कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. भारत के साथ विवादों के बाद अब वह अपनी ही पार्टी और विपक्ष दोनों के निशाने पर हैं. उनके सहयोगी और एनडीपी नेता जगमीत सिंह ने उनसे इस्तीफे की मांग कर दी है. इससे पहले, कनाडा की उप-प्रधानमंत्री क्रिस्टिया फ्रीलैंड ने इस्तीफा देकर सभी को चौंका दिया.
कनाडा में राजनीतिक संकट..
लिबरल पार्टी के एक तिहाई सांसद नेतृत्व परिवर्तन की मांग कर रहे हैं. इस स्थिति ने कनाडा में राजनीतिक संकट को और गहरा दिया है. इस बढ़ते दबाव के बीच जस्टिन ट्रूडो की नेतृत्व क्षमता और उनकी कुर्सी पर मंडराते संकट को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं. क्या ट्रूडो इन चुनौतियों का सामना कर पाएंगे या नेतृत्व में बदलाव होगा, यह देखना बाकी है.
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लिबरल पार्टी के भीतर बढ़ रहा असंतोष
ट्रूडो के पुराने सहयोगी और न्यू डेमोक्रेटिक पार्टी (एनडीपी) के नेता जगमीत सिंह ने भी खुलकर उनके इस्तीफे की मांग की है. जस्टिन ट्रूडो की लिबरल पार्टी के भीतर भी असंतोष बढ़ रहा है. लिबरल पार्टी के 153 सांसदों में से 13 ने सीधे-सीधे उनसे इस्तीफे की मांग की है. अक्टूबर में 24 सांसदों ने उनके खिलाफ पत्र लिखकर नेतृत्व पर सवाल उठाए थे. वित्त मंत्री के इस्तीफे और पार्टी के अंदर बढ़ते विरोध के बीच, जस्टिन ट्रूडो की राजनीतिक स्थिति कमजोर हो रही है.

क्या ट्रंप ने बढ़ाई ट्रूडो की मुश्किलें?
अमेरिका के राष्ट्रपति बनने वाले डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ के मुद्दे पर कनाडा के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं. ट्रंप ने कनाडा से आने वाले उत्पादों पर भारी कर लगाने की बात कही है, जिससे दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों पर असर पड़ सकता है. कनाडा का 80% निर्यात अमेरिका को होता है, ऐसे में ट्रंप की नीतियां कनाडा की अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता हैं. ट्रंप ने सब्सिडी की वसूली का मुद्दा उठाते हुए कनाडा पर अतिरिक्त दबाव डाला है. ट्रंप की टैरिफ नीति से कनाडा-अमेरिका के व्यापारिक संबंधों में तनाव बढ़ने की संभावना है. यह स्थिति कनाडा के लिए गंभीर आर्थिक चुनौती बन सकती है.

कनाडा में भारतीय छात्रों की बढ़ती संख्या: अर्थव्यवस्था को मिल रहा बड़ा योगदान
कनाडा में भारतीय छात्रों की संख्या लगातार बढ़ रही है और यह देश की शिक्षा और अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.
आंकड़ों पर एक नजर
कुल विदेशी छात्र: वर्तमान में कनाडा में लगभग 4,27,000 विदेशी छात्र हैं
भारतीय छात्रों का योगदान: इनमें से 40% छात्र भारत से हैं
शिक्षा शुल्क: प्रत्येक छात्र सालाना औसतन 14,300 डॉलर की फीस देता है
पिछले आंकड़े:
2022 में 3,20,000 छात्र कनाडा में पढ़ाई कर रहे थे
2013 से 2022 के बीच छात्रों की संख्या में 260% की बढ़ोतरी दर्ज की गई
ट्रंप क्यों उड़ाते ट्रूडो का मजाक?
कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मोर्चे पर मुश्किल हालात का सामना करना पड़ रहा है. डोनाल्ड ट्रंप अक्सर कनाडा को अमेरिका का राज्य और ट्रूडो को उसका गवर्नर कहकर मजाक उड़ाते रहते हैं.
सत्तारूढ़ लिबरल पार्टी के एक तिहाई सांसदों ने कनाडा में नेतृत्व परिवर्तन की मांग की है, जिससे देश में राजनीतिक संकट और गहरा गया है. ट्रूडो ने अभी तक यह तय नहीं किया है कि वह प्रधानमंत्री के पद पर बने रहेंगे या इस्तीफा देंगे. हाउस ऑफ कॉमन्स में 153 सदस्यीय कॉकस में से उनके पद से हटने की मांग करने वाले विद्रोही सांसदों की संख्या बढ़कर लगभग 60 हो गई है.
लिबरल पार्टी के नेता ट्रूडो अपने मुख्य प्रतिद्वंद्वी कंजर्वेटिव पियरे पोलिएवर से सर्वे में 20 अंक पीछे हैं, जिन्होंने सितंबर से ट्रूडो सरकार को गिराने और शीघ्र चुनाव कराने के लिए तीन बार प्रयास किया है.
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