Uttarakhand Forest Fire: देहरादून जिले के दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्र त्यूणी में जंगल में लगी भीषण आग ने ऐसा तांडव मचाया कि पूरा इलाका दहशत में आ गया. चकराता वन प्रभाग की देवघार रेंज के जड़सू पाणी क्षेत्र में भड़की इस आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया और घने जंगल धधकती लपटों में घिर गए. तेज हवाओं के कारण आग तेजी से फैलते हुए किसानों के सेब के बागानों और ग्रामीणों की छानियों तक पहुंच गई. इस भीषण अग्निकांड में कई बगीचे जलकर राख हो गए और लोगों की आजीविका को भारी नुकसान पहुंचा. ग्रामीणों और वन विभाग की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर आंशिक काबू पाया जा सका.

Uttarakhand Forest Fire: जंगल की आग
देवघार रेंज में बेकाबू हुई आग
त्यूणी क्षेत्र के जड़सू पाणी इलाके में लगी आग ने अचानक विकराल रूप धारण कर लिया. घने जंगलों में चीड़ के पेड़ों में फैली आग तेज हवाओं के चलते तेजी से फैलती चली गई. ऊंची-ऊंची लपटों और धुएं के गुबार ने पूरे इलाके को अपनी चपेट में ले लिया. बताया जा रहा है कि आग इतनी भयावह थी कि कई किलोमीटर दूर तक उसका धुआं साफ दिखाई दे रहा था, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया.

Uttarakhand Forest Fire: उत्तराखंड के जंगलों में आग
सेब के बगीचे और छानियां जलीं, किसानों को भारी नुकसान
आग की लपटें जब जंगल से बाहर निकलीं तो उन्होंने किसानों के सेब के बगीचों को भी अपनी चपेट में ले लिया. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार एक दर्जन से अधिक बागानों को भारी नुकसान पहुंचा है. इसके साथ ही ग्रामीणों की पांच छानियां (पारंपरिक झोपड़ियां) भी जलकर पूरी तरह राख हो गईं. इससे किसान परिवारों को आर्थिक रूप से बड़ा झटका लगा है, क्योंकि उनकी सालभर की मेहनत कुछ ही घंटों में खत्म हो गई.
रातभर आग बुझाने में जुटे ग्रामीण और वनकर्मी
आग लगने के बाद हालात इतने गंभीर हो गए कि ग्रामीणों को रातभर अपने घरों और मवेशियों की सुरक्षा के लिए मोर्चा संभालना पड़ा. वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र और तेज हवाओं के कारण आग पर काबू पाना बेहद मुश्किल साबित हुआ. इसके बाद ग्रामीणों और वनकर्मियों ने मिलकर संयुक्त अभियान चलाया और पूरी रात कड़ी मशक्कत की. सुबह तड़के जाकर कहीं आग पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सका, हालांकि कुछ जगहों पर अभी भी धुआं उठता देखा गया.

Uttarakhand Forest Fire: जंगल में आग से किसानों और ग्रामीणों को नुकसान
हाईवे किनारे आग से बढ़ी दहशत
त्यूणी-पुरोला हाईवे से सटे जंगलों में लगी इस आग ने वहां से गुजरने वाले लोगों को भी डरा दिया. सड़क किनारे भड़कती आग और आसमान में फैलते धुएं के बादल ने पूरे वातावरण को भयावह बना दिया. इस दौरान आग की तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हुईं, जिससे लोगों में चिंता और डर का माहौल और बढ़ गया.
ग्रामीणों की आंखों में आंसू, प्रशासन से मदद की मांग
इस अग्निकांड के बाद गांव में तबाही का मंजर देखने को मिला. जिन किसानों के बगीचे जल गए, उनकी आंखों में दर्द और चिंता साफ झलक रही है. पीड़ित किसानों का कहना है कि उनकी सालभर की मेहनत एक झटके में खत्म हो गई और अब उनके सामने आमदनी का संकट खड़ा हो गया है. उन्होंने प्रशासन से मुआवजा और सहायता देने की मांग की है.
बढ़ती गर्मी से बढ़ा खतरा
विशेषज्ञों और स्थानीय लोगों का मानना है कि पहाड़ी इलाकों में बढ़ती गर्मी और सूखे के कारण जंगलों में आग लगने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं. त्यूणी की यह घटना एक चेतावनी है कि यदि समय रहते वनाग्नि पर प्रभावी नियंत्रण नहीं किया गया, तो आने वाले समय में ऐसे हादसे और भी गंभीर रूप ले सकते हैं.
प्रशासन सतर्क, निगरानी जारी
वन विभाग और स्थानीय प्रशासन अब प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी कर रहे हैं, ताकि आग दोबारा न भड़क सके. फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन इलाके में अभी भी सतर्कता बरती जा रही है. यह घटना न केवल पर्यावरण, बल्कि ग्रामीणों की आजीविका पर भी गहरा असर छोड़ गई है.
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