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This Article is From Aug 08, 2025

अमेरिकी उपभोक्ताओं को चुकानी पड़ रही ज्‍यादा कीमत... ट्रंप टैरिफ पर US से ही उठी आवाज, बरसे पूर्व उपराष्ट्रपति

अमेरिका के पूर्व उपराष्ट्रपति माइक पेंस ने कहा कि डोनाल्‍ड ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ के कारण अमेरिकी उपभोक्ताओं को भी वस्तुओं के लिए ज्यादा कीमत चुकानी पड़ रही है. 

अमेरिकी उपभोक्ताओं को चुकानी पड़ रही ज्‍यादा कीमत... ट्रंप टैरिफ पर US से ही उठी आवाज, बरसे पूर्व उपराष्ट्रपति
  • पूर्व उपराष्ट्रपति माइक पेंस ने ट्रंप टैरिफ की आलोचना की और कहा कि अमेरिकी कंपनियों को इससे नुकसान हो रहा है.
  • पेंस ने कहा कि टैरिफ वृद्धि से कंपनियों की लागत बढ़ी है और उपभोक्ताओं को महंगे सामान खरीदने पड़ रहे हैं.
  • अमेरिका के पूर्व उपराष्ट्रपति ने स्वतंत्र राष्ट्रों के साथ मुक्त व्यापार की आवश्यकता पर जोर दिया.
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वाशिंगटन:

अमेरिका के पूर्व उपराष्ट्रपति माइक पेंस ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की व्यापार नीति पर तीखा हमला करते हुए गुरुवार को कहा कि अमेरिकी कंपनियां और उपभोक्ता अमेरिकी टैरिफ की कीमत चुका रहे हैं. पेंस ने 'एक्स' के ज़रिए इस बात पर जोर दिया कि इनपुट पर टैरिफ बढ़ने के बाद ऑटो दिग्गज फोर्ड जैसी अमेरिकी कंपनियों की उत्पादन लागत में भारी बढ़ोतरी हुई है. उन्होंने आगे कहा कि ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ के कारण अमेरिकी उपभोक्ताओं को भी वस्तुओं के लिए ज्यादा कीमत चुकानी पड़ रही है. पूर्व उपराष्ट्रपति ने स्वतंत्र राष्ट्रों के साथ मुक्त व्यापार की आवश्यकता पर बल दिया.

अपनी बात को पुष्ट करने के लिए पेंस ने अमेरिकी मासिक पत्रिका 'रीजन' के एक लेख को टैग किया, जिसमें कहा गया था कि फोर्ड ने अपनी अधिकांश कारों का निर्माण अमेरिका में करने के बावजूद 2025 की दूसरी तिमाही के दौरान टैरिफ-संबंधी खर्चों में 800 मिलियन डॉलर का भुगतान किया था.

लेख में क्‍या कहा गया?

लेख में कहा गया है, "अगर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ अमेरिकी विनिर्माण क्षेत्र की संभावनाओं को बढ़ावा दे रहे हैं तो फोर्ड मोटर कंपनी को सबसे बड़े विजेताओं में से एक होना चाहिए. आखिरकार, फोर्ड अमेरिका में किसी भी अन्य वाहन निर्माता की तुलना में ज्यादा वाहन बनाती है. पिछले साल इसने 18 लाख वाहन बनाए और ऊपरी मध्य-पश्चिम में स्थित अपने संयंत्रों में लगभग 57,000 विनिर्माण कर्मचारियों को रोजगार देती है. यह एक पारंपरिक अमेरिकी ब्रांड है, जो रस्ट बेल्ट में उस तरह का ब्लू-कॉलर काम कर रहा है जिसके बारे में ट्रंप प्रशासन का मानना है कि उसकी व्यापार नीतियों से उसे सीधा फायदा होगा."

फोर्ड ने मुनाफे में कमी का अंदेशा जताया  

दरअसल, टैरिफ फोर्ड को बुरी तरह प्रभावित कर रहे हैं. कार निर्माता कंपनी ने इस हफ्ते घोषणा की है कि उसने 2025 की दूसरी तिमाही (जिस दौरान उसे 2023 के बाद पहली तिमाही में घाटा हुआ) के दौरान टैरिफ से जुड़े खर्चों में 80 करोड़ डॉलर का भुगतान किया है और उसे उम्मीद है कि टैरिफ से उसके वार्षिक मुनाफे में लगभग 3 अरब डॉलर की कमी आएगी.

एरिक बोहम द्वारा लिखे गए लेख में कहा गया है कि पिछले साल 10.2 अरब डॉलर का परिचालन लाभ कमाने वाली कंपनी के लिए भी यह एक बड़ा झटका है.

बताया जा रहा है कि फोर्ड प्रबंधन ने टैरिफ में वृद्धि के कारण उत्पन्न स्थिति को सुधारने के लिए ट्रंप प्रशासन के साथ कई दौर की बातचीत की है.

माइक पेंस ने पहले कहा था कि राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ "इस देश के इतिहास में अमेरिकी लोगों पर शांतिकाल में लगाई गई सबसे बड़ी कर वृद्धि है और इससे लागत में वृद्धि हुई है."

(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

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