- नाइजीरिया में इस बार बकरीद से पहले भेड़-बकरियों के बाजार में बिक्री धीमी है और चिंता का माहौल दिख रहा है
- आर्थिक संकट, मिडिल ईस्ट युद्ध और आतंकवादी हमलों के कारण जानवरों की कीमतें बहुत बढ़ गई हैं
- बढ़े हुए परिवहन खर्च और पेट्रोल की महंगाई के कारण कई लोग बकरीद पर यात्रा करने से भी कतराने लगे हैं
Bakrid 2026: ईद-अल-अजहा यानी बकरीद से पहले नाइजीरिया में बकरों और भेड़ों के बाजार में इस बार रौनक कम और चिंता ज्यादा दिखाई दे रही है. आर्थिक संकट, मिडिल ईस्ट युद्ध की वजह से बढ़ती पेट्रोल कीमतें और आतंकवादी हमलों के डर ने हालात मुश्किल कर दिए हैं. यहां बाजारों में हजारों भेड़ें खड़ी हैं, लेकिन खरीदार कम हैं. लोग कहते हैं कि अब कुर्बानी के जानवर खरीदना आम परिवारों की पहुंच से बाहर होता जा रहा है. कुछ लोग तो इस बार बकरीद पर घर जाने का प्लान भी छोड़ रहे हैं, क्योंकि सफर और जानवर दोनों की कीमतें आसमान छू रही हैं.
नाइजीरिया का हाल
न्यूज एजेंसी एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार बीते शुक्रवार को दक्षिण-पश्चिम नाइजीरिया में लागोस-ओगुन सीमा के पास स्थित बड़े पशु बाजार कारा मार्केट में भारी बारिश के बीच हजारों भेड़ें खड़ी थीं, लेकिन व्यापारियों ने धीमी बिक्री पर चिंता जताई. इस बाजार में हर दिन उत्तरी नाइजीरिया से हजारों जानवर बिकने के लिए आते हैं. इस साल भी मुस्लिम समुदाय बकरीद के त्योहार की तैयारी कर रहा है. इस देश की करीब आधी आबादी मुस्लिम है और इस त्योहार के दौरान भेड़ों की मांग बहुत बढ़ जाती है.
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लेकिन कई व्यापारियों ने एएफपी को बताया कि इस साल बिक्री धीमी रही, क्योंकि पशुओं की कीमतें बहुत ज्यादा बढ़ गई हैं. बकरीद में सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली भेड़ों की कीमत 2 लाख 50 हजार नायरा (करीब 18 हजार भारतीय रुपए) से लेकर 12 लाख नायरा (84 हजार भारतीय रुपए) तक पहुंच गई है. कीमत जानवर के आकार और वजन पर निर्भर करती है.
ट्रंप की जंग भी वजह
कुछ व्यापारी 1,000 किलोमीटर से ज्यादा दूरी तय करके इस बाजार और दक्षिण-पश्चिम नाइजीरिया के दूसरे इलाकों में भेड़ें बेचने आते हैं, क्योंकि मुस्लिम त्योहार से पहले मांग बढ़ जाती है. लेकिन जानवरों को बाजार तक लाने का खर्च अब दोगुने से भी ज्यादा हो गया है. वैसे तो त्योहारों के दौरान परिवहन खर्च आमतौर पर बढ़ता है, लेकिन इस साल मिडिल ईस्ट युद्ध की वजह से बढ़ी पेट्रोल कीमतों ने दबाव और बढ़ा दिया है. कई मुस्लिम लोग ईद अपने परिवार के साथ मनाने के लिए यात्रा करते हैं, लेकिन बढ़ते किरायों की वजह से अब कुछ लोग अपनी यात्रा की योजना रद्द करने पर विचार कर रहे हैं.

देश के कई हिस्सों में पेट्रोल की कीमत करीब 850 नायरा प्रति लीटर से बढ़कर 1,320 नायरा (लगभग 92 रुपए) से ज्यादा हो गई है. यह रिकॉर्ड स्तर है. 2023 की शुरुआत में पेट्रोल करीब 195 नायरा प्रति लीटर बिकता था. 40 साल की सरकारी कर्मचारी ताइबत बशीर ने कहा, “मुझे अपने बच्चे के साथ अपने गांव आने-जाने में कम से कम 80 हजार नायरा खर्च करने पड़ेंगे. मैं इतना खर्च नहीं उठा सकती.”
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