अक्टूबर का महीना लग गया है और भारत में आमतौर पर 30 सितंबर तक मॉनसून की विदाई हो जाती है. मॉनसून इस बार भले ही कमजोर रहा हो लेकिन अभी भी यह कई हिस्सों में एक्टिव है, जिस कारण आने वाले दिनों में कई जगहों में बारिश होने के आसार हैं.
मौसम विभाग का कहना है कि मॉनसून को पूरी तरह से विदा होने में अभी कुछ दिन और लग सकते हैं. मौसम विभाग ने बताया कि अक्टूबर के शुरुआती दो हफ्तों में कुछ जगहों पर बारिश होने की संभावना है. इसके साथ ही अब सर्दियों की शुरुआत भी होने वाली है. मौसम विभाग के मुताबिक, देश के कई हिस्सों में अक्टूबर के पहले हफ्ते में न्यूनतम तापमान में 1 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है.
कहां-कहां बारिश का अनुमान?
मौसम विभाग ने गुरुवार को बताया कि अगले 24 घंटों के दौरान दक्षिणी भारत में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश होने की बहुत ज्यादा संभावना है. जबकि केरल में अलग-अलग हिस्सों में बहुत भारी बारिश होने के आसार हैं.
मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 24 घंटों के दौरान पूर्वोत्तर राज्यों में भी अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश हो सकती है. अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में बारिश होने के आसार हैं.

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आने वाले दिनों में भी कई जगहों पर बारिश होने की संभावना है. जम्मू-कश्मीर के कुछ इलाकों में 6-7 अक्टूबर, हिमाचल प्रदेश में 5-7 अक्टूबर, उत्तराखंड में 5-7 अक्टूबर, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में 6-7 अक्टूबर और उत्तर प्रदेश में 7 अक्टूबर को बारिश हो सकती है.
इसके अलावा, पूर्वी मध्य प्रदेश में 3 अक्टूबर तक, छत्तीसगढ़ में 2 से 7 अक्टूबर तक, गोवा और मध्य महाराष्ट्र में 7 अक्टूबर तक बारिश होने की संभावना है.
कैसा रहा मॉनसून का सीजन?
इस बार मॉनसून पर अल-नीनो का असर दिखा. मौसम विभाग ने बताया कि 2001 के बाद मॉनसून के दौरान चौथी बार सबसे कम बारिश हुई है.
इस बार सामान्य से 13% कम बारिश हुई है. 1 जून से 30 सितंबर के बीच 868.6 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन हुई 759.4 मिमी.

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मौसम विभाग के मुताबिक, इस साल बारिश की कमी जून में सबसे ज्यादा 35.4% रही. इसके बाद अगस्त में 16.3% और सितंबर में 7.6% की कमी दर्ज की गई. जुलाई ही एकमात्र ऐसा महीना रहा, जब सामान्य से ज्यादा बारिश हुई और इस दौरान एक प्रतिशत ज्यादा बारिश दर्ज की गई.
मौसम विभाग के डीजी डॉ. मृत्युंजय महापात्र ने एक बयान में कहा कि यदि कम दबाव की प्रणालियों के कारण अतिरिक्त बारिश नहीं हुई होती तो देश में बारिश की कमी और ज्यादा हो सकती थी.
मॉनसून की वापसी के बारे में महापात्र ने कहा कि अब तक पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और पूरी दिल्ली से मॉनसून की वापसी हो चुकी है. इसके अलावा उत्तर प्रदेश और गुजरात के कुछ हिस्सों से भी मानसून लौट चुका है.
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