- अश्विनी वैष्णव ने कोलकाता मेट्रो नेटवर्क में अगले 5 वर्षों में साठ नई पीढ़ी की ट्रेनें जोड़ने की घोषणा की.
- पिछले 11 वर्षों में मेट्रो में 35 किलोमीटर नई लाइनें बनीं, जबकि पहले 40 वर्षों में केवल 27 किलोमीटर ही थी.
- डानकुनी से सूरत तक 2 हजार 42 km लंबे ग्रीनफील्ड कॉरिडोर का प्रस्ताव माल ढुलाई में सुधार के लिए रखा गया.
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पश्चिम बंगाल सचिवालय नबन्ना में एक उच्चस्तरीय बैठक के दौरान राज्य में रेलवे और मेट्रो परियोजनाओं को लेकर कई बड़े ऐलान किए. उन्होंने बताया कि अगले 4-5 वर्षों में कोलकाता मेट्रो नेटवर्क में 60 नई पीढ़ी की ट्रेनें जोड़ी जाएंगी, जिससे मेट्रो सेवाएं अधिक आधुनिक, तेज और यात्रियों के लिए सुविधा जनक बनेंगी.
उन्होंने यह भी कहा कि पिछले 11 वर्षों में 45 किलोमीटर नई मेट्रो लाइनों का विस्तार हुआ है, जबकि इससे पहले 40 वर्षों में केवल 27 किलोमीटर ही निर्माण हुआ था.
ईस्ट-वेस्ट डेडिकेटेड ग्रीनफील्ड फ्रेट कॉरिडोर का प्रस्ताव
बैठक में बंगाल से गुजरात तक डानकुनी से सूरत के बीच 2,052 किलोमीटर लंबे ईस्ट-वेस्ट डेडिकेटेड ग्रीनफील्ड फ्रेट कॉरिडोर का प्रस्ताव भी रखा गया, जिसका उद्देश्य माल ढुलाई को तेज करना, लॉजिस्टिक्स लागत कम करना और औद्योगिक क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी देना है. इसके साथ ही रेल मंत्री ने बताया कि पश्चिम बंगाल को ₹14,205 करोड़ का रिकॉर्ड रेलवे बजट आवंटित किया गया है, जिसका उपयोग नई परियोजनाओं, यात्री सुविधाओं के सुधार, रेलवे ढांचे के आधुनिकीकरण और माल ढुलाई क्षमता बढ़ाने में किया जाएगा.
वैष्णव ने कोलकाता मेट्रो में यात्रा की
साथ ही कोलकाता दौरे के दौरान केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मेट्रो सेवाओं का निरीक्षण करते हुए जय हिंद स्टेशन से नोआपाड़ा स्टेशन तक कोलकाता मेट्रो में यात्रा की. इस दौरान उन्होंने आम यात्रियों से बातचीत कर उनके सफर के अनुभव को जाना और मेट्रो सेवाओं की गुणवत्ता को लेकर उनकी राय सुनी. यात्रा के दौरान रेल मंत्री ने यात्रियों से बातचीत कर यह समझने की कोशिश की कि मेट्रो सेवा से लोग कितने संतुष्ट हैं और किन क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता है. कई यात्रियों ने अपने अनुभव साझा किए, जिस पर मंत्री ने ध्यानपूर्वक प्रतिक्रिया दी और संबंधित सुझावों को नोट किया.
नोआपाड़ा स्टेशन पर पहुंचने के बाद केंद्रीय मंत्री ने वहां तैनात सफाई कर्मचारियों से भी मुलाकात की. उन्होंने स्टेशन की साफ-सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया और सफाई कर्मचारियों के काम की सराहना की. मंत्री ने कहा कि स्वच्छता बनाए रखने में इन कर्मचारियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है. इस दौरान सफाई कर्मियों ने भी खुशी जताई कि मंत्री स्वयं उनसे मिलकर उनकी समस्याएं और सुझाव सुन रहे हैं.
कार्यक्रम के बाद निर्धारित योजना से अलग जाकर मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नोआपाड़ा से बेलघोरिया एक्सप्रेसवे तक ऑटो रिक्शा से यात्रा की. इस दौरान उन्होंने आम जनता के बीच रहकर उनकी दैनिक परिवहन व्यवस्था को समझने का प्रयास किया. इस पहल को सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने और ईंधन की बचत के संदेश से जोड़ा जा रहा है. इस यात्रा के दौरान मंत्री ने यह भी संकेत दिया कि सरकार का उद्देश्य है कि लोग अधिक से अधिक सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें, जिससे ट्रैफिक दबाव कम हो और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिले.
कोलकाता दौरे के अंत में केंद्रीय मंत्री ने राज्य के नेता सुवेंदु अधिकारी से मुलाकात की और राज्य में चल रहे विकास कार्यों तथा बुनियादी ढांचे से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की. बैठक के दौरान कई महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया और भविष्य की योजनाओं पर भी बातचीत हुई.
इस पूरे दौरे को प्रशासनिक और जनसंपर्क दोनों दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिसमें जनता से सीधे जुड़ने और परिवहन व्यवस्था को समझने पर विशेष ध्यान दिया गया.
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