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IPS जीएस मलिक बने गुजरात DGP: अहमदाबाद को 'मिनी बांग्लादेश' बनने से बचाया, बाहुबली MLA को सिखाया था सबक

IPS जीएस मलिक बने गुजरात DGP: अहमदाबाद को 'मिनी बांग्लादेश' बनने से बचाया, बाहुबली MLA को सिखाया था सबक
कौन हैं IPS जीएस मलिक, जो बने गुजरात के नए DGP?
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GS Malik DGP Gujarat: आईपीएस अधिकारी जीएस मलिक को गुजरात का नया पुलिस महानिदेशक नियुक्त किया गया है. वह 1992 बैच के आईपीएस और कार्यवाहक डीजीपी डॉ. केएलएन राव का स्थान लेंगे. भारतीय पुलिस सेवा के 1993 बैच के अधिकारी जीएस मलिक, डीजीपी बनने से पहले अहमदाबाद के पुलिस कमिश्नर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे.

बता दें कि गुजरात पुलिस के स्थायी डीजीपी विकास सहाय का एक्सटेंशन पीरियड पिछले साल के अंत में समाप्त हो गया था. इसके बाद डीजीपी पद की जिम्मेदारी आईपीएस केएलएन राव संभाल रहे थे. अब इस पद पर आईपीएस जीएस मलिक की नियमित नियुक्ति की गई है.

गुजरात पुलिस के इतिहास में यह एक दिलचस्प संयोग है कि अहमदाबाद पुलिस कमिश्नर के पद से सीधे पुलिस महानिदेशक (DGP) के पद तक पहुंचने वाले जीएस मलिक दूसरे पुलिस अधिकारी हैं. इनसे पहले आईपीएस आशीष भाटिया भी अहमदाबाद सीपी से डीजीपी बने थे.

अहमदाबाद पुलिस कमिश्नर रहते हुए मलिक शहर के चंडोला झील इलाके में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशियों के खिलाफ अतिक्रमणरोधी अभियान चलाकर सुर्खियों में आए थे. इस अभियान की खास बात यह थी कि पूरी कार्रवाई के दौरान एक भी अप्रिय घटना नहीं हुई. अवैध अतिक्रमण पर बुलडोजर (जेसीबी) जमकर चला और मलिक के नेतृत्व में पूरे चंडोला झील इलाके को खाली करा लिया गया. इनके प्रयासों से अहमदाबाद को एक तरह से 'म‍िनी बांग्‍लादेश' बनने से बचाया गया. 

हरियाणा के रहने वाले हैं जीएस मलिक

गुजरात के नए पुलिस महानिदेशक जीएस मलिक मूल रूप से हरियाणा के फरीदाबाद के रहने वाले हैं. उन्होंने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी, वाराणसी से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बी.टेक और गुजरात यूनिवर्सिटी से एलएलबी की डिग्री हासिल की है. संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद, उन्हें गुजरात कैडर मिला और बतौर आईपीएस उनकी पहली पोस्टिंग एएसपी भुज के रूप में हुई.

गुजरात पुलिस में जीएस मलिक की छवि एक ईमानदार और साफ-सुथरे अधिकारी की है. तेजतर्रार ऑफिसर मलिक का सर्विस रिकॉर्ड बेहद शानदार रहा है. जब वह भरूच के पुलिस अधीक्षक थे, तब उन्होंने वहां के बाहुबली विधायक छोटू वसावा को गिरफ्तार किया था. वहीं, पोरबंदर के एसपी रहते हुए उन्होंने गुजरात की 'गॉडमदर' संतोखबेन जडेजा को शहर छोड़ने पर मजबूर कर दिया था.

गुजरात डीजीपी जीएस मलिक अहमदाबाद रूरल, भरूच, कच्छ, डांग्स, पोरबंदर और सुरेंद्रनगर जिलों में एसपी के तौर पर सेवाएं दे चुके हैं. इसके अलावा, उन्होंने सूरत, अहमदाबाद व वडोदरा रेंज के आईजी तथा अहमदाबाद और वडोदरा शहरों में एडिशनल कमिश्नर के रूप में भी काम किया है.

गुजरात पुलिस के मुख्य विभागों के अलावा, जीएस मलिक को सीआईडी (क्राइम), सीआईडी (इंटेलिजेंस), एंटी करप्शन ब्यूरो, प्रोहिबिशन और एक्साइज डिपार्टमेंट, होम डिपार्टमेंट तथा पुलिस कांस्टेबल रिक्रूटमेंट बोर्ड में भी काम करने का लंबा अनुभव है. रिक्रूटमेंट बोर्ड के चेयरमैन रहते हुए मलिक ने गुजरात पुलिस में 24,000 कांस्टेबलों की भर्ती परीक्षा न केवल शांतिपूर्ण ढंग से आयोजित करवाई, बल्कि महज 10 महीने से भी कम समय में रिजल्ट घोषित करने का रिकॉर्ड भी कायम किया. 

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