- अमेरिकी सेना ने दावा किया उसने ईरान की ओर से दागी ड्रोन को तबाह कर दिया.
- सेना ने दावा किया उसने ईरान पर फिर से हमला किया है.
- अमेरिका सेना ने ईरान के समंदर से सटे गोरुक और केशम आइलैंड पर हमला किया है.
अमेरिका और ईरान के बीच समझौता होना अब दूर की बात लगती है. शांति समझौते की उम्मीद पर एक बार फिर पानी फिर गया है. ऐसा इसलिए क्योंकि अमेरिकी सेना ने दावा किया है कि उसने ईरान के समंदर से सटे इलाके पर एक बार फिर से हमला किया है.
अमेरिका की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) फोर्स ने एक्स पर इस हमले की जानकारी भी दी है. CENTCOM ने लिखा, "कुछ देर पहले, CENTCOM फोर्स ने होर्मुज स्ट्रेट की तरफ लॉन्च किए गए चार ईरानी वन-वे अटैक ड्रोन को मार गिराया. अटैक ड्रोन से इलाके के समुद्री ट्रैफिक को तुरंत खतरा था. इसके बाद U.S. फोर्स ने आगे के हमलों से बचने के लिए गोरुक और केशम आइलैंड में ईरानी कोस्टल सर्विलांस रडार साइट्स पर हमला किया. अमेरिकी फोर्स चौकन्नी है और सेल्फ-डिफेंस में ईरानी हमले का जवाब देने के लिए तैयार है."
Moments ago, CENTCOM forces shot down four Iranian one-way attack drones that were launched toward the Strait of Hormuz. The attack drones posed an immediate threat to regional maritime traffic. U.S. forces subsequently struck Iranian coastal surveillance radar sites in Goruk and…
— U.S. Central Command (@CENTCOM) June 5, 2026
ईरानी मीडिया ने भी हमले की जताई आशंका
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, ये हमला सीजफायर के अमल में आने के बाद सबसे बड़ा हमला माना जा रहा है. इस हमले से पहले ही नाजुक सीजफायर पर खतरा मंडरा रहा है. वहीं ईरान की सरकारी ब्रॉडकास्टर IRIB ने भी किसी हमले की आशंका जताई है.
IRIB के अनुसार, "दक्षिणी ईरान के सिरिक में सुबह करीब 2:30 बजे कई धमाके सुने गए. किसी भी ऑफिशियल सोर्स ने आवाज की शुरुआत या उसकी डिटेल्स पर कमेंट नहीं किया है."
ट्रंप ने माना अब भी ईरान में जंग लड़ने की ताकत
अमेरिका और ईरान के बीच जंग में अमेरिका राष्ट्रपति पर युद्ध खत्म करने का दबाव है. NBC न्यूज को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने माना है कि ईरान के पास अभी भी जंग लड़ने की कैपेसिटी है. ट्रंप ने कहा, "उनके (ईरान) पास मिसाइलें हैं. उनके पास ड्रोन हैं. मैं कहूंगा, परसेंटेज के हिसाब से, शायद उनकी मिसाइलों का 21, 22 परसेंट अब भी उनके पास मौजूद है."
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