी पर कांग्रेस को तुरंत ध्यान देना चाहिए."
वहीं, हाउस वेज एंड मीन्स कमेटी के अध्यक्ष जेसन स्मिथ ने अमेरिका स्थित गैर-लाभकारी संगठनों (NGO) पर चीन से पैसा लेने और डेटा केंद्रों के विरोध को भड़काने का आरोप लगाया है. मगर दूसरा पक्ष अलग रुख रखता है. पर्यावरण समूह ग्रीनपीस यूएसए के अनुसंधान निदेशक टिम डोनाघी ने एक्सियोस को बताया, "जब कोई निगम जायज आलोचना से बचना चाहता है, तो वह 'बाहरी उपद्रवियों' का हवाला देता है. यह लापरवाही भरा रवैया है और उन समुदायों का अपमान है, जो वास्तविक चिंताएं उठा रहे हैं."
ये भी पढ़ें-
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं