बृहस्पतिवार से बैंकॉक के कई इलाकों में 30 सेंटीमीटर (11.8 इंच) से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है. बाढ़ का पानी पूरे शहर में फैल गया, खासकर मध्य और पूर्वी हिस्सों में, जिससे सड़कें बंद हो गईं और ट्रैफिक रुक गया. हालांकि, बैंकॉक के सभी हिस्से पानी में नहीं डूबे थे, फिर भी शहर ने अपने सभी 50 जिलों को बाढ़ आपदा क्षेत्र घोषित कर दिया ताकि अधिकारी संकट से तेजी से निपट सकें.
अभी क्या है स्थिति
शनिवार तक देश के 21 प्रांतों में 84,000 से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हुए, खासकर मध्य इलाके में. सरकार ने बताया कि अधिकारियों ने मोबाइल फोन पर इमरजेंसी वॉर्निंग मैसेज भेजे. दक्षिण कोरिया से आए और कई बार बैंकॉक का दौरा कर चुके ह्वांग ह्वान-चुंग ने कहा कि उन्होंने ऐसा "अजीब" मौसम कभी नहीं देखा था; उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें टैक्सी नहीं मिल रही थी. ऐसी ही हालत अन्य टूरिस्टों की भी थी.
वहां रहने वाली सुकन्या टोंगसुक ने कहा कि मौजूदा बाढ़ वैसी ही थी जैसी 2011 में बैंकॉक में आई बाढ़ थी. वहीं, राजधानी में दो साल से रह रहे डच नागरिक ब्योर्न फ्रैंकन ने कहा कि वे हालात का सामना कर पा रहे थे, हालांकि एक कार्यक्रम जिसमें वे शामिल होना चाहते थे, उसे रद्द कर दिया गया था. बाढ़ के कारण शनिवार को बैंकॉक में कई कारोबार बंद रहे. बैंकॉक के कुछ हिस्सों में पानी से भरी सड़कों पर कारें रेंगती हुई दिखीं और बाइकर्स अपनी मोटरसाइकिल को धक्का देते हुए नजर आए. अधिकारियों ने बताया कि बैंकॉक से पूर्वी प्रांतों के लिए कुछ क्षेत्रीय बस सेवाएं रोक दी गई थीं.
गाड़ियां भी पानी में डूबीं
राजधानी की सबसे व्यस्त सड़कों में से एक, पेचबुरी रोड पर असामान्य रूप से सन्नाटा था क्योंकि बाढ़ के कारण गाड़ियों को वापस लौटना पड़ा. कुछ गाड़ियां आंशिक रूप से पानी में डूबी हुई थीं. स्थानीय लोग पीने का साफ पानी और खाना लेकर गंदे पानी के बीच से गुजर रहे थे. कुछ लोग नंगे पैर थे, तो कुछ ने रबर के वेडर (पानी में चलने वाले जूते) पहने हुए थे, जबकि कई लोगों ने पैरों को सूखा रखने के लिए उन पर प्लास्टिक की थैलियां लपेट रखी थीं.
एयर ट्रैफिक कंट्रोल अधिकारियों ने पुष्टि की कि उड़ान सेवाएं सामान्य थीं, लेकिन कुछ उड़ानों में देरी हो सकती है. बैंकॉक के गवर्नर चाडचार्ट सिट्टीपुंट ने कहा कि भारी बारिश के बावजूद, बारिश रुकने पर बाढ़ का पानी कम हो जाना चाहिए, क्योंकि शहर के अधिकारी बाढ़ का पानी जल्द से जल्द निकालने के लिए काम कर रहे हैं. चाडचार्ट ने बताया कि शहर भर में 200 से ज्यादा शेल्टर बनाए गए हैं और लगभग 900 लोग वहां चले गए हैं.
यह भी पढ़ें-
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में आत्मघाती हमला, 11 लोगों की मौत, करीब 30 घायल
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं