
टोरंटो:
कनाडा में एक सिख व्यक्ति को एक नायक की तरह सराहा जा रहा है, क्योंकि उसने सूझबूझ का परिचय देते हुए अपनी पगड़ी की मदद से नदी में डूब रही लड़की को बाहर निकाल लिया।
ब्रिटिश कोलंबिया के कम्लूप्स के 65 वर्षीय निवासी अवतार होथी ने किशोरी को बचाने के लिए अपनी पगड़ी खोल दी थी। यह लड़की उनके फार्म के पास नॉर्थ थॉम्पसन नदी के बेहद ठंडे पानी में गिर गई थी।
होथी और उनका बेटा पॉल बीते शनिवार को कम्लूप्स के ठीक उत्तर में स्थित हेफले क्रीक में अपने फार्म में काम कर रहे थे। तभी उन्होंने मदद की मांग करने वाली आवाजें सुनीं। वे नदी के किनारे पहुंचे तो पाया कि किशोरी तेज बहाव में संघर्ष कर रही थी।
होथी के बेटे पॉल ने कहा, मुझे उन पर (अपने पिता पर) बहुत गर्व है। सीबीसी न्यूज ने पॉल के हवाले से कहा, हम आसपास पेड़ की शाखाओं को ढूंढ रहे थे और तभी उन्होंने जल्दी से अपनी पगड़ी उतारी और उसे पानी में फेंक दिया..इसकी मदद से उन्होंने उसे किनारे तक खींच लिया।’’ उन्होंने कहा कि लड़की 14 से 15 साल की थी। पॉल ने कहा कि वह नहीं जानते कि वह नदी में कैसे गिरी थी। उन्होंने बताया कि इस समय नदी का पानी बेहद ठंडा होता है।
पॉल ने कहा, जब हमने किशोरी को पानी से बाहर निकाला, वह स्तब्ध थी। उसे बहुत ठंड लग रही थी। हमने जल्दी से उसे कंबल ओढ़ाया ताकि उसे गर्मी मिले। तब पॉल के पिता इस लड़की को उसकी दादी के घर ले गए। उनका घर इनके फार्म से कुछ मिनट की दूरी पर था।
पॉल ने द कनाडियन प्रेस को बताया, हमने रस्सी के तौर पर पगड़ी का इस्तेमाल इसलिए किया क्योंकि किसी को किनारे तक लाने के लिए यह मजबूत साबित हो सकती थी। उन्होंने कहा कि कोई व्यक्ति जाकर कंबल ले आया था और तब डरी हुई लड़की शांत हो पाई थी। उसे उसके रिश्तेदारों के घर पर सुरक्षित पहुंचा दिया गया।
सिख लोग अपने बालों को सार्वजनिक रूप से दिखाना अनुचित मानते हैं लेकिन पॉल ने कहा कि यदि जिंदगी और मौत की बात हो तो ये नियम लागू नहीं होते।
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
ब्रिटिश कोलंबिया के कम्लूप्स के 65 वर्षीय निवासी अवतार होथी ने किशोरी को बचाने के लिए अपनी पगड़ी खोल दी थी। यह लड़की उनके फार्म के पास नॉर्थ थॉम्पसन नदी के बेहद ठंडे पानी में गिर गई थी।
होथी और उनका बेटा पॉल बीते शनिवार को कम्लूप्स के ठीक उत्तर में स्थित हेफले क्रीक में अपने फार्म में काम कर रहे थे। तभी उन्होंने मदद की मांग करने वाली आवाजें सुनीं। वे नदी के किनारे पहुंचे तो पाया कि किशोरी तेज बहाव में संघर्ष कर रही थी।
होथी के बेटे पॉल ने कहा, मुझे उन पर (अपने पिता पर) बहुत गर्व है। सीबीसी न्यूज ने पॉल के हवाले से कहा, हम आसपास पेड़ की शाखाओं को ढूंढ रहे थे और तभी उन्होंने जल्दी से अपनी पगड़ी उतारी और उसे पानी में फेंक दिया..इसकी मदद से उन्होंने उसे किनारे तक खींच लिया।’’ उन्होंने कहा कि लड़की 14 से 15 साल की थी। पॉल ने कहा कि वह नहीं जानते कि वह नदी में कैसे गिरी थी। उन्होंने बताया कि इस समय नदी का पानी बेहद ठंडा होता है।
पॉल ने कहा, जब हमने किशोरी को पानी से बाहर निकाला, वह स्तब्ध थी। उसे बहुत ठंड लग रही थी। हमने जल्दी से उसे कंबल ओढ़ाया ताकि उसे गर्मी मिले। तब पॉल के पिता इस लड़की को उसकी दादी के घर ले गए। उनका घर इनके फार्म से कुछ मिनट की दूरी पर था।
पॉल ने द कनाडियन प्रेस को बताया, हमने रस्सी के तौर पर पगड़ी का इस्तेमाल इसलिए किया क्योंकि किसी को किनारे तक लाने के लिए यह मजबूत साबित हो सकती थी। उन्होंने कहा कि कोई व्यक्ति जाकर कंबल ले आया था और तब डरी हुई लड़की शांत हो पाई थी। उसे उसके रिश्तेदारों के घर पर सुरक्षित पहुंचा दिया गया।
सिख लोग अपने बालों को सार्वजनिक रूप से दिखाना अनुचित मानते हैं लेकिन पॉल ने कहा कि यदि जिंदगी और मौत की बात हो तो ये नियम लागू नहीं होते।
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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