Bangladesh Election Day: बांग्लादेश में आजादी के बाद से यह 13वां आम चुनाव है.
- बांग्लादेश में 12 फरवरी को शेख हसीना के तख्तापलट के बाद पहला आम चुनाव हो रहा है. अवामी लीग पर बैन लगा है.
- इस चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी और जमात ए इस्लामी के गठबंधन के बीच मुख्य मुकाबला माना जा रहा है.
- करीब बारह करोड़ से अधिक मतदाता सुबह साढ़े सात बजे से शाम चार बजे तक 299 सीटों पर मतदान करेंगे
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हमें बताएं।Bangladesh Elections 2026: बांग्लादेश में उसके हालिया इतिहास का सबसे अहम चुनाव आज यानी गुरुवार, 12 फरवरी को होने जा रहा है. भारत के पड़ोसी मुल्क में 2024 के विद्रोह के बाद पहली बार आम चुनाव हो रहे हैं. यह चुनाव तय करेगा कि बांग्लादेश में लोकतंत्र किस रास्ते पर जाने वाला है. शेख हसीना के 16 सालों के शासन के गिराए जाने के बाद का यह पहला चुनाव है और इस बार चुनावी रेस में उनकी पार्टी अवामी लीग नहीं है. उसे बैन कर दिया गया है. इस बार मुकाबला बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) और जमात ए इस्लामी के नेतृत्व वाले गठबंधन में है. चलिए आपको 10 प्वाइंट में बांग्लादेश चुनाव का लेखा-जोखा और समीकरण बता देते हैं.
- बांग्लादेश आज मतदान की तैयारी के साथ एक नाज़ुक मोड़ पर खड़ा है. भले ही रोजमर्रा की जिंदगी सामान्य दिख रही हो, लेकिन देश में साफ तौर पर तनाव महसूस किया जा रहा है.
- यह पूरे दक्षिण एशिया में इस साल हो रहे सबसे अहम चुनावों में से एक है. बांग्लादेश में आजादी के बाद से यह 13वां आम चुनाव है. सरकार चुनने के साथ-साथ यहां जनमत-संग्रह पर भी वोटिंग की जाएगी. आज मतदान 299 संसदीय क्षेत्रों में सुबह 7:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक होगा. वोटिंग खत्म होने के साथ ही काउंटिंग शुरू हो जाएगी.
- इस चुनाव का स्केल बहुत बड़ा है. करीब 12.7 करोड़ मतदाता वोट डालेंगे. सुरक्षा के लिए 9.58 लाख सुरक्षा कर्मी तैनात किए गए हैं, जिनमें 1 लाख से अधिक सेना के जवान शामिल हैं. खासकर संवेदनशील इलाकों में ज्यादा मुस्तैदी की जरूरत होगी. बांग्लादेश में वोटिंग डे के खूनी होने का इतिहास रहा है.
- मतदान प्रक्रिया को संचालित करने के लिए 8 लाख मतदानकर्मी लगाए गए हैं. इस बार लगभग 50 राजनीतिक दल चुनावी मैदान में हैं. एक सीट शेरपुर-3 पर उम्मीदवार की मृत्यु के कारण चुनाव रद्द कर दिया गया है.
- बांग्लादेश में चुनाव पेपर बैलेट से होते हैं और मतपत्रों को पारदर्शी बैलेट बॉक्स में डाला जाता है. कुल 2,028 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं, जिनमें 1,755 पार्टी उम्मीदवार और 273 निर्दलीय उम्मीदवार शामिल हैं. इनमें केवल 83 महिला उम्मीदवार हैं.
- चुनाव में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए पहली बार ड्रोन, यूएवी और बॉडी-वॉर्न कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है ताकि किसी भी तरह की धांधली को रोका जा सके.
- पाकिस्तान, भूटान, श्रीलंका, नेपाल, चीन और यूरोपीय संघ समेत कई देशों ने चुनाव पर्यवेक्षक भेजे हैं. लेकिन भारत ने इस बार कोई पर्यवेक्षक नहीं भेजा. करीब 100 विदेशी पर्यवेक्षक और 197 विदेशी पत्रकार चुनाव और जनमत-संग्रह को कवर कर रहे हैं.
- विदेशी पत्रकारों ने चुनाव में अवामी लीग पर प्रतिबंध को लेकर चुनाव की वैधता पर सवाल उठाए, लेकिन बांग्लादेश चुनाव आयोग ने इस पर सीधा जवाब देने से बचते हुए मतदाता भागीदारी कम होने की रिपोर्टों को खारिज कर दिया.
- अवामी लीग ने इस चुनाव को “पूर्व-निर्धारित और दिखावटी” बताया है. पार्टी का आरोप है कि बीएनपी, जमात और उनके सहयोगी लोगों पर वोट डालने का दबाव बना रहे हैं ताकि मतदान प्रतिशत बढ़ाया जा सके.
- यह चुनाव मुख्य रूप से बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) और जमात-ए-इस्लामी के बीच मुकाबला माना जा रहा है. विश्लेषकों को BNP की जीत की उम्मीद है और तारीक रहमान प्रधानमंत्री पद के प्रमुख दावेदार हैं, जबकि जमात भी अपने अब तक के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन और डॉ. शफीकुर रहमान के उभार को लेकर आश्वस्त है. दोनों दलों के बीच टकराव की आशंका है और चुनाव के दौरान पैसे की बरामदगी ने विवाद को और बढ़ा दिया है.
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