उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश की वजह से हालात बेहद खराब नजर आ रहे हैं. राज्य में लगभग 60 से ज्यादा सड़के मलबा और बोल्डर आने के कारण बंद हो गई हैं, जिनको लगातार खोलने का प्रयास किया जा रहा है. इन बंद हुई सड़कों में कई खोली गई हैं, लेकिन लगातार हो रही बारिश की वजह से बार-बार सड़क पर मलबा आ रहा है. वहीं उत्तराखंड मौसम विज्ञान केंद्र ने आगे 24 घंटे के लिए राज्य के 5 जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है.
बीते 24 घंटों में कहां कितनी बारिश?
बुधवार को देहरादून के बागेश्वर समेत राज्य के कई हिस्सों में बारिश ने सामान्य जनजीवन को प्रभावित किया है. देहरादून की कई सड़के जलभराव के कारण डूबी हुई रहीं. मानसून को अभी केवल 48 घंटे ही आए हुए उत्तराखंड में हुए हैं और उसके साइड इफेक्ट भी दिखने शुरू हो गए हैं. देहरादून मालदेवता की तरफ सड़क पर मलबा आने के कारण काफी देर तक सड़क बाधित रही. देहरादून से सॉन्ग नदी बांध को जाने वाला रास्ता कई घंटे तक बंद रहा. इसकी वजह रही लगातार सड़क पर बड़े-बड़े पत्थर और मलबा आना. वहीं, पिछले 24 घंटे में देहरादून में 65 मिमी, मसूरी में 52 मिमी, जॉली ग्रांट में मिमी, गरुड़ बागेश्वर में 68 मिमी, चंपावत में 61 मिमी, बनबसा में 61 मिमी, नरेंद्र नगर में 34 मिमी और सोमेश्वर में 36 मिमी बारिश हुई.

शिव की विशाल प्रतिमा छाती तक उफनती अलकनंदा में समाई
रुद्रप्रयाग में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच अलकनंदा नदी विकराल रूप धारण करती जा रही है. नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से हालात चिंताजनक बने हुए हैं. स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बेलनी पुल के नीचे स्थापित भगवान शिव की विशाल प्रतिमा छाती तक उफनती अलकनंदा में समा गई है. यह दृश्य लोगों के लिए कौतूहल के साथ-साथ चिंता का विषय भी बन गया है. बीते 24 घंटों से जारी बारिश के कारण अलकनंदा अपने पूरे वेग से बह रही है. नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से तटवर्ती क्षेत्रों में खतरा मंडराने लगा है. बेलनी पुल के नीचे स्थित शिव प्रतिमा, जो सामान्य दिनों में पूरी तरह दिखाई देती है, अब आधी जलधारा में डूब चुकी है. तेज बहाव और गर्जना करती नदी का दृश्य मानसून की भयावहता का एहसास करा रहा है. नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है. आपदा प्रबंधन, पुलिस और राजस्व विभाग की टीमें संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं. अधिकारियों ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी संबंधित विभागों को अलर्ट पर रखा गया है.

बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग एक बार फिर बंद
लगातार हो रही बारिश के बीच श्रीनगर-रुद्रप्रयाग के बीच सिरोबगड़ स्लाइड जोन में पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और पत्थर गिरने के कारण बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग एक बार फिर बंद हो गया है. लगातार हो रहे भूस्खलन से मार्ग पर आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं. सिरोबगड़ स्लाइड जोन पिछले करीब तीन दशकों से राष्ट्रीय राजमार्ग का सबसे बड़ा जख्म बना हुआ है. हर मानसून में यह क्षेत्र चारधाम यात्रा, स्थानीय लोगों और आवश्यक आपूर्ति के लिए गंभीर चुनौती बन जाता है. करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद इस स्लाइड जोन का स्थायी समाधान अब तक नहीं निकल सका है.
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उत्तराखंड मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के पांच जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अगले 24 घंटे के लिए अलर्ट जारी किया है. मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, देहरादून, बागेश्वर, नैनीताल, पौड़ी, टिहरी, भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. मौसम विज्ञान केंद्र के अलर्ट को देखते हुए राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी जिलों के लिए एडवाइजरी जारी कर दी है.
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