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कौन थे वो नाबालिग हमलावर, जिन्हें मुस्लिमों के खिलाफ नफरत ने बनाया हत्यारा; खुद भी दे दी जान

आरोपी केन क्लार्क पढ़ाई में भी ठीक था और स्कूल स्तर पर उसके खिलाफ कंप्लेन नहीं थी, सिवाय 2015 के एक छोटे से वाकये के जब उसने एलीमेंट्री स्कूल में किसी बच्चे के पैर पर मुक्का मार दिया था.

कौन थे वो नाबालिग हमलावर, जिन्हें मुस्लिमों के खिलाफ नफरत ने बनाया हत्यारा; खुद भी दे दी जान

अमेरिका के कैलिफोर्निया में सैन डिएगो के एक इस्लामिक सेंटर (मस्जिद) में रोज की तरह बच्चे अपनी सुबह की क्लास के लिए पहुंच रहे थे. मस्जिद के अंदर बने स्कूल में किंडरगार्टन से लेकर तीसरी कक्षा तक के मासूम बच्चे पढ़ते हैं. मेन गेट पर तैनात सुरक्षा गार्ड हमेशा की तरह बच्चों और उनके परिवारों का मुस्कुराकर स्वागत कर रहा था, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही पलों में वहां गोलियां चलने वाली है. थोड़ी देर बाद दो कम उम्र के हमलावरों ने अंधाधुंध फायरिंग कर मस्जिद को निशाना बनाया, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई.

अगर वहां मौजूद सुरक्षा गार्ड अपनी जान की बाजी लगाकर हमलावरों के सामने न अड़ता, तो न जाने कितने मासूमों की जान चली जाती. इस बहादुरी के बाद 17 और 18 साल के दोनों हमलावरों ने खुद को गोली मारकर खत्म कर लिया.

इस खूनी खेल को अंजाम देने वाले हमलावरों में से एक की पहचान 17 साल के केन क्लार्क के तौर पर हुई है. ये शख्स कभी एक बेहतरीन हाई स्कूल रेसलर (पहलवान) हुआ करता था.

पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों से मिले इनपुट के अनुसार, सैन डिएगो यूनिफाइड स्कूल डिस्ट्रिक्ट के प्रवक्ता जेम्स कैनिंग ने बताया कि केन क्लार्क ने शुरुआत में केट सेशंस एलीमेंट्री स्कूल और सैन डिएगो स्कूल ऑफ क्रिएटिव एंड परफॉर्मिंग आर्ट्स से पढ़ाई की थी. लेकिन साल 2021 में उसके परिवार ने उसे 'iHigh वर्चुअल एकेडमी' नाम के एक ऑनलाइन स्कूलिंग प्रोग्राम में डाल दिया, जिसके बाद वह घर पर रहकर ही ऑनलाइन पढ़ाई करने लगा.

चैंपियन रेसलर से कातिल बनने का सफर

घर से ऑनलाइन पढ़ाई करने के बावजूद केन क्लार्क अपने इलाके के मैडिसन हाई स्कूल की गेम एक्टिविटी में हिस्सा लेता था. वह 2024 से 2025 तक स्कूल की रेसलिंग टीम का एक अहम हिस्सा रहा. जनवरी 2024 में स्कूल की रेसलिंग टीम ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर कर केन क्लार्क को एक बड़े टूर्नामेंट में पहला स्थान हासिल करने और अवॉर्ड जीतने पर बधाई भी दी थी. वह रेसलिंग में अपना नाम बना रहा था, लेकिन पिछले कुछ समय से उसने स्कूल की सभी गतिविधियों से दूरी बना ली थी.

रिकॉर्ड्स के मुताबिक, केन क्लार्क पढ़ाई में भी ठीक था और स्कूल स्तर पर उसके खिलाफ कंप्लेन नहीं थी, सिवाय 2015 के एक छोटे से वाकये के जब उसने एलीमेंट्री स्कूल में किसी बच्चे के पैर पर मुक्का मार दिया था. ऐसे में यह सवाल हर किसी को परेशान कर रहा है कि आखिर ऑनलाइन दुनिया या किस नफरती माहौल ने इस सीधे-साधे दिखने वाले खिलाड़ी को अचानक एक आत्मघाती हत्यारे में बदल दिया.

पोते की करतूत से सदमे में दादा-दादी

इस भयावह वारदात के बाद केन क्लार्क के परिजन गहरे सदमे और कड़े विरोध का सामना कर रहे हैं. सैन डिएगो में उनके घर के बाहर सीएनएन से बातचीत में केन के दादा डेविड क्लार्क और दादी डेबोरा क्लार्क ने बेहद भावुक होकर कहा, "हम अभी भी इस सच को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं कि हमारे पोते ने ऐसा किया है. जो कुछ भी हुआ, उसके लिए हम दिल से माफी मांगते हैं." उन्होंने केन को एक 'अच्छा बच्चा' बताया और इसके बाद हाथ जोड़कर रोते हुए अपने घर के अंदर चले गए.

केन क्लार्क के साथ रेसलिंग की प्रैक्टिस करने वाले उसके एक पुराने साथी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि केन घर पर रहकर पढ़ाई (होमस्कूलिंग) करता था, इसलिए वह टीम के लड़कों के साथ घुलने-मिलने और दोस्त बनाने की काफी कोशिश करता था.

साथी खिलाड़ी के मुताबिक, "वह एक बेहद सामान्य और अच्छा लड़का लगता था. उसे देखकर कभी नहीं लगा कि वह ऐसा खौफनाक कदम उठा सकता है. मैंने कभी उसके मुंह से मुस्लिमों के खिलाफ या किसी भी तरह की नस्लीय नफरत वाली बातें नहीं सुनी थीं."

सैन डिएगो पुलिस अब इस मामले की गहन जांच कर रही है कि आखिर इन दोनों किशोरों के दिमाग में जहर किसने और कैसे घोला. दोनों हमलावरों की मौत हो चुकी है, लेकिन यह घटना अमेरिका में बढ़ रहे हेट क्राइम पर सवाल खड़े कर रही है.

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