- अमेरिका में मिडटर्म चुनाव में डेमोक्रेट कैंडिडेट अब्दुल अल सैयद चुनाव जीते
- AIMIM चीफ असुद्दीन ओवैसी ने कहा कि अब यूपी की बारी है
- उन्होंने एक्स पर लिखा है कि अब्दुल दरी नहीं बिछाएगा
अमेरिका के मिडटर्म इलेक्शन में मिशिगन से सीनेट के लिए चुनाव जीतने वाले डेमोक्रेट प्रत्याशी अब्दुल अल सैयद का जिक्र करते हुए AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने इसे यूपी चुनाव से भी जोड़ा है. उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि एक अब्दुल मिशिगन में जीत गया. अब उत्तर प्रदेश के अब्दुल को अपनी सियासी पहचान मजबूत करनी होगी. गौरतलब है कि अमेरिका के मध्यावधि चुनाव में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी की करारी हार हुई है. 50 साल में पहली बार सत्तारूढ़ पार्टी सीनेट और प्रतिनिधि सभा दोनों में बहुमत खो चुकी है. ट्रंप ने चुनावों के दौरान अब्दुल अल सैयद को लेकर बयान भी दिया था लेकिन उनका ये दांव काम नहीं आया. अब्दुल ने रिपब्लिकन कैंडिडेट माइक रोजर्स को मात दी है.
एक अब्दुल मिशिगन में जीत गया, अब उत्तर प्रदेश के अब्दुल को अपनी सियासी पहचान मज़बूत करनी होगी। संघियों ने “अब्दुल” को एक तंज़ में बदलने की बहुत कोशिश की है। वक़्त आ गया है कि हम दिखाएँ कि अब्दुल अल्लाह के सिवा किसी की ग़ुलामी नहीं करता। अब दरी नहीं बिछाएँगे।
— Asaduddin Owaisi (@asadowaisi) November 4, 2026
ओवैसी का बड़ा बयान
ओवैसी ने एक्स पर पोस्ट में लिखा है, 'एक अब्दुल मिशिगन में जीत गया, अब उत्तर प्रदेश के अब्दुल को अपनी सियासी पहचान मज़बूत करनी होगी. संघियों ने “अब्दुल” को एक तंज में बदलने की बहुत कोशिश की है. वक्त आ गया है कि हम दिखाएं कि अब्दुल अल्लाह के सिवा किसी की गुलामी नहीं करता. अब दरी नहीं बिछाएंगे.
यूपी चुनाव से पहले अब्दुल बयान
गौरतलब है कि यूपी में अगले साल के शुरू में विधानसभा चुनाव होने हैं. ओवैसी ने चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन के लिए हाथ बढ़ाया था लेकिन अखिलेश यादव ने AIMIM को भाव नहीं दिया है. अब ओवैसी ने अमेरिकी चुनाव का जिक्र कर एक फिर से उत्तर प्रदेश का जिक्र किया है. उन्होंने इस पोस्ट के जरिए एक बार फिर से यूपी की राजनीति में अपनी मंशा साफ कर दिया है.
कौन हैं अब्दुल सैयद
अब्दुल अल सैयद मिशिगन सीनेट सीट से डेमोक्रेट प्रत्याशी थे. पेशे से डॉक्टर Abdul El Sayed सैयद महामारी विशेषज्ञ हैं. मिशिगन के डेट्रॉयट शहर में जन्मे सैयद मिस्र के अप्रवासी माता-पिता की संतान है. उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन से ग्रेजुएशन किया फिर ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से पब्लिक हेल्थ में डॉक्टरेट की उपाधि ली. इस चुनाव में उन्हें बड़ी जीत मिली है.
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