उत्तर प्रदेश के बांदा जिले की एक विशेष अदालत ने बीस साल पुराने बलात्कार के एक मामले में दोषी युवक को उम्रकैद और जुर्माने की सजा सुनाई है. अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता विमल सिंह ने रविवार को बताया ,‘‘बांदा शहर के एक मुहल्ले की रहने वाली युवती 25 मई 1999 की शाम कुएं से पानी भरने गयी थी. जहां बंगालीपुरा मुहल्ला निवासी फट्टी उर्फ बबलू खां ने चाकू का भय दिखाकर उसके साथ बलात्कार किया था.'' उन्होंने बताया कि इस मामले में पुलिस अधीक्षक के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर धारा-376, 323, 504, 506 आईपीसी और अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 की धारा-3(1)5 के तहत न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था.
सिंह ने बताया, ‘‘एससी-एसटी एक्ट न्यायालय के विशेष न्यायाधीश बृजेन्द्र कुमार शैलत की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद बबलू खां को दोषी मानते हुए शनिवार को उसे उम्रकैद और 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई.'' इसी मामले में सहयोगी के रूप में आरोपित किये गए मथुरा प्रसाद को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया.
खबरों की खबर: रेप केस को सांप्रदायिक रंग क्यों?
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