हल्द्वानी के बनभूलपुरा में रेलवे अतिक्रमण के मामले में बड़ा बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है. जांच में सामने आया है कि पीएम आवास योजना के लिए उन लोगों ने भी आदवेन किए हैं, जिनके पास पहले से पक्के मकान हैं. अब कार्रवाई के डर से लोग अपने आदवेन वापस ले रहे हैं.
दरअसल, अतिक्रमण के मामले में बनभूलपुरा में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत कैंप लगाए गए थे. इसमें 7000 आवेदन प्राप्त हुए थे. नगर आयुक्त परितोष वर्मा के अनुसार, जब इन आवेदनों की स्क्रूटनी की गई तो सामने आया कि कई आवेदकों के पास पहले से ही मकान है. जांच में गड़बड़ी सामने आने के बाद अब कार्रवाई के डर से लोग खुद ही अपने आवेदन वापस लेने लगे हैं. नगर आयुक्त ने बताया कि आवेदकों द्वारा पहले शपथ पत्र भी दिया गया था, लेकिन अब कई लोग स्वयं सामने आकर यह स्वीकार कर रहे हैं कि वे पहले ही सरकारी योजनाओं का लाभ ले चुके हैं.
पात्र लोगों को चिंता करने की जरूरत नहीं
नगर आयुक्त ने कहा कि जिन लोगों ने गलत तरीके से आवेदन किए हैं, वे खुद आगे आकर अपने फॉर्म निरस्त करवा सकते हैं. जो पात्र हैं, उनके आवेदन पर आगे की कार्रवाई की जाएगी, उन्हें किसी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है.
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आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे
नगर आयुक्त परितोष वर्मा ने कहा कि अतिक्रमण कार्रवाई में जिन लोगों के मकान गए हैं, उन्हें ही पीएम आवास योजना का लाभ मिलेगा. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर आवेदन करने के लिए कैंप लगाया गया था. जिन लोगों के पास पहले से मकान हैं, उनके आवेदन स्वीकर नहीं किए जाएंगे. गलत तरीके से आवेदन करने वालों पर कार्रवाई भी की जा सकती है.
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(हर्ष रावत की रिपोर्ट)
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