दुनिया के सबसे ताकतवर मुल्क अमेरिका की संसद का सीनेटर भी कम शक्तिशाली नहीं होता. अमेरिकी संसद के उच्च सदन सीनेट में 50 राज्यों के कुल 100 सदस्य होते हैं. मिशिगन से सीनेट चुनाव जीते अब्दुल अल-सैयद भी उन्हीं में से एक हैं. सीनेटर का 6 साल का कार्यकाल होता है और उसकी ताकत बेहद मायने रखती है. अमेरिकी इतिहास में जॉन एफ. कैनेडी, रिचर्ड निक्सन, लिंडन बी. जॉनसन, जो बाइडेन, बराक ओबामा जैसे राष्ट्रपति पहले सीनेटर रहे. सीनेटर बनने को राष्ट्रपति बनने का रास्ता भी माना जाता है. आइए जानते हैं सीनेटर का अधिकार...
सीनेटर के पास विशेषाधिकार
अमेरिकी सीनेटर के पास फिलिबस्टर सबसे बड़ी ताकत होती है. सीनेट में किसी भी विधेयक पर चर्चा की कोई समयसीमा तय नहीं होती. कोई भी सीनेटर किसी बिल का विरोध करने के लिएखड़े होकर अनिश्चितकाल तक बोलते हुए वोटिंग को रोक सकता है.फिलिबस्टर खत्म कर वोटिंग के लिए कम से कम 60 सीनेटरों की जरूरत होती है. सीनेट में मामूली बहुमत का अंतर ज्यादातर होने से अकेला सीनेटर बड़े से बड़ा कानून अटका सकता है.
सीनेट में वीटो जैसा अधिकार
कोई भी अकेला सीनेटर अपने पार्टी नेतृत्व को लिखित सूचना देकर किसी भी बिल, संधि या राष्ट्रपति के नामित अधिकारी की नियुक्ति की प्रक्रिया पर अकेले दम पर रोक लगा सकता है.
एक अकेला सीनेटर विदेश विभाग के अधिकारियों या राजदूतों की नियुक्ति को महीनों रोके रख सकता है.
संशोधन पेश करने का हक
सीनेटर किसी भी विधेयक पर ऐसा संशोधन पेश कर सकता है जिसका उस मूल विधेयक से कोई सीधा संबंध न हो. इससे वो अपने राज्य के हितों या प्राथमिकता को जबरन कानून का हिस्सा बनवा सकते हैं.
राष्ट्रपति पर सीधा नियंत्रण
अमेरिका में राष्ट्रपति की लगभग हर बड़ी शक्ति सीनेट की मंजूरी जरूरी होती है. यह अधिकार निचले सदन प्रतिनिधि सभा के पास नहीं है. यह सिर्फ सीनेट का विशेषाधिकार है:
राष्ट्रपति के नामित सुप्रीम कोर्ट जज की नियुक्ति बिना सीनेट मंजूरी के नहीं हो सकती. सीनेटर दशकों तक जजों की नियुक्ति को रोक या पास कर सकते हैं.विदेश मंत्री, रक्षा मंत्री, अटॉर्नी जनरल, CIA और FBI निदेशक या राजदूतों की नियुक्ति सीनेट से मंजूरी पर निर्भर है. सीनेटर इन अधिकारियों की सार्वजनिक सुनवाई करते हैं और उन्हें पद की शपथ लेने से रोक सकते हैं.
अंतरराष्ट्रीय मामलों में भी प्रभावशाली
किसी भी अंतरराष्ट्रीय संधि लागू होने के लिए सीनेट में दोतिहाई बहुमत की आवश्यकता होती है. अगर 34 सीनेटर भी विरोध में आ जाएं तो राष्ट्रपति का कोई भी अंतरराष्ट्रीय समझौता खारिज हो जाता है.
महाभियोग में सबसे बड़ी कोर्ट
अमेरिकी संविधान में जब निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रंजेंटेटिव में राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति या फेडरल जजों पर महाभियोग लगाया जाता है तो सीनेट में मुकदमा चलता है. सीनेट एक अदालत में तब्दील हो जाती है, जहां सीनेटर जज की भूमिका निभाते हैं. किसी राष्ट्रपति को पद से हटाने में सीनेटरों के दो तिहाई बहुमत की जरूरत होती है.
संसद की स्थायी समितियों में सदस्य
सीनेट की विदेश, वित्त और गृह जैसे मामलों की स्थायी समितियां बेहद ताकतवर होती हैं. सीनेट समितियां किसी भी कारर्पोरेट कंपनी, बैंक के प्रमुख, सैन्य अधिकारी या कैबिनेट सचिव को गवाही के लिए समन कर सकती हैं.सीनेट इंटेलिजेंस कमेटी के सदस्यों के पास देश के सबसे गुप्त सैन्य और जासूसी अभियानों की सीधी जानकारी और उनकी समीक्षा का अधिकार होता है.
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