
जकीउर रहमान लखवी की फाइल तस्वीर
संयुक्त राष्ट्र:
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मुंबई हमले के मास्टरमाइंड जकिउर रहमान लखवी को रिहा करने को लेकर पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई करने संबंधी भारत के एक प्रस्ताव को संयुक्त राष्ट्र में चीन द्वारा रोक दिए जाने पर चीनी नेतृत्व के साथ भारत की चिंता साझा की।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत ने संयुक्त राष्ट्र की प्रतिबंध समिति के सदस्यों के साथ द्विपक्षीय तौर पर यह मामला उठाया और चीन के मामले में यह ‘शीर्ष स्तर’ पर उठाया गया।
संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंध समिति की एक बैठक में भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी क्योंकि उसने संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव का उल्लंघन करते हुए मुंबई हमले के इस मास्टरमाइंड को रिहा कर दिया है, लेकिन चीन के प्रतिनिधि ने यह कहते हुए इस प्रस्ताव को रोक दिया कि भारत ने पर्याप्त सूचना मुहैया नहीं कराई है। सूत्रों ने बताया कि मोदी ने चीन नेतृत्व के साथ इस मसले पर बात की है।
प्रतिबंध समिति के बाकी सभी सदस्य देशों ने भारत के रुख का समर्थन किया। विदेश मंत्रालय में प्रवक्ता विकास स्वरूप ने कहा, ‘सरकार ने जकीउर रहमान लखवी के मामले में संयुक्त राष्ट्र के 1257 प्रस्ताव के उल्लंघन के मुद्दे पर बात की। इस संबंध में हमारी चिंताओं को समिति के अध्यक्ष तक पहुंचा दिया गया है।’ उन्होंने कहा, ‘हमने समिति के अन्य सदस्यों के साथ भी द्विपक्षीय रूप से इसपर बात की।
चीन के मामले में इस मामले पर शीषर्स्थ स्तर पर बात की गई।’ मुंबई आतंकी हमले के मास्टरमाइंड लखवी को पाकिस्तान ने इस साल अप्रैल में जेल से छोड़ दिया था। संयुक्त राष्ट्र की प्रतिबंध समिति की बैठक भारत के अनुरोध पर पिछले सप्ताह बुलाई गई थी।
26/11 पर चीन ने पाक को बचाया
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार प्रतिबंधों से संबंधित संयुक्त राष्ट्र की समिति ने भारत के आग्रह पर बैठक की जिसमें मुंबई हमले के मामले में लखवी की रिहाई को लेकर पाकिस्तान से स्पष्टीकरण मांगा जाना था, लेकिन चीन के प्रतिनिधियों ने इस आधार पर इस कदम को रोक दिया कि भारत के पास पर्याप्त सूचना नहीं है।
समिति के मौजूदा प्रमुख जिम मैकले को लिखे पत्र में संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि अशोक मुखर्जी ने पिछले महीने कहा था कि पाकिस्तानी अदालत द्वारा रिहा किया जाना 1267 संयुक्त राष्ट्र प्रस्ताव का उल्लंघन है।
प्रतिबंध संबंधी कदम अलकायदा और लश्कर-ए-तैयबा सहित आतंकवादी संगठन से संबंधित व्यक्तियों और इकाइयों पर लागू होता है।
समिति में संयुक्त राष्ट्र के पांचों स्थायी देश और 10 अस्थायी देश होते हैं।
लखवी की रिहाई को लेकर अमेरिका, रूस, फ्रांस और जर्मनी में चिंता जताई गई थी और उसकी फिर गिरफ्तारी की मांग की गई थी।
मुंबई हमले को लेकर लखवी और छह अन्य लोगों को पाकिस्तानी में अभियुक्त बनाया गया। नवंबर, 2008 में मुंबई के कई प्रमुख स्थानों पर हुए आतंकवादी हमले में 166 लोग मारे गए थे।
