पश्चिम बंगाल में चुनावी हार के बाद ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस में बगावत अब खुलकर सामने आ गई है. टीएमसी से निष्कासित विधायक और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रत बनर्जी ने NDTV से कई मुद्दों पर बात की. उन्होंने कहा कि तृणमूल के दो तिहाई विधायकों ने स्पीकर से मुलाकात की थी और स्पीकर ने माना कि हम ही विधानसभा में असली विपक्ष हैं.
उन्होंने दावा किया कि उनके पास 61 विधायकों का समर्थन है और कहा कि LOP के पद के लिए वह कानूनी लड़ाई लड़ने को भी तैयार हैं. उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि टीएमसी अभिषेक बनर्जी के घमंड की कीमत चुका रही है.
🔴 LIVE | TMC Rebel Ritabrata Banerjee speaks to NDTV's @PadmajaJoshi amid turmoil within Trinamool after Bengal poll defeat@RitabrataBanerj https://t.co/qINyO60vvg
— NDTV (@ndtv) June 6, 2026
ऋतब्रत बनर्जी ने कहा कि लोग मुझे पीठ में छुरा घोंपने वाला कह सकते हैं लेकिन चोर-चोर नहीं कह सकते हैं. जनता टीएमसी को चोर-चोर कहकर बुला रही है. उन्होंने दावा किया कि उन्होंने ममता बनर्जी को धोखा नहीं दिया.
उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि ममता बनर्जी हमें गाइड करें और हमारी लेजिस्लेटिव पार्टी की एडवाइजरी बनें, लेकिन जहां तक अभिषेक बनर्जी की बात है तो हमारी लेजिस्लेटिव पार्टी में उनकी कोई जगह नहीं है.
चुनावी हार के बाद बिखर गई है टीएमसी
4 मई को पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव के नतीजे आए थे. इस बार टीएमसी 80 सीटों पर सिमट गई. इसके बाद से ही टीएमसी में बगावती सुर उठने लगे थे. सबसे बड़ी बगावत तब सामने आई, जब टीएमसी के 60 विधायकों ने ऋतब्रत बनर्जी को विधानसभा में विपक्ष का नेता चुन लिया. 60 विधायकों का समर्थन पत्र भी विधानसभा स्पीकर को दिया गया. इसके बाद स्पीकर ने ऋतब्रत बनर्जी को LOP नियुक्त कर दिया.
अभी भी टीएमसी में बगावत खत्म होने का नाम नहीं ले रही है. विधानसभा के बाद संसद में भी पार्टी टूटने की कगार पर है. सूत्रों का कहना है कि टीएमसी के 20 से ज्यादा सांसद बीजेपी के संपर्क में हैं और पाला बदलना चाह रहे हैं. अगर ऐसा होता है तो ममता बनर्जी के लिए यह बड़ा झटका होगा, क्योंकि अभी संसद में इंडिया ब्लॉक की दूसरी सबसे बड़ी पार्टी टीएमसी ही है.
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