- बुर्गुलेरी गैंग' का मतलब ऐसा गिरोह जो घर का ताला तोड़कर वारदात को अंजाम देता है.
- दिल्ली एनसीआर ही नहीं बल्कि यूपी और महाराष्ट्र में भी आरोपियों पर केस दर्ज.
- कार पर लगी फर्जी नंबर प्लेट से हुआ शक, गाड़ी ट्रैक कर आरोपियों तक पहुंची दिल्ली पुलिस.
दिल्ली पुलिस की साउथ डिस्ट्रिक्ट के थाना लोधी कॉलोनी की टीम ने एक बेहद शातिर अंतरराज्यीय बुर्गुलेरी (घर का ताला तोड़ने वाले) गैंग का भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने टेक्निकल और मैनुअल सर्विलांस की मदद से करीब 200 किलोमीटर तक पीछा करने के बाद इस गिरोह के 6 सदस्यों को दबोच लिया. इस गैंग के खिलाफ दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में 70 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं.
लोधी रोड पर चोरी के बाद एक्शन में आई पुलिस
डीसीपी (साउथ डिस्ट्रिक्ट) अनंत मित्तल ने बताया कि बीती 14 मई को लोधी रोड कॉम्प्लेक्स स्थित एक सरकारी फ्लैट का ताला तोड़कर सोने-चांदी के गहने चोरी होने की शिकायत मिली थी. इसके बाद थाना लोधी कॉलोनी में एफआईआर (FIR) दर्ज कर जांच शुरू की गई.
CCTV से खुला राज, 200 किमी तक पीछा
जांच के दौरान पुलिस को सीसीटीवी फुटेज में एक संदिग्ध मारुति सेलेरियो कार (DL8CAY76) दिखाई दी, जिस पर फर्जी नंबर प्लेट लगी थी. पुलिस ने दिल्ली-एनसीआर के सैकड़ों कैमरों के जरिए इस गाड़ी को ट्रैक किया.
पकड़े जाने के डर से आरोपी लगातार अपना रास्ता बदल रहे थे. यह गाड़ी बारापुला, रिंग रोड, सराय काले खां, मेरठ एक्सप्रेसवे, गाजियाबाद, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और नोएडा से होते हुए गुजरी, लेकिन पुलिस टीम ने इनका पीछा नहीं छोड़ा. आखिरकार पुलिस ने गाड़ी को गीता कॉलोनी में लोकेट किया. 20 मई को शाम करीब 7 बजे जैसे ही तीन आरोपी कार में सवार हुए, पुलिस ने घेराबंदी कर उन्हें दबोच लिया. इनसे पूछताछ के बाद चोरी का माल ठिकाने लगाने वाली दो महिला सहयोगियों और एक सुनार को भी गिरफ्तार कर लिया गया.
गैंग का मॉडस ऑपेरंडी
यह गैंग फर्जी नंबर प्लेट लगी मारुति सेलेरियो कार से पॉश और रिहायशी कॉलोनियों में घूमकर रेकी करता था. दिन के समय जो घर या फ्लैट बंद मिलते थे, उन्हें निशाना बनाया जाता था. स्पेशल हाउस-ब्रेकिंग टूल्स और 34 मास्टर चाबियों की मदद से मिनटों में ताला तोड़ दिया जाता था. चोरी का सामान आरोपी अपनी पत्नियों/महिला सहयोगियों को दे देते थे, ताकि किसी को शक न हो. इसके बाद ये महिलाएं त्रिलोकपुरी के एक सुनार को जेवरात बेच देती थीं.
गिरफ्तार आरोपियों का विवरण
सचिन आनंद उर्फ ढाबा (उम्र 38 वर्ष): यह आरोपी दिल्ली के शास्त्री नगर का रहने वाला है. वह गीता कॉलोनी थाने का एक सक्रिय 'बैड कैरेक्टर' (घोषित अपराधी) है और उसके खिलाफ पहले से 30 आपराधिक मामले दर्ज हैं.
पप्पू उर्फ रामजीलाल उर्फ छोटू (उम्र 55 वर्ष): यह आरोपी दिल्ली के त्रिलोकपुरी का निवासी है. वह त्रिलोकपुरी थाने का सक्रिय 'बैड कैरेक्टर' है और इस पर 28 मामले दर्ज हैं.
गोपाल उर्फ अजय (उम्र 40 वर्ष): यह आरोपी भी दिल्ली के त्रिलोकपुरी इलाके का रहने वाला है और इसके खिलाफ पहले से 11 आपराधिक मामले दर्ज हैं.
रेखा: यह आरोपी पप्पू की पत्नी है, जो चोरी का सामान छुपाने और उसे आगे ठिकाने लगाने में गैंग की मदद करती थी.
जानकी: यह आरोपी गोपाल की पत्नी है, यह भी अपनी महिला सहयोगी के साथ मिलकर चोरी के जेवरात को बेचने का काम करती थी.
राजेंद्र कुमार: यह दिल्ली के त्रिलोकपुरी इलाके का एक सुनार है, जो इस गैंग से चोरी के सोने-चांदी के आभूषण बेहद कम दामों में खरीदता था.
क्या-क्या हुआ बरामद?
पुलिस ने इन बदमाशों के कब्जे से भारी मात्रा में चोरी का सामान और वारदात में इस्तेमाल गैजेट्स बरामद किए हैं.
- 1 कीमती हीरे की अंगूठी
- 6 ब्रांडेड कलाई घड़ियां
- 1 इंस्टैक्स मिनी-12 कैमरा और विदेशी मुद्रा
- ताला तोड़ने के औजार और **34 मास्टर चाबियां**
- वारदात में इस्तेमाल नकली नंबर प्लेट वाली मारुति सेलेरियो कार.
6 मामले सुलझे, जांच जारी
डीसीपी साउथ अनंत मित्तल के मुताबिक, इस गिरोह की गिरफ्तारी से फिलहाल चोरी के 6 मामलों को सुलझा लिया गया है. गैंग के अन्य राज्यों और वारदातों में शामिल होने का पता लगाने के लिए आगे की पूछताछ और जांच जारी है.
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