पाकिस्तान की एक अदालत ने बीते 9 अप्रैल को लखवी को रिहा किया था। इस पर भारत ने कहा कि लखवी की रिहाई से पाकिस्तान की ओर से सीमा पार आतंकवाद पर बार बार दिए गए आश्वासनों की अहमियत का क्षरण हुआ है।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत ने संयुक्त राष्ट्र की प्रतिबंध समिति के सदस्यों के साथ द्विपक्षीय तौर पर यह मामला उठाया और चीन के मामले में यह ‘शीर्ष स्तर’ पर उठाया गया।
संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंध समिति की एक बैठक में भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी क्योंकि उसने संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव का उल्लंघन करते हुए मुंबई हमले के इस मास्टरमाइंड को रिहा कर दिया है, लेकिन चीन के प्रतिनिधि ने यह कहते हुए इस प्रस्ताव को रोक दिया कि भारत ने पर्याप्त सूचना मुहैया नहीं कराई है। सूत्रों ने बताया कि मोदी ने चीन नेतृत्व के साथ इस मसले पर बात की है।
प्रतिबंध समिति के बाकी सभी सदस्य देशों ने भारत के रुख का समर्थन किया। विदेश मंत्रालय में प्रवक्ता विकास स्वरूप ने कहा, ‘सरकार ने जकीउर रहमान लखवी के मामले में संयुक्त राष्ट्र के 1257 प्रस्ताव के उल्लंघन के मुद्दे पर बात की। इस संबंध में हमारी चिंताओं को समिति के अध्यक्ष तक पहुंचा दिया गया है।’ उन्होंने कहा, ‘हमने समिति के अन्य सदस्यों के साथ भी द्विपक्षीय रूप से इसपर बात की।
चीन के मामले में इस मामले पर शीषर्स्थ स्तर पर बात की गई।’ मुंबई आतंकी हमले के मास्टरमाइंड लखवी को पाकिस्तान ने इस साल अप्रैल में जेल से छोड़ दिया था। संयुक्त राष्ट्र की प्रतिबंध समिति की बैठक भारत के अनुरोध पर पिछले सप्ताह बुलाई गई थी।
26/11 पर चीन ने पाक को बचाया
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार प्रतिबंधों से संबंधित संयुक्त राष्ट्र की समिति ने भारत के आग्रह पर बैठक की जिसमें मुंबई हमले के मामले में लखवी की रिहाई को लेकर पाकिस्तान से स्पष्टीकरण मांगा जाना था, लेकिन चीन के प्रतिनिधियों ने इस आधार पर इस कदम को रोक दिया कि भारत के पास पर्याप्त सूचना नहीं है।
समिति के मौजूदा प्रमुख जिम मैकले को लिखे पत्र में संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि अशोक मुखर्जी ने पिछले महीने कहा था कि पाकिस्तानी अदालत द्वारा रिहा किया जाना 1267 संयुक्त राष्ट्र प्रस्ताव का उल्लंघन है।
प्रतिबंध संबंधी कदम अलकायदा और लश्कर-ए-तैयबा सहित आतंकवादी संगठन से संबंधित व्यक्तियों और इकाइयों पर लागू होता है।
समिति में संयुक्त राष्ट्र के पांचों स्थायी देश और 10 अस्थायी देश होते हैं।
लखवी की रिहाई को लेकर अमेरिका, रूस, फ्रांस और जर्मनी में चिंता जताई गई थी और उसकी फिर गिरफ्तारी की मांग की गई थी।
मुंबई हमले को लेकर लखवी और छह अन्य लोगों को पाकिस्तानी में अभियुक्त बनाया गया। नवंबर, 2008 में मुंबई के कई प्रमुख स्थानों पर हुए आतंकवादी हमले में 166 लोग मारे गए थे।
पाकिस्तान की एक अदालत ने बीते 9 अप्रैल को लखवी को रिहा किया था। इस पर भारत ने कहा कि लखवी की रिहाई से पाकिस्तान की ओर से सीमा पार आतंकवाद पर बार बार दिए गए आश्वासनों की अहमियत का क्षरण हुआ है।
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