अफगानिस्तान की सीमा पार कर 4 अमेरिकी दूसरे देश पहुंचे, सैन्य वापसी के बाद पहला अभियान

काबुल ( US troops Afghanistan) से अमेरिकी सेना की 31 अगस्त को पूरी तरह वापसी के एक हफ्ते के बाद पहली बार किसी अमेरिकी को इस तरह अफगानिस्तान छोड़ने की इजाजत मिली है.

अफगानिस्तान की सीमा पार कर 4 अमेरिकी दूसरे देश पहुंचे, सैन्य वापसी के बाद पहला अभियान

अमेरिकी सेना ने 31 अगस्त को अफगानिस्तान पूरी तरह छोड़ दिया था

वाशिंगटन:

अमेरिका के चार नागरिकों को अफगानिस्तान छोड़कर सड़क मार्ग से किसी तीसरे देश पहुंचाया गया है. तालिबान (Taliban) के काबुल पर कब्जे और अमेरिकी सेना ( US troops Afghanistan) की 31 अगस्त को पूरी तरह वापसी के एक हफ्ते के बाद पहली बार किसी अमेरिकी को इस तरह अफगानिस्तान छोड़ने की इजाजत मिली है. अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने सोमवार को जानकारी दी कि उसने अपने चार नागरिकों को अफगानिस्तान (Afghanistan) से सुरक्षित निकाला है. हालांकि इन नागरिकों को किस सड़क मार्ग से निकाला गया और किस देश में ले जाया गया, इसकी जानकारी सुरक्षा कारणों से नहीं दी
गई है.

सीएनएन ने अमेरिकी विदेश मंत्रालय के हवाले से इतना ही कहा कि हमारे दूतावास ने सीमा पारकर तीसरे देश में पहुंचने के बाद इन नागरिकों का स्वागत किया. काबुल ( US troops Afghanistan) से अमेरिकी सेना की 31 अगस्त को पूरी तरह वापसी के एक हफ्ते के बाद पहली बार किसी अमेरिकी को इस तरह अफगानिस्तान छोड़ने की इजाजत मिली है. ओकलाहोमा के रिपब्लिकन सांसद मार्क मुलिन ने बताया कि ये चारों नागरिक टेक्सास के हैं, जिनमें तीन बच्चे और एक महिला शामिल है.

ये सभी अमेरिकी गैर सरकारी संस्था समूह से जुड़े थे, जो अमेरिकी स्पेशल फोर्स, सेना, कांट्रैक्टर और अन्य का सहयोग करते थे. ये समूह अमेरिकियों और विशेष आव्रजन वीजा धारकों को अफगानिस्तान से बाहर ले जाने के काम में सक्रिय था. उधर, अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन और रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन ने सोमवार को कतर की राजधानी दोहा में अमीर शेख तमीम बिन हमाद से मुलाकात की. ब्लिंकेन अफगानिस्तान से अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षित वापसी में मदद का आभार जताने के लिए कतर समेत कई देशों की यात्रा पर हैं. 

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हालांकि ऐसी खबरें हैं कि तालिबान ने मजार ए शरीफ एयरपोर्ट से कुछ निजी विमानों की उड़ानें रोक दी हैं. कहा यह भी जा रहा है कि इनमें तमाम अफगान नागरिक भी हैं, जिनके पास पासपोर्ट या वीजा नहीं है. अमेरिकी संसद ने आरोप लगाया है कि तालिबान इन चार्टर विमानों को उड़ान भरने की मंजूरी नहीं दे रहा है.