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ट्रंप पर हमले के पीछे धार्मिक नफरत थी वजह? हमलावर के घोषणापत्र में केवल एक नाम नहीं था- काश पटेल

White House press dinner shooting: हमलावर ने फायरिंग शुरू करने से लगभग दस मिनट पहले ही अपने परिवार के लोगों को एक घोषणापत्र (मैनिफेस्टो) भेजा, जिसमें उसने साफ लिखा कि वह किन लोगों को निशाना बनाना चाहता है, वह ऐसा क्यों कर रहा है.

ट्रंप पर हमले के पीछे धार्मिक नफरत थी वजह? हमलावर के घोषणापत्र में केवल एक नाम नहीं था- काश पटेल
White House press dinner shooting: हमलावर ने परिवार को भेजा था घोषणापत्र- उसमें काश पटेल का नाम नहीं

White House press dinner shooting: अमेरिका की राजधानी में शनिवार की रात एक खास और यादगार शाम होने वाली थी. लगभग दस साल बाद, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आखिरकार व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स एसोसिएशन डिनर में लौट रहे थे. ट्रंप ने बाद में खुद माना कि वह मीडिया पर काफी तीखा जुबानी हमला करने की तैयारी कर रहे थे. लेकिन उससे पहले ही गोलियां चलने लगीं.

राष्ट्रपति, फर्स्ट लेडी और उपराष्ट्रपति को सीक्रेट सर्विस अधिकारियों ने सुरक्षित जगह पर पहुंचाया. साथ ही कैबिनेट के अन्य सदस्यों को भी बचाया गया. हमलावर था 31 दिन का कोल टोमस एलेन. वह वॉशिंगटन हिल्टन में तीन हथियार लेकर आया था- दो पिस्तौल और एक शॉटगन. इससे भी खास बात है कि उसने हमले से पहले अपनी पूरी योजना बनाई थी, जिसे उसने लिखकर रखा था. फायरिंग शुरू करने से लगभग दस मिनट पहले ही, एलेन ने अपने परिवार के लोगों को एक घोषणापत्र (मैनिफेस्टो) भेजा, जिसमें उसने साफ लिखा कि वह किन लोगों को निशाना बनाना चाहता है. न्यूयॉर्क पोस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार, उसकी लिस्ट में ट्रंप सरकार के लोग थे और उनकी रैंकिंग उनके पद के हिसाब से थी- सबसे उपर ट्रंप. हालांकि एक नाम उस लिस्ट में नहीं था.

एक नाम लिस्ट में नहीं था

 एलेन ने अपने मैनिफेस्टो में लिखा, “सरकार के अधिकारी (FBI डायरेक्टर काश पटेल को छोड़कर): ये सभी निशाने हैं, और इन्हें सबसे ऊंचे पद से लेकर सबसे नीचे तक प्राथमिकता के आधार पर रखा गया है.”

एलेन ने काश पटेल का नाम अपनी लिस्ट से क्यों हटाया, यह साफ नहीं हो पाया है. उसके घोषणापत्र में हमले का कारण भी लिखा था. उसने लिखा था, “दूसरा गाल आगे करना तब होता है जब खुद आप पर अत्याचार हो रहा हो. मैं वो व्यक्ति नहीं हूं जिसे डिटेंशन कैंप में बलात्कार का शिकार होना पड़ा. मैं वो मछुआरा नहीं हूं जिसे बिना मुकदमे के मार दिया गया. मैं कोई स्कूल का बच्चा नहीं हूं जिसे उड़ा दिया गया, या कोई बच्चा नहीं हूं जो भूख से मर रहा है, या कोई टीनएज लड़की नहीं हूं जिस पर इस सरकार के कई अपराधियों ने अत्याचार किया हो. जब किसी और पर अत्याचार हो रहा हो, तब चुप रहना ईसाई व्यवहार नहीं है; यह अत्याचारी के अपराधों में साथ देना है.” उसने लिखा.

एलेन ने अपनी योजना भी समझाई, जिसमें उसने बताया कि उसने किस तरह की गोलियां चुनीं और क्यों.

उसने लिखा, “हादसे में कम से कम लोगों को नुकसान हो, इसलिए मैं स्लग्स की जगह बकशॉट का इस्तेमाल करूंगा (क्योंकि इससे दीवारों के पार कम असर होता है). अगर बिल्कुल जरूरी हुआ, तो मैं यहां मौजूद ज्यादातर लोगों के बीच से गुजरते हुए अपने निशाने तक पहुंच सकता हूं (क्योंकि ज्यादातर लोग एक ऐसे व्यक्ति का भाषण सुनने आए हैं जिसे मैं अपराधी मानता हूं, इसलिए वे भी इसमें शामिल हैं), लेकिन मुझे उम्मीद है कि ऐसा नहीं होगा.” 

ट्रंप का दावा- हमले के पीछे 'ईसाई-विरोधी' सोच

अमेरिकी राष्ट्रपति ने डिनर शूटिंग में शामिल हमलावर को "पूरी तरह से ईसाई विरोधी" उद्देश्यों से प्रेरित बताया. ट्रंप ने फॉक्स न्यूज से कहा, "उसके दिल में काफी समय से बहुत नफरत थी, और वह बस, मुझे नहीं पता, वह बस, यह एक धार्मिक चीज थी. यह पूरी तरह से ईसाई विरोधी था."

राष्ट्रपति ने आगे कहा, "जब आप उसका घोषणापत्र पढ़ते हैं, तो वह आदमी एक बीमार आदमी पता चलता है. वह ईसाइयों से नफरत करता है, यह निश्चित रूप से एक बात है... और मुझे लगता है कि उसकी बहन या उसका भाई वास्तव में इसके बारे में शिकायत कर रहे थे. वे पुलिस से भी शिकायत कर रहे थे. वह बहुत परेशान आदमी था."

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