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This Article is From Jan 21, 2026

ग्रीनलैंड पर नाटो में बढ़ी दरार... फ्रांस ने कर दी ऐसी मांग कि ट्रंप को लगेगी तीखी मिर्ची

फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रों ने दावोस में इससे पहले ग्रीनलैंड को लेकर ट्रंप की जिद की तुलना उपनिवेशवाद को बढ़ावा देने से करते हुए कहा था कि यूरोपीय संघ को एकजुट होकर इसका विरोध करना चाहिए.

ग्रीनलैंड पर नाटो में बढ़ी दरार... फ्रांस ने कर दी ऐसी मांग कि ट्रंप को लगेगी तीखी मिर्ची
  • अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की ग्रीनलैंड पर कंट्रोल की जिद ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और नाटो में तनाव बढ़ा दिया है
  • फ्रांस के राष्ट्रपति ने ग्रीनलैंड में नाटो के युद्धाभ्यास की मांग करते हुए कहा कि वह सेना भेजने को तैयार हैं
  • एक दिन पहले दावोस में कई यूरोपीय नेताओं ने ग्रीनलैंड को लेकर ट्रंप की जिद पर निशाना साधा था

ग्रीनलैंड पर किसी भी तरह कंट्रोल हासिल करने की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की जिद ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में नया उबाल पैदा कर दिया है. दावोस से सीधी चेतावनी के बाद फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने अब ग्रीनलैंड में ट्रांस-अटलांटिक सैन्य गठबंधन (NATO) के सैन्य अभ्यास की मांग कर दी है और स्पष्ट किया है कि वह इसके लिए अपनी सेना भेजने को पूरी तरह तैयार है. 

धौंस के आगे नहीं झुकेंगे, बोले मैक्रों

दावोस में विश्व आर्थिक मंच की वार्षिक बैठक में मैक्रों ने इससे पहले कहा था कि मैक्रों ने कहा था कि कोई भी देश किसी दूसरे देश की संप्रभुता पर हमला नहीं कर सकता. ट्रंप की तरफ इशारा करते हुए उन्होंने कहा था कि उनकी धौंस के आगे यूरोप न डरेगा, न झुकेगा. उन्होंने ग्रीनलैंड को लेकर ट्रंप की जिद की तुलना उपनिवेशवाद को बढ़ावा देने से करते हुए कहा था कि यूरोपीय संघ को एकजुट होकर इसका विरोध करना चाहिए. 

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ग्रीनलैंड में नाटो सैन्य अभ्यास का प्रस्ताव 

रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के ऑफिस ने बुधवार को ग्रीनलैंड में नाटो देशों के संयुक्त सैन्य अभ्यास का औपचारिक प्रस्ताव सामने रख दिया है. ये प्रस्ताव दावोस में ट्रंप के पहुंचने से कुछ घंटे पहले सामने आया है. हालांकि ये अभी साफ नहीं है कि इस सैन्य अभ्यास में अमेरिका की सेनाएं शामिल होंगी या नहीं. 

अमेरिका ने दिया तीखा जबाव

ग्रीनलैंड में नाटो की ड्रिल के मैक्रों के प्रस्ताव पर अमेरिका ने तीखा जबाव दिया है. ब्लूमबर्ग के मुताबिक, अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा, "अगर राष्ट्रपति मैक्रों के पास करने के लिए बस यही सब बचा है, जबकि यूरोप और फ्रांस का बजट पूरी तरह चरमराया हुआ है, तो मेरी सलाह होगी कि उन्हें फ्रांसीसी जनता के लिए अन्य जरूरी चीजों पर ध्यान देना चाहिए."

कई देशों ने सैनिकों की तैनाती बढ़ाई

ग्रीनलैंड को लेकर ट्रंप की धमकी के मद्देनजर कई देशों ने वहां सांकेतिक रूप से अपने सैनिकों की तैनाती बढ़ा दी है. डेनमार्क के अलावा फ्रांस, जर्मनी, स्वीडन और फिनलैंड ने भी अपने सैनिक और अधिकारी वहां भेजे हैं. नॉर्वे, ब्रिटेन और नीदरलैंड्स ने भी अपने एक-दो सैनिक भेजे हैं. ये तैनाती हालांकि सांकेतिक है, लेकिन ट्रंप की धमकी के बीच इसे अहम माना जा रहा है.  

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नाटो देशों के संबंधों में तनाव

ट्रंप लगातार कह रहे हैं कि अमेरिका की रक्षा जरूरतों को पूरा करने के लिए ग्रीनलैंड पर उसका कंट्रोल होना जरूरी है. हालांकि डेनमार्क, ग्रीनलैंड के अलावा अब फ्रांस भी खुलकर सामने आ चुका है. ट्रंप की इस जिद ने नाटो सहयोगियों में चिंता पैदा कर दी है और लंबे समय से सहयोगी देशों के संबंध भी तनावपूर्ण हो गए हैं. इसने दशकों पुराने नाटो की एकता पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

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