- चीन के केंद्रीय सैन्य आयोग के उपाध्यक्ष जनरल झांग यूक्सिया पर जांच बैठा दी गई है
- जनरल झांग पर परमाणु हथियारों के संवेदनशील डेटा को अमेरिका में लीक करने तथा रिश्वत लेने का आरोप है- रिपोर्ट
- 2023 के बाद से चीन में पचास से अधिक सीनियर सैन्य अधिकारियों को हटाया गया या जांच के दायरे में रखा गया है
क्या चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग को अपने टॉप के सैन्य अधिकारियों पर भरोसा नहीं रह गया है? यह सवाल इसलिए उठ रहे हैं क्योंकि अब चीन के सबसे बड़े रैंक वाले जनरल को भी जांच के दायरे में रखा गया है और उन पर "अनुशासन और कानून के गंभीर उल्लंघन" का आरोप लगाया गया है. झांग यूक्सिया सैन्य कमान में राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बाद दूसरे स्थान पर आते हैं और अब उनपर कार्रवाई की जा रही है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार देश के अंदर और बाहर गहन जांच शुरू हो गई है क्योंकि जनरल पर भ्रष्टाचार से लेकर संवेदनशील परमाणु हथियारों के डेटा को अमेरिका में लीक करने तक के आरोप हैं.
चलिए समझते हैं कि कैसे चीन में एक के बाद एक सैन्य अधिकारियों को निशाने पर लिया जा रहा है और इससे क्या मैसेज निकलता है?
क्या जनरल झांग यूक्सिया ने परमाणु सीक्रेट लीक कर दिया?
जनरल झांग यूक्सिया चीन के केंद्रीय सैन्य आयोग के उपाध्यक्ष हैं और वहां की आर्मी (पीपुल्स लिबरेशन आर्मी) में सबसे बड़ी रैंकिंग वाले वर्दीधारी अधिकारी हैं. यानी वो सैन्य शक्ति के मामले में जिनपिंग के तुरंत बाद आते हैं. अब उन्हें ही जांच में निशाना बनाया गया है. चीन के रक्षा मंत्रालय ने अधिक जानकारी दिए बिना कहा कि जांच "अनुशासन और कानून के गंभीर उल्लंघन" के लिए शुरू की गई थी. इसमें यह भी कहा गया कि केंद्रीय सैन्य आयोग के एक अन्य सदस्य और सेना के संयुक्त स्टाफ विभाग के प्रमुख जनरल लियू जेनली की भी जांच चल रही है.
न्यूज रिपोर्ट में दावा किया गया है कि बैठक में कथित तौर पर कई आरोपों को रेखांकित किया गया, जिसमें राजनीतिक गुट बनाना, केंद्रीय सैन्य आयोग के भीतर अधिकार का दुरुपयोग करना और सैन्य खरीद में भ्रष्ट प्रथाओं की निगरानी करना शामिल है.
2 साल में 50 सैन्य अधिकारियों को हटाया
यह जांच उस समय शुरू की गई है जब दावा किया जा रहा है कि शी जिनपिंग चीन की सेना को नया स्वरूप देने के लिए व्यापक अभियान चला रहे हैं. रिपोर्ट के अनुसार साल 2023 के बाद से चीन में 50 से अधिक सीनियर सैन्य अधिकारियों और रक्षा उद्योग के अधिकारियों को कथित तौर पर हटा दिया गया है या जांच के दायरे में रखा गया है.
जनरल झांग और लियू की जांच शुरू होने के बाद चीन की केंद्रीय सैन्य आयोग में अब केवल दो सदस्य बचे हैं: खुद शी जिनपिंग (अध्यक्ष) और जनरल झांग शेंगमिन. इसके अलावा उन सभी वर्दीधारी कमांडरों को, जिन्हें शी जिनपिंग ने 2022 में आयोग में नियुक्त किया था, अब हटा दिया गया है. जनरल झांग शेंगमिन को पिछले साल ही आयोग में प्रमोट करके शामिल किया गया था. कहा जाता है कि जिनपिंग सेना में जो भी सफाई अभियान चला रहे हैं उसे अंजाम देने का काम झांग शेंगमिन ही करते हैं.

- केंद्रीय सैन्य आयोग में उपाध्यक्ष, जनरल झांग यूक्सिया को हटाया गया, उनपर अमेरिका को परमाणु रहस्य लीक करने का आरोप
- उपाध्यक्ष नंबर 2, ही वेदोंग को भ्रष्टाचार के आरोप में अक्टूबर 2025 में हटाया गया
- राष्ट्रीय रक्षा मंत्री ली शांगफू को भ्रष्टाचार के आरोप में 2023 में हटाया गया
- संयुक्त स्टाफ विभाग के प्रमुख लियू झेनली की उल्लंघनों के लिए जांच चल रही है
- राजनीतिक कार्य विभाग के डायरेक्टर मिआयो हुआ को भ्रष्टाचार के आरोप में 2025 में हटाया गया
आखिर जिनपिंग ऐसा क्यों कर रहे हैं?
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार CIA के एक पूर्व एनालिस्ट और चीन की राजनीति पर बारीकी नजर रखने वाले क्रिस्टोफर के. जॉनसन ने जांच के बारे में कहा कि यह कदम चीनी सेना के इतिहास में अभूतपूर्व है. उन्होंने कहा कि यह बताता है कि चीनी सेना के हाईकमान को पूरी तरह साफ किया जा रहा है. ऐसा प्रतीत होता है कि शी जिनपिंग ने तय कर लिया है कि चीनी सेना में समस्याएं इतनी गहरी हैं कि वह खुद को ठीक करने के लिए वर्तमान कमान पर भरोसा नहीं कर सकते हैं.
जॉनसन एक कंसल्टेंसी फर्म चाइना स्ट्रैटेजीज ग्रुप के अध्यक्ष भी हैं. उनके अनुसार शी जिनपिंग ने निर्णय लिया है कि उन्हें एक ऐसे समूह को खोजने के लिए पीढ़ीगत रूप से बहुत गहराई तक काम करना होगा जो दागदार न हो. चीनी सेना में भ्रष्टाचार की बढ़ती जांच और अन्य संभावित उल्लंघनों ने सेना में जिनपिंग के विश्वास को कम कर दिया है.
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